UP: पार्टियों ने दिल खोलकर दिए दागियों को टिकट
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राजनीतिक दलों ने लोकसभा चुनाव में दागी उम्मीदवार न उतारने के खूब दावे किए थे।
लेकिन अधिक से अधिक सीट हासिल करने की ललक में माफिया और आपराधिक छवि वालों को टिकट देने में किसी ने परहेज नहीं की।
कुछ तो एक लाख के इनामी नक्सली कमांडर को भी अपना कैंडिडेट बनाने की कोशिश में लगे रहे।
उत्तर प्रदेश में लोकसभा के चुनावी समर में उतरे 1260 से अधिक उम्मीदवारों में से 235 पर किसी न किसी तरह के आपराधिक मामले में केस दर्ज है।
हिंसा भड़काने वाले भी हैं मैदान में
235 दागियों में भी 185 ऐसे हैं जिन पर हत्या, दुराचार, हत्या के प्रयास, आगजनी, बलवा, लूटपाट, डकैती, सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश जैसे संगीन मामलों के केस दर्ज हैं।
वर्ष 2009 के चुनाव में किस्मत आजमाने वाले दागी उम्मीदवारों का औसत जहां कुल 16 फीसदी रहा वहीं संगीन अपराध वालों का आंकड़ा 131 पर रुक गया था।
यह स्थिति तब है जबकि यूपी में इस बार लोकसभा चुनाव मैदान में उतरने वालों की संख्या 2009 के चुनाव के उम्मीदवारों (1345) से कम है।
करोड़पतियों पर पार्टियों ने लगाया दांव
पिछले चुनाव में जहां उम्मीदवारों की औसत आय 1.62 करोड़ आंकी गई थी वहीं इस बार यह औसत 3.33 करोड़ पहुंच गया।
यूपी इलेक्शन वॉच व एडीआर के मुताबिक इस बार करोड़पतियों की संख्या भी बढ़ी है।
इस बार बहुजन समाज पार्टी ने यूपी में सबसे ज्यादा मालदार उम्मीदवार मैदान में उतारे। पार्टी के 76 उम्मीदवार करोड़पति हैं।
सपा ने 69, भाजपा ने 66, कांग्रेस ने 53 तो आम आदमी पार्टी ने 33 करोड़पतियों को टिकट दिए।
दागियों से बढ़ता सियासी दलों का प्रेम
भाजपा ने साल 2009 में 70 दागियों को टिकट दिए थे जिसमें इस बार इजाफा कर दिया गया है।
इस बार यह संख्या 78 है। उसती तरह सपा ने साल 2209 में 73 दागियों को मैदान में उतारा था, इस बार यह संख्या 76 है।
इसी तरह बसपा ने साल 2009 में 30 दागियों को टिकट दिए थे जो इस बार बढ़कर 35 हो गए। हालांकि कांगेस ने अपने 30 पुराने दागियों पर ही भरोसा किया है।
महिला उम्मीदवारों की संख्या में इजाफा
पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार महिला उम्मीदवारों की संख्या कुछ बढ़ी। जहां पिछले चुनाव में कुल सात फीसदी महिला उम्मीदवार मैदान में थीं वहीं इस बार यह आंकड़ा नौ फीसदी पहुंच गया।
फैक्ट फाइल
- देश में कुल 543 संसदीय क्षेत्रों के लिए कुल 8230 उम्मीदवार मैदान में उतरे
- इनमें 1398 यानी 17 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक धाराओं में केस
- कुल 2208 यानी 27 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति
- उम्मीदवारों के पास औसत संपत्ति 3.16 करोड़ रुपये