फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   teacher helper will recruited as assistant teacher

1.63 लाख शिक्षा मित्र बनेंगे सहायक शिक्षक

Mon, 16 Dec 2013 10:16 PM IST
शैलेंद्र श्रीवास्तव/लखनऊ
शैलेंद्र श्रीवास्तव/लखनऊ Updated Mon, 16 Dec 2013 10:16 PM IST
विज्ञापन
teacher helper will recruited as assistant teacher

प्रदेश की सपा सरकार ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शिक्षकों का दामन सौगातों से भरने की तैयारी कर ली है।

विज्ञापन


माध्यमिक शिक्षा परिषद के सहायता प्राप्त स्कूलों में सालों से कार्यरत 2448 तदर्थ शिक्षकों और प्राइमरी स्कूलों में लगे 1.63 लाख शिक्षा मित्रों को शिक्षक पद पर नियमित करने पर सहमति हो गई है।

प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश कुमार गर्ग की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में इस मसले पर विचार किया गया।

उम्मीद की जा रही है कि बुधवार को राजधानी में आयोजित शिक्षकों की रैली में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद ही इसकी घोषणा करेंगे।

मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राकेश कुमार गर्ग ने सोमवार को विभाग के मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।

इसमें बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी, राज्य मंत्री योगेश प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव वित्त आनंद मिश्रा, प्रमुख सचिव कार्मिक राजीव कुमार, प्रमुख सचिव समाज कल्याण सुनील कुमार, सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार व सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार शामिल हुए।
विज्ञापन


इसमें 8 अगस्त 1993 से 30 दिसंबर 2000 तक माध्यमिक शिक्षा परिषद से सहायता प्राप्त स्कूलों में रखे गए 2448 तदर्थ शिक्षकों तथा प्राइमरी स्कूलों में कार्यरत 1.63 लाख शिक्षा मित्रों को शिक्षक पद पर नियमित करने पर लगभग सहमति बन गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


माध्यमिक शिक्षा परिषद से निर्धारित वेतनमान तदर्थ शिक्षकों को दिया जा रहा है, बस केवल इन्हें नियमित किया जाना है। इनके नियमितीकरण पर सरकार को कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं आएगा।

इसी तरह वर्ष 2000 से प्राइमरी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षा मित्रों को भी नियमित कर सहायक अध्यापक का वेतनमान देने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई है।


ये शिक्षा मित्र पैरा टीचर की श्रेणी में आते हैं और इन्हें फिलहाल 3500 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि चूंकि यह पहले से ही शिक्षक की श्रेणी में आते हैं और बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इसलिए इन्हें नियमित करने में टीईटी आड़े नहीं आएगी। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने नए शिक्षकों को रखने पर टीईटी अनिवार्य किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed