यूपी चुनाव से पहले बसपा को बड़ा झटका, स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी छोड़ी
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बहुजन समाज पार्टी में मायावती के बाद सबसे बड़े नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा छोड़ दी। उन्होंने मायावती पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने मायावती पर टिकट बेचने का अरोप लगाया और कहा कि बसपा में दलितों की पूछ नहीं है, माया सिर्फ दिखावे के लिए ही अंबेडकरवादी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2012 के विधानसभा व 2014 के लोकसभा चुनाव में टिकटों की बिक्री के कारण ही बसपा चुनाव हारी। उन्होंने मायावती पर भाजपा को मजबूत करने का भी आरोप लगाया।
मायावती पर सीधा हमला बोलते हुए स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि बसपा पूरी तरह से टिकट की खरीदी और बिक्री वाली पार्टी बन गई है। लोकसभा चुनावों में पार्टी का सूफड़ा साफ होने के बाद भी पार्टी ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
टिकट बेचा ही नहीं जा रहा बल्कि नीलामी की जा रही है
स्वामी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बसपा में टिकट सिर्फ बेचे ही नहीं जा रहे हैं बल्कि यह नीलामी का बाजार बन चुकी है। बेचा तो सिर्फ एक बार ही जाता है लेकिन यहां पर खुलकर नीलामी की जा रही है। पंचायत चुनाव में भी पार्टी के टिकटों को बेचा गया।
उन्होंने कहा कि मायावती मनुवादी ताकतों को मजबूत कर रही हैं। मैं पिछले दो वर्षों से इस पर विचार कर रहा था। मैं ऐसी पार्टी में नहीं रह सकता जहां अपनी बात न कह सकूं, जहां अपनी विचारधारा के साथ न चल सकूं।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे मौर्या ने कहा कि पद जनता की सेवा करने के लिए होते हैं और अब सिर्फ स्वार्थ के लिए मैं इस पद पर नहीं रह सकता हूं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा में पुराने कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है। स्वामी के अनुसार 14 अप्रैल को अंबेडकर जी का निर्वाण मनाने के बाद मुझे मायावती जी ने बुलाया और कहा कि किसी दलित नेता के कार्यक्रम में भगवान बुद्घ के कार्यक्रम में मैं न जाऊं। स्वामी ने कहा कि मायावती भाजपा को मजबूत कर रही हैं।
सपा में हो सकते हैं शामिल
ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि स्वामी प्रसाद सपा में शामिल हो सकते हैं और उन्हें मंत्री पद दिया जा सकता है। गौरतलब है कि 27 जून को मंत्रिपरिषद का विस्तार होना है।
पत्रकार वार्ता से निकलने के बाद स्वामी को यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खां व शिवपाल यादव अपने साथ लेकर चले गए।
वहीं, सपा के एक अन्य बड़े नेता राजेंद्र चौधरी का कहना है कि स्वामी एक समाजवादी नेता हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं। हालांकि उन्होंने सपा में शामिल होने की बात पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।