चयन बोर्ड में सदस्य नहीं, लटक सकती है शिक्षक भर्ती
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माध्यमिक शिक्षा परिषद से सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती के लिए बनाया गया उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड सदस्यों की कमी से जूझ रहा है।
एक अध्यक्ष व 10 सदस्य वाले इस चयन आयोग की स्थिति यह है कि यहां न तो स्थायी अध्यक्ष है और न ही पूरे सदस्य।
अभी मात्र छह सदस्य हैं, जिसमें से दो सदस्यों का कार्यकाल भी शुक्रवार को समाप्त हो रहा है। विभागीय जानकारों की मानें तो सदस्यों का कोरम पूरा न होने की वजह से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया लटक सकती है।
सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में प्रशिक्षित शिक्षक, प्रवक्ता व प्रधानाचार्य के पदों पर भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का गठन किया गया है।
सदस्यों की सलाह पर कराई जाती हैं भर्तियां
बोर्ड का अध्यक्ष सदस्यों की सलाह पर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी कराता है। बोर्ड में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर परशुराम पाल को अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन 23 अप्रैल 2015 को अचानक उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
बोर्ड में मौजूदा समय छह सदस्य हैं। इसमें से एक सदस्य अनीता यादव के पास बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष का चार्ज है। शेष पांच सदस्यों में दो का कार्यकाल शुक्रवार को समाप्त हो रहा है।
बोर्ड अध्यक्ष सदस्यों के सुझाव के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को पूरा करता है। बोर्ड में पहले से अध्यक्ष के साथ चार सदस्य कम थे, उस पर से दो सदस्य और कम होने के बाद शेष चार सदस्य ही बचेंगे।
इस स्थिति में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया भी असर पड़ने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।