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निजी विश्वविद्यालयों के छात्रों को और छात्रावासों में चरस-गांजा सप्लाई करने वाले दबोचे
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लखनऊ। निजी विश्वविद्यालयों के छात्रों को नशीला पदार्थ उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश एसटीएफ ने मंगलवार को किया। इस गिरोह के तीन सदस्यों को विभूतिखंड थानाक्षेत्र के एमिटी कॉलेज के पास से दबोच लिया गया। उनके पास से 21.5 लाख रुपये का नशीला पदार्थ बरामद किया गया है।
एसटीएफ के निरीक्षक ज्ञानेंद्र राय की टीम ने मंगलवार देर शाम को विभूतिखंड थानाक्षेत्र के पुराने एमिटी कॉलेज के पास से बोलेनो कार सवार तीन युवकों को दबोचा। उनके पास से पुलिस ने 1.5 लाख रुपये का छह किलो गांजा और 20 लाख रुपये का चार किलो चरस, दो मोबाइल, नकदी बरामद की है। पकड़े गए आरोपियों में विरामखंड का आरूष सिंह, विभवखंड का विकास सैनी और राधे बिहार कॉलोनी भरवारा गोमतीनगर विस्तार का सुनील यादव शामिल है।
विश्वविद्यालय व महाविद्यालय के छात्रों को करते थे सप्लाई
इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र राय के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि वह नशीले पदार्थों की पुड़िया बनाकर निजी विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों के छात्रों को सप्लाई करते थे। पिछले डेढ़ साल से कॉलेज व विश्वविद्यालय बंद चल रहे हैं। ऐसे में वह छात्रावास में रहने वाले छात्रों से संपर्क करते हैं। उनकी मांग के अनुसार, आपूर्ति करते हैं। इसके बदले में उनको मोटी रकम मिल जाती है। तीनों युवक अपनी कार से ही गांजा व चरस की आपूर्ति करते थे।
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नेपाल से तस्करी कर मंगाते थे नशे का सामान
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि वह नशे का सामान नेपाल से मंगाते थे। उनको यह माल नेपाल के डांग जिले में रहने वाला थापा नाम का एक व्यक्ति देता था। गांजे को बाद में फिल्टर करते थे जिसे ओजी कहा जाता था। इसके सेवन के बाद भी दुर्गंध नहीं आती थी। इसे कोड वर्ड में एमडी कहते हैं। जिसे यह तीनों ऑन डिमांड छात्रावासों में रहने वाले छात्रों द्वारा आयोजित विशेष पार्टियों में भी आपूर्ति करते थे।
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एसटीएफ के निरीक्षक ज्ञानेंद्र राय की टीम ने मंगलवार देर शाम को विभूतिखंड थानाक्षेत्र के पुराने एमिटी कॉलेज के पास से बोलेनो कार सवार तीन युवकों को दबोचा। उनके पास से पुलिस ने 1.5 लाख रुपये का छह किलो गांजा और 20 लाख रुपये का चार किलो चरस, दो मोबाइल, नकदी बरामद की है। पकड़े गए आरोपियों में विरामखंड का आरूष सिंह, विभवखंड का विकास सैनी और राधे बिहार कॉलोनी भरवारा गोमतीनगर विस्तार का सुनील यादव शामिल है।
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विश्वविद्यालय व महाविद्यालय के छात्रों को करते थे सप्लाई
इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र राय के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि वह नशीले पदार्थों की पुड़िया बनाकर निजी विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों के छात्रों को सप्लाई करते थे। पिछले डेढ़ साल से कॉलेज व विश्वविद्यालय बंद चल रहे हैं। ऐसे में वह छात्रावास में रहने वाले छात्रों से संपर्क करते हैं। उनकी मांग के अनुसार, आपूर्ति करते हैं। इसके बदले में उनको मोटी रकम मिल जाती है। तीनों युवक अपनी कार से ही गांजा व चरस की आपूर्ति करते थे।
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नेपाल से तस्करी कर मंगाते थे नशे का सामान
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि वह नशे का सामान नेपाल से मंगाते थे। उनको यह माल नेपाल के डांग जिले में रहने वाला थापा नाम का एक व्यक्ति देता था। गांजे को बाद में फिल्टर करते थे जिसे ओजी कहा जाता था। इसके सेवन के बाद भी दुर्गंध नहीं आती थी। इसे कोड वर्ड में एमडी कहते हैं। जिसे यह तीनों ऑन डिमांड छात्रावासों में रहने वाले छात्रों द्वारा आयोजित विशेष पार्टियों में भी आपूर्ति करते थे।