...तो लखनऊ के चर्चित नमन वर्मा हत्याकांड में है मुनीर का हाथ!
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एनआईए अफसर तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुनीर की गिरफ्तारी के बाद गोमतीनगर स्थित होटल रेनेसां के एग्जिक्यूटिव नमन वर्मा की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी भी सुलझती नजर आ रही है। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि मुनीर ने बाइक लूटने के लिए ही नमन को गोली मार दी थी।
बाद में इसी बाइक से उसने तंजील की हत्या की। पूछताछ के दौरान मुनीर ने लखनऊ से बाइक लूटने की बात कुबूल भी कर ली है। मुनीर के पास मिली बाइक पर फर्जी नंबर पड़ा था।
एसटीएफ अधिकारियों ने बाइक का इंजन व चेसिस नंबर लेकर लखनऊ आरटीओ से संपर्क करने के साथ ही एसएसपी मंजिल सैनी को बाइक बरामद होने की जानकारी दे दी है।
एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि एनआईए अफसर तंजील की हत्या के लिए मुनीर को रुपये, पिस्टल और बाइक चाहिए थी। मुनीर के कई साथियों ने धोखा दे दिया था इसलिए वह सऊद के साथ लखनऊ आ गया। तंजील की हत्या के लिए संसाधन उसने यहीं से जुटाए।
सबसे पहले 18 नवंबर की रात बाइक से घर जा रहे नमन को मधुरिमा रेस्टोरेंट के सामने फ्लाईओवर पर रोककर दो गोलियां मारीं और बाइक लूट ले गए। इसके ठीक एक सप्ताह बाद यानी 25 नवंबर की रात मुनीर और सऊद ने गोमतीनगर इलाके में ही जुगौली रेलवे क्रॉसिंग पर जस्टिस एके मित्तल की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल प्रमोद कुमार को तीन गोलियां मारकर सर्विस पिस्टल लूट ली थी।
एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि दोनों बदमाशों ने लखनऊ में लूट की कुछ और वारदातें की हैं जिसके बारे में जानकारी की जा रही है। एनआईए अफसर तंजील की हत्या के लिए बाइक, असलहा और रुपये मिलने के बाद दोनों लखनऊ से निकल गए।
एसटीएफ से यह जानकारी मिलने के बाद लखनऊ पुलिस भी सक्रिय हो गई है। पुलिस की एक टीम बाइक की छानबीन के लिए नोएडा भेजी जा रही है। एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक का कहना है कि जो बाइक बरामद हुई है, वह नमन वर्मा की ही होने की बात सामने आई है। इसकी पुष्टि के लिए लखनऊ आरटीओ से कुछ डिटेल मंगाई गई है।
नमन ने नवरात्र में खरीदी थी पल्सर 150 बाइक
नमन मड़ियांव के तृप्तिनगर निवासी नेवी के रिटायर्ड जेसीओ व सराफा कारोबारी महेंद्र वर्मा का बड़ा बेटा था। हत्या से डेढ़ महीने पहले ही वह लुधियाना के एक होटल से नौकरी छोड़कर लखनऊ आया था और यहां रेनेसां होटल में एग्जिक्यूटिव था।
उसके छोटे भाई करन ने बताया कि बीते नवंबर में नवरात्र के दौरान ही उसने काले रंग की पल्सर 150 बाइक खरीदी थी। एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि मुनीर के पास से बरामद बाइक भी काले रंग की पल्सर 150 है।
मुनीर फर्जी नंबर डालकर उसे चला रहा था। पूछताछ में मुनीर ने नमन के बारे में जानकारी से इन्कार किया लेकिन बाइक लखनऊ से लूटे जाने की बात कुबूल की।
मुनीर असलहों का जानकार था और पिस्टलों का शौकीन। वह एनआईए अफसर तंजील के अलावा कई पुलिसकर्मियों के संपर्क में था। उनके पास ही उसने ग्लॉक पिस्टल देखी। फाइबर बॉडी वाली इस पिस्टल को वह हासिल करना चाहता था।
एसटीएफ सत्रों के मुताबिक उसने सिपाही प्रमोद की कमर में पिस्टल देखी तो पीछे लग गया। जुग्गौर क्रॉसिंग पर प्रमोद ने जैसे ही अपनी बाइक रोकी, मुनीर पैदल आया और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर पिस्टल लूट ली। हालांकि, सिपाही की पिस्टल नाइन एमएम की निकली।
मुनीर की रिमांड लेगी लखनऊ पुलिस
सिपाही ने मुनीर का चेहरा देख लिया था और ट्रामा सेंटर में अधिकारियों से सामने आने पर उसे पहचानने की बात भी कही थी। अब लखनऊ पुलिस सिपाही और मुनीर का आमना-सामना कराया जाएगा।
मुनीर कल्याणपुर इलाके में रहने वाले जिस इमरान के घर पर ठहरा था, लखनऊ पुलिस उसका पता लगाने में जुट गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इमरान के अलावा उसके कई और साथी भी यहां हैं। इन साथियों के बारे में भी पड़ताल की जा रही है।
लखनऊ पुलिस नमन वर्मा के शरीर से मिली बुलेट और मुनीर के पास से बरामद पिस्टलों की बैलिस्टिक जांच कराने की तैयारी कर रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सिपाही प्रमोद कुमार के सिर में भी तीन बुलेट फंसी हुई हैं। अगर बुलेट निकालने की स्थिति होगी तो उनकी भी बैलिस्टिक जांच कराई जाएगी।
एसटीएफ से जो इनपुट मिले हैं उसकी जांच की जा रही है। मुनीर को रिमांड पर लेकर सिपाही प्रमोद से सामना कराया जाएगा और नमन वर्मा मामले में पूछताछ की जाएगी।
मंजिल सैनी, एसएसपी, लखनऊ