फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   swargdwar will be developed as heritage, unesco team mark site in ayodhaya

अयोध्या : रामनगरी का स्वर्गद्वार घोषित होगा हेरिटेज स्थल, यूनेस्को की टीम ने चिह्नित किया स्थल

Fri, 04 Oct 2019 02:14 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Published by: Amulya Rastogi Updated Fri, 04 Oct 2019 02:14 PM IST
सार

  • पर्यटन व संस्कृति प्रमुख सचिव ने संस्कृति विभाग से मांगा प्रस्ताव
  • स्वर्गद्वार में नागेश्वरनाथ, कालेराम मंदिर सहित कई ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल
  • दीपावली की पूर्व संध्या पर योगी सरकार दो साल से यहां शुरू करती हेरिटेज वॉक

विज्ञापन
swargdwar will be developed as heritage, unesco team mark site in ayodhaya
कालेराम मंदिर - फोटो : amar ujala

विस्तार

अयोध्या का स्वर्गद्वार क्षेत्र आस्था का केंद्र है। स्वर्गद्वार क्षेत्र को हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। प्रमुख सचिव, पर्यटन व संस्कृति जितेंद्र कुमार ने इसका प्रस्ताव संस्कृति विभाग से मांगा है। अयोध्या को हेरिटेज घोषित करने में अयोध्या के दस आध्यात्मिक ऊर्जा स्थलों में यूनेस्को से आई टीम ने नागेश्वरनाथ मंदिर के आसपास के स्थल को चिह्नित किया गया था। दिवाली की पूर्व संध्या पर यहां से हेरिटेज यात्रा भी निकलती है।
विज्ञापन


नागेश्वरनाथ मंदिर को लेकर मान्यता है कि इसकी स्थापना भगवान राम के पुत्र कुश ने की थी। कहा जाता है कि सर्वप्रथम प्राचीन अयोध्या का जीर्णोद्धार महाराज कुश ने ही किया था। मान्यता है कि एक बार सरयू नदी में विहार करते हुए कुश की अंगूठी पानी में गिर गई जो एक नाग कन्या को मिली। महाराज कुश ने अंगूठी लौटाने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। इस पर कुश नाराज हो गए। नागकन्या के पिता ने कुश के कोप से बचने के लिए भगवान शिव की प्रार्थना की। 
विज्ञापन


वह प्रकट हुए और कुश को शांत कराया साथ ही नागकन्या का विवाह भी उनसे करा दिया। इसके उपरांत महाराज कुश ने भगवान शिव से यहीं बसने की प्रार्थना की। इनकी प्रार्थना पर भगवान शिवलिंग रूप में स्थापित हुए। महाराज कुश ने उनका पूजन कर मंदिर का निर्माण कराया। स्वर्गद्वार में ही कालेराम मंदिर, चंद्रहरि महादेव मंदिर, शेषावतार मंदिर, सहस्रधारा घाट, सरयू मंदिर, हनुमत सदन, हनुमत निवास सहित अन्य सिद्धस्थान हैं जो कि पौराणिक एवं रामायणकालीन माने जाते हैं। अब रामनगरी के इस क्षेत्र को हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति द्वारा संस्कृति विभाग से इसके लिए प्रस्ताव मांगा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

नागेश्वरनाथ के ही निकट है अयोध्या का भौगोलिक केंद्र

गोरखपुर विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रो. सर्वेश कुमार ने बीएचयू के भू-वैज्ञानिक प्रो. राना पीबी सिंह के निर्देशन में कल्चरल लैंड स्केपिंग एंड हेरिटेज ऑफ अयोध्या विषय पर शोध करते हुए पाया कि अयोध्या शहर का भौगोलिक केंद्र यानि की नाभि नागेश्वरनाथ मंदिर के ही निकट है। कुमार के अनुसार इस स्थान पर सर्वे के दौरान इलेक्ट्रोमैगनेटिक फील्ड की खोज हुई थी।

मान्यता है कि स्वर्गद्वार में ठीक होते मानसिक रोगी
नागेश्वरनाथ मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक सभापति तिवारी कहते हैं कि मान्यता है कि नागेश्वरनाथ मंदिर के इर्द-गिर्द चुंबकीय शक्तियों के प्रभाव के कारण ही मानसिक रोगी ठीक हो जाते हैं। इसी मान्यता के कारण बाहर के जिलों से लोग अपने बीमार परिवारीजनों को यहां लाकर छोड़ जाते हैं। इस स्थान विशेष की खोज के लिए कई प्रयत्न किए गए लेकिन अभी तक यह खोजा नहीं जा सका है।

कालेराम मंदिर में स्थापित हैं विक्रमादित्य कालीन मूर्तियां

यह मंदिर नागेश्वरनाथ मंदिर के दक्षिण भाग में स्थित है। इस मंदिर में विक्रमादित्य कालीन मूर्तियां स्थापित हैं। ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार जब बाबर का सेनापति मीरबांकी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को तोड़ने लगा तो पुजारियों ने भगवान की मूर्तियों को मुगलों के हाथों से बचाने के लिए सरयू जल में प्रवाहित कर दिया। 

सौभाग्यवश एक दक्षिणी ब्राह्मण को यह मूर्तियां लक्ष्मण सहस्रधारा में प्राप्त हुईं। वे उनकी उपासना करने लगे। धीरे-धीरे एक मंदिर बनाकर उन प्रतिमाओं को वहां स्थापित कर दिया। महाराष्ट्रीय ब्राह्मणों की इस कालेराम मंदिर के प्रति अगाध निष्ठा है। अयोध्या के प्राचीन मंदिरों में कालेराम मंदिर का प्रमुख स्थान है।

स्वर्गद्वार अयोध्या की धार्मिक पहचान का प्रमुख स्थल है। स्वर्गद्वार का हेरिटेज स्ट्रक्चर पुन:स्थापित करने के लिए प्रमुख सचिव द्वारा प्रस्ताव मांगा गया है। शीघ्र ही हेरिटेज आर्किटेक्ट बुलवाकर स्वर्गद्वार क्षेत्र का सर्वे कराकर संरक्षण, जीर्णोद्धार की योजना बनाई जाएगी। 
वाईपी सिंह, संयुक्त निदेशक, संस्कृति विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed