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Lucknow News: कागजों में सिमटकर रह गई टास्कफोर्स, धड़ल्ले से दौड़ रहे ओवरलोड वाहन
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ओवरलोडिंग में पकड़े गए थे वाहन।
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लखनऊ। ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए गठित टास्कफोर्स फिलहाल जमीन पर नहीं दिख रही। परिवहन, पुलिस, खनन और जिला प्रशासन के बीच समन्वय की कमी के कारण ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। विभागों से सहयोग न मिलने से परिवहन विभाग के अभियान शिथिल पड़ गए हैं।
इसी शिथिलता के कारण टोल प्लाजा पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर ओवरलोड वाहनों को निकालने का बड़ा सिंडिकेट सक्रिय हो गया है। हाल ही में नवाबगंज टोल से निकले ऐसे ही वाहन के खिलाफ एआरटीओ (प्रवर्तन) आलोक कुमार यादव ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसटीएफ को सौंपी गई है। एसटीएफ अब आरटीओ कार्यालय से वाहनों का ब्योरा जुटाकर और टोलकर्मियों से पूछताछ कर इस पूरे सिंडिकेट के लिंक तलाश रही है।
नहीं मिल रहा सहयोग
सूत्रों के अनुसार, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) टोल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों का विवरण साझा नहीं कर रहा है। वहीं, खनन विभाग से भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, इधर परिवहन व खनन विभाग ने मिलकर कुछ ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसा है।
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स्कूली वाहनों के काम में उलझे अफसर
वर्तमान में परिवहन विभाग की पूरी प्रवर्तन टीम उत्तर प्रदेश एकीकृत स्कूल वाहन प्रबंधन पोर्टल पर स्कूली वाहनों का विवरण अपलोड करने में व्यस्त है। अधिकारियों से लेकर बाबुओं तक को इसी कार्य में लगा दिया गया है, जिसके कारण ओवरलोडिंग के खिलाफ चलाए जाने वाले नियमित चेकिंग अभियान ठप पड़ गए हैं। इसी का फायदा उठाकर अवैध ओवरलोड वाहन सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं।
Iओवरलोड वाहनों पर लगाम कसने के लिए टास्कफोर्स बनी है। प्रभावी कार्रवाई के लिए सभी विभागों का निरंतर समन्वय अनिवार्य है। वर्तमान में प्रवर्तन टीम की व्यस्तता ''उत्तर प्रदेश एकीकृत स्कूल वाहन प्रबंधन पोर्टल'' पर डेटा फीडिंग को लेकर भी है, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके बावजूद, जहा भी फर्जी नंबरों या अवैध ओवरलोडिंग की सूचना मिल रही है, हम कठोर कार्रवाई कर रहे हैं। नवाबगंज टोल मामले में हमने ही एफआईआर दर्ज कराई है।I
I- प्रभात पांडेय, आरटीओ (प्रवर्तन)I
Iशहर के एंट्री पॉइंट पर टास्कफोर्स की मदद से समय-समय पर ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। यह कार्रवाई परिवहन विभाग के साथ मिलकर की जाती है, जो निरंतर जारी है। प्रयास है कि ओवरलोडिंग पर पूरी तरह से नकेल कसी जाए। I
I- राघवेंद्र सिंह, एडीसीपी ट्रैफिकI
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इसी शिथिलता के कारण टोल प्लाजा पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर ओवरलोड वाहनों को निकालने का बड़ा सिंडिकेट सक्रिय हो गया है। हाल ही में नवाबगंज टोल से निकले ऐसे ही वाहन के खिलाफ एआरटीओ (प्रवर्तन) आलोक कुमार यादव ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसटीएफ को सौंपी गई है। एसटीएफ अब आरटीओ कार्यालय से वाहनों का ब्योरा जुटाकर और टोलकर्मियों से पूछताछ कर इस पूरे सिंडिकेट के लिंक तलाश रही है।
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नहीं मिल रहा सहयोग
सूत्रों के अनुसार, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) टोल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों का विवरण साझा नहीं कर रहा है। वहीं, खनन विभाग से भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, इधर परिवहन व खनन विभाग ने मिलकर कुछ ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसा है।
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स्कूली वाहनों के काम में उलझे अफसर
वर्तमान में परिवहन विभाग की पूरी प्रवर्तन टीम उत्तर प्रदेश एकीकृत स्कूल वाहन प्रबंधन पोर्टल पर स्कूली वाहनों का विवरण अपलोड करने में व्यस्त है। अधिकारियों से लेकर बाबुओं तक को इसी कार्य में लगा दिया गया है, जिसके कारण ओवरलोडिंग के खिलाफ चलाए जाने वाले नियमित चेकिंग अभियान ठप पड़ गए हैं। इसी का फायदा उठाकर अवैध ओवरलोड वाहन सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं।
Iओवरलोड वाहनों पर लगाम कसने के लिए टास्कफोर्स बनी है। प्रभावी कार्रवाई के लिए सभी विभागों का निरंतर समन्वय अनिवार्य है। वर्तमान में प्रवर्तन टीम की व्यस्तता ''उत्तर प्रदेश एकीकृत स्कूल वाहन प्रबंधन पोर्टल'' पर डेटा फीडिंग को लेकर भी है, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके बावजूद, जहा भी फर्जी नंबरों या अवैध ओवरलोडिंग की सूचना मिल रही है, हम कठोर कार्रवाई कर रहे हैं। नवाबगंज टोल मामले में हमने ही एफआईआर दर्ज कराई है।I
I- प्रभात पांडेय, आरटीओ (प्रवर्तन)I
Iशहर के एंट्री पॉइंट पर टास्कफोर्स की मदद से समय-समय पर ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। यह कार्रवाई परिवहन विभाग के साथ मिलकर की जाती है, जो निरंतर जारी है। प्रयास है कि ओवरलोडिंग पर पूरी तरह से नकेल कसी जाए। I
I- राघवेंद्र सिंह, एडीसीपी ट्रैफिकI

ओवरलोडिंग में पकड़े गए थे वाहन।