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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Survey policy released for new sugarcane season: Survey will be done for the assessment of sugarcane area for the crushing season 2022-23

नए गन्ना सत्र के लिए सर्वेक्षण नीति जारी : पेराई सत्र 2022-23 के लिए गन्ना क्षेत्रफल के आंकलन के लिए होगा सर्वे

Mon, 11 Apr 2022 08:19 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 11 Apr 2022 08:19 PM IST
सार

मीट्रिक प्रणाली पर आधारित इस सर्वे कार्य में शुद्धता, पारदर्शिता और गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दिया जाएा। इसके लिए गन्ना सूचना प्रणाली एवं स्मार्ट गन्ना किसान प्रोजेक्ट के तहत  हैंड हेल्ड कंप्यूटर डिवाइस के माध्यम से जीपीएस सर्वे कार्य कराया जाएगा।

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Survey policy released for new sugarcane season: Survey will be done for the assessment of sugarcane area for the crushing season 2022-23
गन्ना - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गन्ना आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी ने  सोमवार को  पेराई सत्र 2022-23 के लिए गन्ना सर्वेक्षण नीति जारी कर दी। उन्होंने कहा कि गन्ना सर्वे पूरी शुचिता और समयबद्घ तरीके से हो, इस पर फोकस किया जाएगा। सर्वे कार्य मीट्रिक प्रणाली पर आधारित होगा और बीस जून तक चलेगा।

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प्रत्येक पेराई सत्र में गन्ने के संभावित उत्पादन को ध्यान में रखकर चीनी मिलों के गन्ना क्षेत्र का निर्धारण तथा किसानों द्वारा चीनी मिलों को की जाने गन्ने की आपूर्ति की योजना तैयार की जाती है। गन्ना आयुक्त ने बताया कि इस बार गन्ना सर्वेक्षण का कार्य 20 अप्रैल  से शुरू होगा।  
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मीट्रिक प्रणाली पर आधारित इस सर्वे कार्य में शुद्धता, पारदर्शिता और गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दिया जाएा। इसके लिए गन्ना सूचना प्रणाली एवं स्मार्ट गन्ना किसान प्रोजेक्ट के तहत  हैंड हेल्ड कंप्यूटर डिवाइस के माध्यम से जीपीएस सर्वे कार्य कराया जायेगा। गन्ना किसानों को उनके बोए गये क्षेत्रफल के संबंध में enquiry.caneup.in वेबसाइट पर घोषणा-पत्र ऑनलाइन अपलोड करने की सुविधा प्रदान की गयी है। घोषणा-पत्र में उल्लिखित सूचनाओं का शत प्रतिशत सत्यापन सर्वेक्षण के समय किया जाएगा।
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पिछले पेराई सत्र में किसी सर्किल में सर्वे कर चुके कर्मचारी नहीं करेंगे उसी सर्किल में सर्वे
सर्वे में 500 से 1000 हेक्टेयर तक की अस्थायी सर्किलें बनायी जाएगी और गन्ना सर्वेक्षण टीम में एक कर्मचारी राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक या समिति का कर्मचारी होगा। एक कर्मचारी चीनी मिल का भी होगा। आयुक्त ने बताया कि गन्ना सर्वेक्षण टीम में का एक अनिवार्य प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सर्वेक्षणकर्ता ने पिछले पेराई सत्र में जिस सर्किल का सर्वेक्षण कार्य किया गया था, वह वर्तमान पेराई सत्र में उस सर्किल का सर्वेक्षण कार्य नहीं करेगा।


बिचौलियों होंगे बार समाप्त
गन्ना आयुक्त के मुताबिक शत प्रतिशत जीपीएस से सर्वे कराए जाने पर समय की बचत की साथ व्यय भी कम होगा एवं बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।  सर्वेंक्षण उपरान्त हैंड हेल्ड कंप्यूटर,  एंड्रायड बेस्ड मशीन से खेत की चारों भुजाएं नापकर सर्वे स्लिप मौके पर ही उपस्थित गन्ना कृषकों को उपलब्ध करायी जाएगी। गन्ना समिति के अध्यक्ष, जिला गन्ना अधिकारी और क्षेत्रीय उप गन्ना आयुक्त व मुख्यालय से गठित जांच दल द्वारा तथा अतिरिक्त मुख्यालय के अधिकारियों द्वारा भी सर्वे कार्य का औचक निरीक्षण किया जाएगा। 30 सितंबर, 2022 तक बनाये गये सदस्यों को ही गन्ना आपूर्ति की सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन घोषणापत्र न भरने वाले किसानों का सट्टा बंद होगा।

कुछ अहम तथ्य
- बीस अप्रैल से शुरू होकर बीस जून को पूरा होगा गन्ने सर्वे
- गन्ना किसानों अपने गन्ने का क्षेत्रफल enquiry.caneup.in वेबसाइट पर स्वयं अपलोड कर सकते हैं
- ऑनलाइन घोषणा-पत्र न भरने वाले किसानों का सट्टा नए सत्र में बंद होगा
- 30 सितंबर 2022 तक बने सदस्य ही गन्ना आपूर्ति कर सकेंगे
- उपज बढ़ोतरी के लिए आवेदन पत्र 30 सितंबर 2022 तक दिए जा सकेंगे।

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