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रायबरेली शराब कांड के आरोपी ने खुद को गोली से उड़ाया
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लखनऊ। अलीगंज के सेक्टर-ई निवासी विजय गुप्ता उर्फ छोटू (37) ने खुद को गोली से उड़ा लिया। उसका शव हसनगंज के निरालानगर स्थित होटल डी-ग्लोब के कमरे में खून से लथपथ मिला। पुलिस ने कमरे का लॉक तोड़कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के मुताबिक, विजय ने खुद को अवैध पिस्तौल से गोली मारी थी। पुलिस ने इस मामले में अवैध असलहा रखने का केस भी दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, विजय रायबरेली शराब कांड का आरोपी था। उसकी तलाश रायबरेली पुलिस कर रही थी। वहीं विजय सरेंडर की तैयारी कर चुका था।
प्रभारी निरीक्षक हसनगंज अशोक कुमार सोनकर के मुताबिक, अलीगंज ई-2/27 निवासी विजय गुप्ता उर्फ छोटू शराब का काम करता था। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि होटल डी-ग्लोब के कमरे में विजय गुप्ता ने गोली मार ली। पुलिस टीम ने कमरा का लॉक तोड़कर दाखिल हुई। पड़ताल में सामने आया कि विजय काफी दिनों से होटल में छिपकर रहता था। उसकी तलाश रायबरेली की पुलिस पिछले तीन महीने से कर रही थी।
पत्नी से चल रहा था तलाक का केस
पुलिस के मुताबिक, विजय गुप्ता के परिवार में पत्नी नेहा, दो बेटे राघव व यथार्थ हैं। पूछताछ में विजय के भाई अमित ने बताया कि विजय की शादी बहराइच में हुई थी। दो साल पहले पत्नी से विवाद हो गया जिसके बाद वह बहराइच मायके में ही रहती है। वहीं दोनों बेटे अलीगंज स्थित मकान में विजय के पिता के साथ रहते हैं। विजय व नेहा के बीच में तलाक का केस भी चल रहा है। परिवारीजनों ने बताया कि विजय, पत्नी से चल रहे विवाद को लेकर काफी तनाव में रहता था।
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एक साथ करता था प्रॉपर्टी व शराब का कारोबार
पुलिस के मुताबिक, विजय गुप्ता उर्फछोटू शुरूआती दौर में प्रॉपर्टी का काम करता था। इसी दौरान उसके ताल्लुकात कुछ शराब कारोबारियों से हुए। उसने प्रॉपर्टी के साथ ही शराब का काम भी शुरू कर दिया। लखनऊ में उसके पास कई दुकानें भी हैं। इसी बीच उसके संबंध अवैध शराब के कारोबारियाें से हो गए। उनके साथ मिलकर मिलावटी शराब निर्माण में भूमिका निभाने लगा। अवैध शराब के कारोबार से उसे मोटा मुनाफा होने लगा। इसके बाद उसने इस काले कारोबार में इतना आगे निकल गया कि उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसी कारण परिवार में भी तनाव होने लगा था।
रायबरेली शराब कांड का था आरोपी
इसी साल 26 जनवरी को रायबरेली के महराजगंज थानाक्षेत्र के पहाड़पुर गांव में मिलावटी देशी शराब पीने से 12 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में स्थानीय प्रधान सहित करीब दर्जन भर लोगों को आरोपी बनाया गया। ज्यादातर लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्त में आये आरोपियों में ग्राम प्रधान, शराब दुकान का सेल्समैन, आपूर्ति करने वाला ठेकेदार सहित करीब दर्जन भर लोग शामिल है। इस मामले में पुलिस की विवेचना जैसे आगे बढ़ी तो कई नाम और सामने आये। इसमें विजय गुप्ता उर्फछोटू का भी नाम शामिल था। विवेचना में नाम सामने आने के बाद उसकी तलाश शुरू कर दी। रायबरेली पुलिस के मुताबिक विजय मिलवटी शराब बनाने में रैपर, शीशी व ढक्कन की आपूर्ति करता था।
सरेंडर करने की कर चुका था तैयारी
पुलिस के मुताबिक, जब इस मामले की जानकारी हुई तो परिवारीजनों से पूछताछ की गई। इस पर भाई ने बताया कि कई दिनों से लगातार रायबरेली पुलिस उस पर आत्मसमर्पण करने का दबाव बना रही थी। इसके लिए लगातार परिवारीजनों से पुलिस संपर्क कर रही थी। भाई ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले शनिवार को विजय ने वकील से बातचीत की इसके बाद समर्पण की बात कही थी। वकील की राय पर उसने बुधवार को समर्पण करने की बात भाई से कही थी। यह बात उसके भाई की दुकान पर ही तय हुआ था। लेकिन मंगलवार को ही उसने खुद को गोली से उड़ा लिया। प्रभारी निरीक्षक हसनगंज अशोक सोनकर के मुताबिक, विजय ने खुद को अवैध पिस्तौल से गोली मारी थी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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प्रभारी निरीक्षक हसनगंज अशोक कुमार सोनकर के मुताबिक, अलीगंज ई-2/27 निवासी विजय गुप्ता उर्फ छोटू शराब का काम करता था। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि होटल डी-ग्लोब के कमरे में विजय गुप्ता ने गोली मार ली। पुलिस टीम ने कमरा का लॉक तोड़कर दाखिल हुई। पड़ताल में सामने आया कि विजय काफी दिनों से होटल में छिपकर रहता था। उसकी तलाश रायबरेली की पुलिस पिछले तीन महीने से कर रही थी।
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पत्नी से चल रहा था तलाक का केस
पुलिस के मुताबिक, विजय गुप्ता के परिवार में पत्नी नेहा, दो बेटे राघव व यथार्थ हैं। पूछताछ में विजय के भाई अमित ने बताया कि विजय की शादी बहराइच में हुई थी। दो साल पहले पत्नी से विवाद हो गया जिसके बाद वह बहराइच मायके में ही रहती है। वहीं दोनों बेटे अलीगंज स्थित मकान में विजय के पिता के साथ रहते हैं। विजय व नेहा के बीच में तलाक का केस भी चल रहा है। परिवारीजनों ने बताया कि विजय, पत्नी से चल रहे विवाद को लेकर काफी तनाव में रहता था।
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एक साथ करता था प्रॉपर्टी व शराब का कारोबार
पुलिस के मुताबिक, विजय गुप्ता उर्फछोटू शुरूआती दौर में प्रॉपर्टी का काम करता था। इसी दौरान उसके ताल्लुकात कुछ शराब कारोबारियों से हुए। उसने प्रॉपर्टी के साथ ही शराब का काम भी शुरू कर दिया। लखनऊ में उसके पास कई दुकानें भी हैं। इसी बीच उसके संबंध अवैध शराब के कारोबारियाें से हो गए। उनके साथ मिलकर मिलावटी शराब निर्माण में भूमिका निभाने लगा। अवैध शराब के कारोबार से उसे मोटा मुनाफा होने लगा। इसके बाद उसने इस काले कारोबार में इतना आगे निकल गया कि उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसी कारण परिवार में भी तनाव होने लगा था।
रायबरेली शराब कांड का था आरोपी
इसी साल 26 जनवरी को रायबरेली के महराजगंज थानाक्षेत्र के पहाड़पुर गांव में मिलावटी देशी शराब पीने से 12 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में स्थानीय प्रधान सहित करीब दर्जन भर लोगों को आरोपी बनाया गया। ज्यादातर लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्त में आये आरोपियों में ग्राम प्रधान, शराब दुकान का सेल्समैन, आपूर्ति करने वाला ठेकेदार सहित करीब दर्जन भर लोग शामिल है। इस मामले में पुलिस की विवेचना जैसे आगे बढ़ी तो कई नाम और सामने आये। इसमें विजय गुप्ता उर्फछोटू का भी नाम शामिल था। विवेचना में नाम सामने आने के बाद उसकी तलाश शुरू कर दी। रायबरेली पुलिस के मुताबिक विजय मिलवटी शराब बनाने में रैपर, शीशी व ढक्कन की आपूर्ति करता था।
सरेंडर करने की कर चुका था तैयारी
पुलिस के मुताबिक, जब इस मामले की जानकारी हुई तो परिवारीजनों से पूछताछ की गई। इस पर भाई ने बताया कि कई दिनों से लगातार रायबरेली पुलिस उस पर आत्मसमर्पण करने का दबाव बना रही थी। इसके लिए लगातार परिवारीजनों से पुलिस संपर्क कर रही थी। भाई ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले शनिवार को विजय ने वकील से बातचीत की इसके बाद समर्पण की बात कही थी। वकील की राय पर उसने बुधवार को समर्पण करने की बात भाई से कही थी। यह बात उसके भाई की दुकान पर ही तय हुआ था। लेकिन मंगलवार को ही उसने खुद को गोली से उड़ा लिया। प्रभारी निरीक्षक हसनगंज अशोक सोनकर के मुताबिक, विजय ने खुद को अवैध पिस्तौल से गोली मारी थी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।