योगी सरकार के लिए किसान ही भगवान, अनुपूरक बजट का एक चौथाई हिस्सा सिर्फ किसानों के लिए
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वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने सोमवार को विधानसभा में भारी हंगामे व नारेबाजी के बीच वित्त वर्ष 2018-19 का 34,833 करोड़ 24 लाख 40 हजार रुपये का पहला अनुपूरक बजट पेश किया।
विधान परिषद में भी हंगामे के बीच उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने अनुपूरक बजट पेश किया। योगी सरकार का कर्जमाफी से शुरू किसानों पर फोकस बरकरार है और लोकसभा आम चुनाव के पहले का यह अनुपूरक बजट पूरी तरह से किसानों को समर्पित है।
अनुपूरक में शामिल केंद्रांश को घटाने पर राज्य मद से खर्च के लिए प्रस्तावित कुल बजट का एक चौथाई हिस्सा किसानों के लिए आवंटित किया गया है। इससे गन्ना किसानों से लेकर कर्जमाफी से छूटे किसानों और बाढ़ प्रभावित लोगों को साधने की एक साथ कोशिश की गई है।
सरकार ने अनुपूरक के जरिए अपने विधायकों को खुश कर चुनाव में जी-जान से जुटने का संदेश सुनाया है तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति से जुड़ी कई योजनाओं का एलान कर आम लोगों की भावनाओं से सरकार को जोड़ने की कोशिश की है।
6,792 करोड़ 25 लाख 43 हजार रुपये केंद्रांश
34,833 करोड़ 24 लाख 40 हजार रुपये के अनुपूरक बजट में 6,792 करोड़ 25 लाख 43 हजार रुपये का केंद्रांश शामिल है। केंद्रीय योजनाओं के लिए प्राप्त केंद्रांश की राशि घटाने पर राज्य के हिस्से से 28,040 करोड़ 98 लाख 97 हजार रुपये का खर्च प्रस्तावित है।
7023.20 करोड़ रुपये किसानों के लिए
वित्त मंत्री ने किसानों के लिए 7023.20 करोड़ रुपये किसानों के लिए आवंटित किए हैं। इसमें 5,535 करोड़ रुपये गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के शामिल हैं। गन्ना भुगतान में 500 करोड़ रुपये सहकारी, निगम और निजी क्षेत्र पर पेराई सत्र 2017-18 के बकाया के भुगतान के लिए है। यह रकम सरकार सीधे किसानों के खातों में डीबीटी के जरिए भेजेगी।
सरकार निजी व निगम क्षेत्र की मिलों को पेराई सत्र 2017-18 में किसानों के बकाए के भुगतान के लिए 4000 करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन भी देगी। इसी तरह सहकारी चीनी मिल संघ केपेराई सत्र 2017-18 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 1010 करोड़ की अतिरिक्त सहायता देने का एलान किया गया है।
इसमें 125 करोड़ रुपये 2016-17 के भुगतान के लिए आकस्मिकता निधि से दिए गए थे, वह भी शामिल है। इसके अलावा चीनी निगम को पेराई सत्र 2017-18 के भुगतान के लिए 25 करोड़ रुपये अलग से दिए जाएंगे।
किसानों की कर्जमाफी के लिए 1387.20 करोड़
कर्जमाफी योजना से छूटे किसानों की कर्जमाफी के लिए 1387.20 करोड़ और बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए 301 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
अटल जी की स्मृति से जुड़ी योजनाएं व परियोजनाएं
बलरामपुर में केजीएमयू लखनऊ के सेटेलाइट सेंटर की स्थापना - 5 करोड़
बटेश्वर आगरा व अन्य स्थलों के विकास के लिए - 10 करोड़
अटल स्मृति सांस्कृतिक समारोह आयोजन के लिए - 1 करोड़
अटल स्मृति संकुल निर्माण के लिए - 4 करोड़
अटल जी के स्कूल डीएवी कॉलेज कानपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना - 5 करोड़, 1000 रुपये
750 करोड़ से विधायकों के क्षेत्र में काम न दिखने की शिकायतें होंगी दूर
सत्ताधारी दल के विधायक लगातार शिकायत कर रहे थे कि बजट की कमी से क्षेत्र में सड़कों के काम नजर नहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों से मुलाकात कर उनके क्षेत्र के सड़क निर्माण के प्रस्ताव लिए थे। इसके लिए त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें सभी सड़कें मुख्यमंत्री की संस्तुति से मंजूर होती हैं। इस व्यवस्था से सत्ताधारी दल के विधायकों की क्षेत्र में काम न होने की शिकायतें दूर होंगी।
कुंभ के लिए 850 करोड़, प्रवासी भारतीय दिवस समारोह के लिए 100 करोड़
लोकसभा चुनाव के लिहाज से 2019 में फोकस वाले कार्यक्रमों के लिए बजट में पर्याप्त पैसे की व्यवस्था की गई है। जनवरी में प्रयाग कुंभ के लिए 850 करोड़ और 21 से 23 जनवरी तक वाराणसी में होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस समारोह के लिए भी 100 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है।
‘आयुष्मान भारत’ के लिए 1 लाख रुपये की टोकन मनी
मोदी केयर के रूप में प्रचारित केंद्र की ‘आयुष्मान भारत’ योजना के लिए सरकार ने टोकन मनी के रूप में एक लाख रुपये की व्यवस्था की है। सरकार ने टोकन मनी का प्रावधान कर योजना पूरी तरह लॉन्च होने के बाद आवश्यक बजट की व्यवस्था का संकेत किया है।
बुंदेलखंड को बड़ा संदेश, डिफेंस कॉरिडोर के लिए 500 करोड़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में बुंदेलखंड पर फोकस करते हुए डिफेंस कॉरिडोर बनाने का एलान किया था। सरकार ने प्रस्तावित बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ कॉरिडोर के विकास के लिए एकमुश्त 500 करोड़ रुपये का प्रावधान कर दिया है। इस रकम से भूमि अधिग्रहण का काम होगा। सरकार ने कॉरिडोर के लिए 3000 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू की है। यह कॉरिडोर अलीगढ़, आगरा, कानपुर, लखनऊ और चित्रकूट बुंदेलखंड को जोड़ेगा। इस पर लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का निवेेश होगा और 2.5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।