तालकटोरा पावर हाउस स्थित ट्रांसफॉर्मर वर्कशॉप लापरवाही के चलते दहल उठा। हादसा एलपीजी सिलेंडर की पाइप में लीकेज से हुआ। कर्मचारी आग बुझाने की कोशिश कर ही रहे थे कि सिलेंडर में विस्फोट से पूरा वर्कशॉप आग का गोला बन गया।
ट्रांसफॉर्मर ऑयल व इंसुलेशन मैटेरियल के चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कर्मचारी जान बचाकर भागे, पर सुपरवाइजर समेत दो कर्मी चपेट में आकर झुलस गए। ऊंची-ऊंची लपटों से आधा किमी के दायरे में हड़कंप मच गया।
आग से ट्रांसफॉर्मर मरम्मत करने के तीन ठिकानों, उपकरण जल गए। 8-10 दमकल की गाड़ियों ने शाम सात बजे तक लपटों पर तो काबू पा लिया। आग से 10 करोड़ रुपये के उपकरण जलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
लीकेज...और हो गया धमाका
बुधवार शाम करीब पौने चार बजे वर्कशॉप की तीन टिन शेड में से एक के नीचे एलपीजी एवं ऑक्सीजन गैस सिलेंडर की मदद से जले ट्रांसफॉर्मर के ऊपरी हिस्से को काटकर मरम्मत करने का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसी दौरान एलपीजी गैस सिलेंडर की पाइप में लीकेज हुआ और आग पकड़ ली। सुपरवाइजर बेचा के आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र लेकर आगे बढ़ते ही एलपीजी सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया।
इसलिए फैली आग...
ज्वलनशील पदार्थ आए चपेट में
सिलेंडर में ब्लास्ट होते ही टिन शेड आग का गोला बन गया। पेंट, ऑयल, वार्निश, कपड़ा, धागा एवं इंशुलेशन मैटेरियल पलक झपकते आग की चपेट में आ गए। तीनों शेड समेत पूरा वर्कशॉप धू-धू कर जलने लगा। ऊंची-ऊंची लपटों के चलते चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई।