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सूर्य तिलक: 12 बजकर 16 मिनट पर सूर्य देव करेंगे रामलला के चेहरे का तिलक, ग्राफिक्स से समझिए पूरी प्रक्रिया
Wed, 17 Apr 2024 07:41 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 17 Apr 2024 07:41 AM IST
सार
Surya Tilak: रामनवमी पर प्रभु श्री राम का सूर्य तिलक होगा। सूर्य की किरणें प्रभु के चेहरे का स्पर्श करेंगी। उनके चेहरे पर 75 मिमी का एक टीका बनेगा। इस पूरी प्रक्रिया को ग्राफिक्स की मदद से समझ सकते हैं।
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सूर्य तिलक की प्रक्रिया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
500 वर्ष बाद बुधवार को शुभ योग में रामलला एक हजार करोड़ रुपये से निर्मित भव्य महल में अपना जन्मदिन मनाएंगे। सूर्यवंशी भगवान राम के मस्तक पर दोपहर 12:16 बजे स्वयं भगवान सूर्य की किरणें उनका तिलक करेंगी। यह विज्ञान और इंजीनियरिंग के अदभुत प्रयोग से सफल होगा। इसके लिए वैज्ञानिकों ने कई महीनों की साधना की। कई सारे प्रयोग किए।
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चार मिनट तक बना रहेगा टीका
वैज्ञानिकों ने बीते 20 वर्षों में अयोध्या के आकाश में सूर्य की गति अध्ययन किया है। सटीक दिशा आदि का निर्धारण करके मंदिर के ऊपरी तल पर रिफ्लेक्टर और लेंस स्थापित किया है। सूर्य रश्मियों को घुमा फिराकर रामलला के ललाट तक पहुंचाया जाएगा। सूर्य की किरणें ऊपरी तल के लेंस पर पड़ेंगी। उसके बाद तीन लेंस से होती हुई दूसरे तल के मिरर पर आएंगी। अंत में सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर 75 मिलीमीटर के टीके के रूप में दैदीप्तिमान होंगी। लगभग चार मिनट तक टिकी रहेंगी। यह समय भी सूर्य की गति और दिशा पर निर्भर है।
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रामजन्म के समय सूर्य और शुक्र अपनी उच्च राशि में थे
रामलला का सूर्य तिलक
- फोटो : AMAR UJALA
दोपहर 12 बजे जब रामलला का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, ठीक उसी समय सूर्य तिलक भी होगा। उस समय केदार, गजकेसरी, पारिजात, अमला, शुभ, वाशि, सरल, काहल और रवियोग बनेंगे। आचार्य राकेश तिवारी ने बताया कि वाल्मीकि रामायण में लिखा है कि रामजन्म के समय सूर्य और शुक्र अपनी उच्च राशि में थे। चंद्रमा खुद की राशि में मौजूद थे। इस साल भी ऐसा ही हो रहा है। आचार्य राकेश के अनुसार, ये शुभ योग अयोध्या सहित पूरे भारत की तरक्की के मार्ग प्रशस्त करेंगे।