Keshav Prasad Maurya: केशव प्रसाद मौर्य विधान परिषद में नेता सदन बने, स्वतंत्र देव सिंह ने दिया इस्तीफा
यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विधान परिषद के नेता सदन के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को नेता सदन बनाया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को विधान परिषद में नेता सदन नियुक्त किया गया है। परिषद से इसकी अधिसूचना बुधवार को जारी की गई। इससे पहले जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने इस पद से इस्तीफा दिया। योगी सरकार 2.0 में केशव को दोबारा उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। उप मुख्यमंत्री की दौड़ में रहे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव को कैबिनेट मंत्री बनाने के साथ परिषद में नेता सदन बनाया गया। वहीं, केशव भी उच्च सदन के सदस्य हैं, ऐसे में उप मुख्यमंत्री के रहते हुए कैबिनेट मंत्री को नेता सदन बनाना सामान्य शिष्टाचार के खिलाफ माना जा रहा था।
सीएम ने शुभकामनाएं दी, केशव ने आभार जताया
विधान परिषद में नेता सदन नियुक्त किए जाने पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया है। केशव ने ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सदन और सरकार के दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करेंगे। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने केशव प्रसाद मौर्य को नेता सदन बनाए जाने पर बधाई और शुभकामनाएं दी है।
नड्डा के दखल के बाद स्वतंत्रदेव ने छोड़ा नेता सदन का पद
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के दखल के बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने विधान परिषद के नेता सदन के पद से बुधवार को इस्तीफा दे दिया। इसके बाद इस पद पर केशव प्रसाद मौर्य की ताजपोश की गई। योगी सरकार 1.0 में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को परिषद में नेता सदन बनाया गया था। पार्टी में शीर्ष स्तर पर इसको लेकर हुए मंथन के बाद स्वतंत्रदेव की जगह केशव को ही नेता सदन बनाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों स्वतंत्रदेव ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था। हालांकि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति तक स्वतंत्रदेव को ही बतौर प्रदेश अध्यक्ष काम करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं केशव को परिषद में नेता सदन बनाने से उनका कद बढ़ा है। विधानसभा चुनाव 2022 में सिराथू से चुनाव हारने के बाद भी केशव को उप मुख्यमंत्री बनाकर पार्टी ने साफ संकेत दिया था कि पिछड़े वर्ग में वह पार्टी के सबसे बड़े चेहरे हैं। पिछड़े वोट बैंक में पकड़ बनाए रखने के लिए ही पार्टी ने केशव को उच्च सदन में नेता सदन बनाया है। सूत्रों के मुताबिक उच्च सदन में सरकार का मजबूत पक्ष रखने के लिए केशव जैसे प्रखर वक्ता और रणनीतिकार की आवश्यकता थी।