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सुल्तानपुर : दरिंदों ने मासूम श्रेयांश की फावड़े से की हत्या, पुलिस की मुस्तैदी से बची दूसरे की जान
Fri, 21 Dec 2018 12:12 PM IST
MANISH sachan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: MANISH sachan
Updated Fri, 21 Dec 2018 12:12 PM IST
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दिव्यांश (8) व श्रेयांश (6)
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फ्लॉवर डेकोरेटर व्यवसायी के अपहृत बच्चों को बदमाशों ने फावड़े से काट डाला। एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दूसरे को पुलिस ने लहूलुहान हालत में बरामद करते हुए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।
दूसरी तरफ बच्चे की हत्या के बाद फरार हुए एक बदमाश की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दिया। जवाबी फायरिंग करते हुए पुलिस ने एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया।
फायरिंग में घायल बदमाश को पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे भी रेफर कर दिया गया। पुलिस ने अपहृत बच्चों का जूता, स्कूल ड्रेस, हत्या में प्रयुक्त फावड़ा, स्कूल बैग के साथ ही जिस मोबाइल से 50 लाख रुपये फिरौती मांगी गई थी उसे बरामद कर लिया है।
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गोसाईगंज थाना क्षेत्र के कटका खानपुर निवासी राकेश कुमार अग्रहरि फ्लॉवर डेकोरेटर व्यवसाई हैं। राकेश का बेटा दिव्यांश (8) व श्रेयांश (6) द्वारिकागंज पुलिस चौकी के पास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में पढ़ते थे। प्रतिदिन की तरह राकेश बृहस्पतिवार की सुबह अपने दोनों बेटों को स्कूल पहुंचाकर आए थे।
जब स्कूल की छुट्टी हुई तो राकेश के घर पर काम करने वाला विनोद कुमार बच्चों को लेने के लिए स्कूल पहुंचा था, लेकिन उसे बच्चे नहीं मिले थे। राकेश राकेश के मोबाइल फोन पर एक कॉल करके 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी।
अपहरणकर्ताओं ने रुपये तैयार रखने को कहा था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर अपहरण का केस दर्ज कर राकेश के दुकान पर नौकरी करने वाले रघुवर यादव निवासी कौहडा थाना गोसाईगंज को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन वह लगातार टाल-मटोल करता रहा।
पूछताछ के दौरान रघुवर यादव भी बच्चे को ढूढ़ने का काम करता रहा। पुलिस ने जब रघुवर के मोबाइल फोन की जांच की तो मामला संदिग्ध लगा। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो रघुवर ने बच्चों के अपहरण कराने की बात स्वीकार कर ली।
रघुवर यादव ने बताया कि उसने अपने दोस्त शिव पूजन, हरिओम और सूरज के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची थी। पुलिस ने रात करीब एक बजे रघुवर यादव को हिरासत में लेकर कोतवाली नगर क्षेत्र के करौंदिया मोहल्ले में चांद बीबी पत्नी स्व. अख्तर खां के मकान पर पहुंच गई।
मकान से पुलिस ने हरिओम व सूरज निवासी पलिया थाना गोसाईगंज को गिरफ्तार कर लिया। कमरे में ही पुलिस ने श्रेयांश का लहूलूहान शव पड़ा पाया, जबकि दिव्यांश गायब था। पुलिस ने हरिओम और सूरज से कड़ाई से पूछताछ कर ही रही थी कि एक बोरे में कुछ हलचल हुई तो पुलिस ने प्लास्टिक का बोरा खोला तो उसके अंदर दिव्यांश लहूलुहान पड़ा था।
स्वाट टीम प्रभारी रतन शर्मा लहूलुहान दिव्यांश को लेकर जिला अस्पताल की तरफ भागे। जिला अस्पताल में चिकित्सक डॉ. रमेश ने दिव्यांश का प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। दूसरी तरफ थानाध्यक्ष केबी सिंह घटना में शामिल चौथे आरोपी शिव पूजन निवासी कौहड़ा के बारे में हरिओम व सूरज से पूछताछ की।
पूछताछ में पचा चला कि चंद मिनट पहले ही शिव पूजन बच्चों की स्कूल की दो बैग छिपाने के लिए बाइक से जा चुका है। ये सुनते ही केबी सिंह ने एसपी को अवगत कराया। एसपी ने पुलिस तंत्र को सक्रिय करते हुए हर संदिग्ध युवक की जांच करने का आदेश दिया। सुबह करीब साढ़े पांच बजे कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज मोड़ के पास थानाध्यक्ष केबी सिंह संदिग्ध लोगों की जांच में जुटे थे, तभी एक बाइक को रोका।
बाइक सवार युवक ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग का जवाब देते हुए पुलिस ने भी फायरिंग की। फायरिंग से युवक के पैर में गोली लग गई और वह जमीन पर गिर पड़ा। युवक की पीठ पर स्कूल बैग टंगा था। पुलिस ने शिव पूजन को भी जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।
पुलिस ने घटना स्थल से दिव्यांश और श्रेयांश का जूता, स्कूल ड्रेस, श्रेयांश की हत्या में प्रयुक्त फावड़ा और फिरौती मांगने में प्रयुक्त मोबाइल सेट बरामद किया है। पुलिस ने गिरफ्तार रघुवर यादव निवासी कौहड़ा, हरिओम व सूरज निवासी पलिया थाना गोसाईगंज को न्यायालय में पेश किया। घटना से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने तीनों आरोपियों की जमकर पिटाई कर दी। पुलिस कर्मियों ने किसी तरह से तीनों आरोपियों को बचाया।
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दूसरी तरफ बच्चे की हत्या के बाद फरार हुए एक बदमाश की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दिया। जवाबी फायरिंग करते हुए पुलिस ने एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया।
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फायरिंग में घायल बदमाश को पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे भी रेफर कर दिया गया। पुलिस ने अपहृत बच्चों का जूता, स्कूल ड्रेस, हत्या में प्रयुक्त फावड़ा, स्कूल बैग के साथ ही जिस मोबाइल से 50 लाख रुपये फिरौती मांगी गई थी उसे बरामद कर लिया है।
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गोसाईगंज थाना क्षेत्र के कटका खानपुर निवासी राकेश कुमार अग्रहरि फ्लॉवर डेकोरेटर व्यवसाई हैं। राकेश का बेटा दिव्यांश (8) व श्रेयांश (6) द्वारिकागंज पुलिस चौकी के पास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में पढ़ते थे। प्रतिदिन की तरह राकेश बृहस्पतिवार की सुबह अपने दोनों बेटों को स्कूल पहुंचाकर आए थे।
जब स्कूल की छुट्टी हुई तो राकेश के घर पर काम करने वाला विनोद कुमार बच्चों को लेने के लिए स्कूल पहुंचा था, लेकिन उसे बच्चे नहीं मिले थे। राकेश राकेश के मोबाइल फोन पर एक कॉल करके 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी।
अपहरणकर्ताओं ने रुपये तैयार रखने को कहा था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर अपहरण का केस दर्ज कर राकेश के दुकान पर नौकरी करने वाले रघुवर यादव निवासी कौहडा थाना गोसाईगंज को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन वह लगातार टाल-मटोल करता रहा।
पूछताछ के दौरान रघुवर यादव भी बच्चे को ढूढ़ने का काम करता रहा। पुलिस ने जब रघुवर के मोबाइल फोन की जांच की तो मामला संदिग्ध लगा। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो रघुवर ने बच्चों के अपहरण कराने की बात स्वीकार कर ली।
रघुवर यादव ने बताया कि उसने अपने दोस्त शिव पूजन, हरिओम और सूरज के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची थी। पुलिस ने रात करीब एक बजे रघुवर यादव को हिरासत में लेकर कोतवाली नगर क्षेत्र के करौंदिया मोहल्ले में चांद बीबी पत्नी स्व. अख्तर खां के मकान पर पहुंच गई।
मकान से पुलिस ने हरिओम व सूरज निवासी पलिया थाना गोसाईगंज को गिरफ्तार कर लिया। कमरे में ही पुलिस ने श्रेयांश का लहूलूहान शव पड़ा पाया, जबकि दिव्यांश गायब था। पुलिस ने हरिओम और सूरज से कड़ाई से पूछताछ कर ही रही थी कि एक बोरे में कुछ हलचल हुई तो पुलिस ने प्लास्टिक का बोरा खोला तो उसके अंदर दिव्यांश लहूलुहान पड़ा था।
स्वाट टीम प्रभारी रतन शर्मा लहूलुहान दिव्यांश को लेकर जिला अस्पताल की तरफ भागे। जिला अस्पताल में चिकित्सक डॉ. रमेश ने दिव्यांश का प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। दूसरी तरफ थानाध्यक्ष केबी सिंह घटना में शामिल चौथे आरोपी शिव पूजन निवासी कौहड़ा के बारे में हरिओम व सूरज से पूछताछ की।
पूछताछ में पचा चला कि चंद मिनट पहले ही शिव पूजन बच्चों की स्कूल की दो बैग छिपाने के लिए बाइक से जा चुका है। ये सुनते ही केबी सिंह ने एसपी को अवगत कराया। एसपी ने पुलिस तंत्र को सक्रिय करते हुए हर संदिग्ध युवक की जांच करने का आदेश दिया। सुबह करीब साढ़े पांच बजे कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज मोड़ के पास थानाध्यक्ष केबी सिंह संदिग्ध लोगों की जांच में जुटे थे, तभी एक बाइक को रोका।
बाइक सवार युवक ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग का जवाब देते हुए पुलिस ने भी फायरिंग की। फायरिंग से युवक के पैर में गोली लग गई और वह जमीन पर गिर पड़ा। युवक की पीठ पर स्कूल बैग टंगा था। पुलिस ने शिव पूजन को भी जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।
पुलिस ने घटना स्थल से दिव्यांश और श्रेयांश का जूता, स्कूल ड्रेस, श्रेयांश की हत्या में प्रयुक्त फावड़ा और फिरौती मांगने में प्रयुक्त मोबाइल सेट बरामद किया है। पुलिस ने गिरफ्तार रघुवर यादव निवासी कौहड़ा, हरिओम व सूरज निवासी पलिया थाना गोसाईगंज को न्यायालय में पेश किया। घटना से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने तीनों आरोपियों की जमकर पिटाई कर दी। पुलिस कर्मियों ने किसी तरह से तीनों आरोपियों को बचाया।
केजीएमयू पहुंचे सीएम योगी
घटना का सज्ञान लेकर केजीएमयू पहुंचे सीएम योगी ने कहा कि सभी अपहरणकर्ता गिरफ्तार कर लिए गए हैं। घायल बच्चे के इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। सभी जरूरी निर्देश दिए गए हैं। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।