टीचर्स की जिद से स्कूलों में ताला, भूखे लौट गए दो लाख बच्चे
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गर्मी की छुट्टियों के चलते शिक्षकों ने विद्यालय आने से मना कर दिया। ज्यादातर स्कूलों में ताला पड़ा रहा। मुश्किल से दस फीसदी स्कूलों में ही बच्चों को मिड-डे मील मिला। दो लाख के करीब बच्चे स्कूल बंद होने के कारण भूखे ही लौट गए।
पहले दिन ही शासन की मंशा शिक्षकों की जिद के आगे फेल हो गई। वैसे तो मिड डे मील केवल स्कूल खुलने के दिन ही दिया जाता है, लेकिन सूखाग्रस्त घोषित 58 जिलों में शामिल होने की वजह से लखनऊ के स्कूलों में भी मिड डे मील दिया जाना है। शासन ने 21 मई से मिड डे मील देने के निर्देश दिए थे।
मिड डे मील को लेकर रही मिली-जुली स्थिति
सोमवार और मंगलवार को छुट्टी के कारण बुधवार को राजधानी के दो लाख 10 हजार बच्चों को सुबह नौ बजे से 11 बजे के बीच मिड डे मील बांटा जाना था। शिक्षकों ने गर्मी की छुट्टी होने की बात कहते हुए स्कूल नहीं खोले।
तरसा मुबारकपुर, चक गंजागिरि, सरैंया, सरकपुर सरैंया, साढ़ामऊ जैसे कुछ स्कूलों में जरूर मध्यान्ह भोजन दिया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी का कहना है मिड डे मील को लेकर बुधवार को मिलीजुली स्थिति रही।
यह सही है कि प्राथमिक शिक्षक संगठन के विरोध की वजह से काफी स्कूलों पर ताला पड़ा। हालांकि बहुत से शिक्षकों ने स्कूल खोले भी थे, लेकिन वहां बच्चे नहीं आए। ऐसे में मिड-डे-मील खाने वाले बच्चों की संख्या 10 फीसदी से भी कम रही। गुरुवार को स्थिति को देखने के बाद आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।