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Lucknow News: बोगस कंपनियों के सहारे 2.04 करोड़ की टैक्स चोरी

Mon, 01 Sep 2025 02:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Mon, 01 Sep 2025 02:41 AM IST
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Tax evasion of Rs 2.04 crore with the help of bogus companies
लखनऊ। फर्जी पते के सहारे बोगस कंपनियां बनाकर 2.04 करोड़ की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। खंड 18 के उपायुक्त राज्य कर रुद्र शेखर राय ने काकोरी थाने में पंजीकृत दो फर्मों के मालिकों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
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नोबल इंटरप्राइजेज पर 75.51 लाख और ठाकुर इंटरप्राइजेज पर 1.29 करोड़ की कर चोरी का आरोप है। दोनों ही फर्में केंद्रीय क्षेत्राधिकार की हैं और सीजीएसटी में पंजीकृत हैं। दोनों ही के पंजीकृत पते घोषित स्थान पर नहीं पाए गए। उपायुक्त राज्य कर ने बताया कि जीएसटी ऑडिट अनुभाग के निर्देश पर राज्य एवं केंद्रीय क्षेत्राधिकार में पंजीकृत करदाताओं का सत्यापन व रेकी की जा रही है, जिसमें ये खुलासे हो रहे हैं। जांच में यह सामने आया है कि सुनियोजित तरीके से सरकारी राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है। सभी पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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घोषित पते पर नहीं मिली फर्म
रेकी रिपोर्ट के मुताबिक नोबल इंटरप्राइजेज की चार अगस्त को जांच की गई थी। इसमें पता चला कि सीजीएसटी में पंजीकृत फर्म नोबल इंटरप्राइजेज अपने घोषित पते काकोरी रोड मुबारकपुर में अस्तित्व में नहीं पाई गई। भवन मालिक ने भी बताया कि किसी नियाज नाम के व्यक्ति को किराये पर कोई स्थान नहीं दिया गया। मोबाइल नंबर भी कार्यशील नहीं पाया गया। फर्म ने 27 दिसंबर 2024 में प्लाईवुड व लेमिनेटेड लकड़ी के सामान की बिक्री के नाम पर पंजीकरण हासिल किया था। दाखिल रिटर्न की जांच में पता चला कि 75.51 लाख की कर चोरी की गई, जिसमें 37.25 लाख रुपये का हिस्सा राज्य सरकार का है।
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1.29 करोड़ की कर चोरी में राज्य का हिस्सा 61.19 लाख
काकोरी थाने में दर्ज मुकदमे में बताया गया है कि ठाकुर इंटरप्राइजेज अपने घोषित पता जूही कला दशडोई लखनऊ में नहीं पाई गई। पंजीकृत मोबाइल नंबर भी बंद मिला। सीजीएसटी के क्षेत्राधिकार में होने के कारण असिस्टेंट कमिश्नर सीजीएसटी को पत्र भेजा गया। जांच में पता चला की सीमेंंट, सैनिटरी आइटम, रॉड व अन्य उत्पादों की बिक्री के लिए 25 जुलाई 2024 को जीएसटी नंबर हासिल किया गया था। फर्म के मालिक राहुल कुमार यादव ने स्थायी पता मथुरा दर्ज कराया था। 1.29 करोड़ की कर चोरी में राज्य कर का 61.19 लाख का हिस्सा भी है।
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