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Suna Hai Kya: इतनी बेअंदाजी पर सिर्फ निलंबन, खुल गया टिकट पैरवी का भेद, टिकट कटा तो पाला बदलेंगे
Fri, 05 Jun 2026 11:54 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Fri, 05 Jun 2026 11:54 AM IST
सार
सुना है क्या... में आज एक ऐसे हेड कांस्टेबल का किस्सा जिसकी वजह से पूरा विभाग शर्मसार हो गया लेकिन उसे सिर्फ निलंबित करके कर्तव्य की इतिश्री कर ली गई। पढ़ें, आज के किस्से
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुना है क्या... में आज एक ऐसे हेड कांस्टेबल का किस्सा जिसकी वजह से पूरा विभाग शर्मसार हो गया लेकिन उसे सिर्फ निलंबित करके कर्तव्य की इतिश्री कर ली गई। वहीं, यूपी चुनाव को लेकर माननीयों ने टिकट के लिए जोर लगा दिया है। इसके लिए तरह-तरह के पैंतरे अपना रहे हैं। पढ़ें, आज के किस्से
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इतनी बेअंदाजी पर सिर्फ निलंबन
एक हेड कांस्टेबल के महिला के साथ बातचीत के ऑडियो ने पूरे विभाग को शर्मसार कर दिया। इस वाकये ने तो अंग्रेजों के युग वाली पुलिस को भी पीछे छोड़ दिया। बलिहारी उन अफसरों की, जिन्होंने एक महिला के साथ बदसलूकी की सजा केवल निलंबन तय कर दी। खैर ये अपनों को बचाने का पुराना तरीका रहा है। जिसे केस दर्ज कर जेल भेजना था, वह अब अपने निलंबन के समय को कम करने के लिए चढ़ावा देकर मुक्ति पा जाएगा। वैसे भी किसी ने खूब कहा है कि सरकारी व्यवस्था में निलंबन भला कोई सजा होती है।
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टिकट की पैरवी का भेद
नेताजी का कभी पार्टी में बड़ा रसूख था। अध्यक्ष की कुर्सी भी उनके पास थी। लेकिन, अब वह खुद या उनके परिवार का कोई भी सदस्य अहम स्थान पर नहीं है। इधर कुछ समय से समीकरण ऐसा बैठा है कि नए अध्यक्ष उनके पूरे प्रभाव में हैं। नेताजी भी कोई मौका नहीं चूकना चाहते। इसलिए विधान परिषद चुनाव में टिकट के लिए अपने एक सजातीय के हाथों ठीक-ठाक प्रसाद ग्रहण कर लिया है। उस सजातीय को टिकट दिलाने के लिए एड़ी से चोटी का जोर लगाए हुए हैं। इस मुहिम में नेताजी कितना सफल होते हैं यह तो वक्त ही बताएगा।
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टिकट कटा तो पाला बदलेंगे
सूबे में विधानसभा चुनाव भले ही अगले साल होंगे, पर टिकट पक्का करने के लिए कई माननीयों ने अभी से दबाव बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे ही एक माननीय हैं जो बसपा से भगवा वस्त्र पहनकर लगातार दो बार विधायक बने। वे अपने बयानबाजी और कारनामों के चलते पार्टी के रडार पर हैं। इसकी भनक माननीय को भी है। लिहाजा उन्होंने नया पैंतरा दिखाना शुरू कर दिया है। वे अब अपने लोगों के बीच यह कहने लगे हैं टिकट कटेगा तो वह एक बार फिर पाला बदलकर मैदान में आ जाएंगे। जीतेंगे नहीं तो हरा तो देंगे ही। माननीय के इस आत्मविश्वास भरे दावे की चर्चा खूब हो रही है।
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