फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   teachers protest at shikcha bhawan

शिक्षा भवन में तोड़फोड़, पढ़ाने से इन्कार

Fri, 01 Nov 2013 01:19 AM IST
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ Updated Fri, 01 Nov 2013 01:19 AM IST
विज्ञापन
teachers protest at shikcha bhawan
शिक्षा भवन में रिश्वतखोरी से त्रस्त शिक्षकों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। बुधवार को एक सेवा निवृत्त शिक्षक के आत्मदाह के प्रयास के बाद वे बेकाबू हो गए।
विज्ञापन


सैकड़ों की संख्या में शिक्षक गुरुवार को शिक्षा भवन पहुंच गए। उन्होंने जगतनारायण रोड जाम कर दिया। खासतौर से लेखाधिकारी से नाराज शिक्षकों ने उनके कार्यालय में तोड़फोड़ की।
विज्ञापन


उसके बाद  सभी शिक्षक वहां धरने पर बैठ गए और ऐलान किया कि जब तक लेखाधिकारी पर कार्रवाई नहीं होती तब तक परिषदीय  स्कूल बंद रहेंगे।


सेवानिवृत्त शिक्षक सैयद मसूद हसन ने बुधवार को लेखाधिकारी कार्यालय में खुद को आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया था।

काफी हद तक झुलस चुके श्री हसन का बलरामपुर अस्पताल में इलाज चल रहा है। शिक्षक ने आरोप लगाया है कि पेंशन जारी करने के लिए उनसे रिश्वत मांगी जा रही थी।

चार महीने पहले रिटायर होने के बावजूद अभी तक पंशन नहीं बनी है। शिक्षक के आत्मदाह की खबर जैसे-जैसे परिषदीय विद्यालयों के अन्य शिक्षकों तक पहुंची तो वे गुरुवार को शिक्षा भवन जा पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


देखते ही देखते यह संख्या सैकड़ों में पहुंच गई। उन्होंने सड़क पर जाम लगा दिया। उन्होंने लेखा कार्यालय में तोड़-फोड़ की। कुर्सी-मेज पलट दिए।

मेज के ऊपर रखे शीशे और बाकी सामान भी तोड़ दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें रोका तो नोंकझोंक शुरू हो गई। पुलिस ने पहले तो शिक्षकों पर दबाव बनाने की कोशिश की कोशिश की लेकिन शिक्षकों का रौद्र रूप देखकर बैकफुट पर आ गई।

पुलिस की मान-मनौव्वल पर शिक्षक शिक्षा भवन परिसर में आ गए।  इसके बाद शिक्षक बेसिक शिक्षा कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। शिक्षकों ने लेखा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हुए बिना अपना धरना समाप्त नहीं करने की बात कही है।


शिक्षकों ने अपने स्कूलों पर ताले भी जड़ दिए हैं। शिक्षकों के आक्रोश को देखते हुए शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी मौके पर पहुंचे उन्होंने शिक्षकों संयम बरतने और लेखा अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही।

इसके बावजूद शिक्षकों का कहना है कि उनका धरना तब तक चलता रहेगा जब तक लेखा अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हो जाती।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed