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गन्ना किसानों के भुगतान के लिए दिए 2619 करोड़, 44 चीनी मिलों को भेजी रकम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 01 Dec 2018 07:22 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अल्टीमेटम के बाद गन्ना विभाग ने किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए शुक्रवार को 2619 करोड़ रुपये के सॉफ्ट लोन का भुगतान कर दिया। इससे 44 चीनी मिलों का शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान हो गया है।
इसमें बलरामपुर समूह की मिलों को 365.08 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। सॉफ्ट लोन के लिए शेष चीनी मिलों के दावों का परीक्षण किया जा रहा है। सीएम योगी ने भुगतान अतिशीघ्र करने का निर्देश देते हुए कहा था कि उनकी सरकार के लिए गन्ना किसानों का हित सर्वोपरि है।
राज्य सरकार ने गन्ना मूल्य भुगतान के लिए अनुपूरक बजट में चीनी मिलों को 4000 करोड़ रुपये के सॉफ्ट लोन का प्रावधान किया था। यह रकम निजी क्षेत्र की मिलों को पेराई सत्र 2017-18 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए राष्ट्रीयकृत, अनुसूचित, व्यावसायिक एवं उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जानी थी।
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गन्ना राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने उप गन्ना आयुक्त एवं जिला गन्ना अधिकारियों को सॉफ्ट लोन की राशि एस्क्रो एकाउंट के माध्यम से किसानों के खाते में तत्काल ट्रांसफर कराने के निर्देश दिए हैं।
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इसमें बलरामपुर समूह की मिलों को 365.08 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। सॉफ्ट लोन के लिए शेष चीनी मिलों के दावों का परीक्षण किया जा रहा है। सीएम योगी ने भुगतान अतिशीघ्र करने का निर्देश देते हुए कहा था कि उनकी सरकार के लिए गन्ना किसानों का हित सर्वोपरि है।
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राज्य सरकार ने गन्ना मूल्य भुगतान के लिए अनुपूरक बजट में चीनी मिलों को 4000 करोड़ रुपये के सॉफ्ट लोन का प्रावधान किया था। यह रकम निजी क्षेत्र की मिलों को पेराई सत्र 2017-18 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए राष्ट्रीयकृत, अनुसूचित, व्यावसायिक एवं उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जानी थी।
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गन्ना राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने उप गन्ना आयुक्त एवं जिला गन्ना अधिकारियों को सॉफ्ट लोन की राशि एस्क्रो एकाउंट के माध्यम से किसानों के खाते में तत्काल ट्रांसफर कराने के निर्देश दिए हैं।
बलरामपुर समूह को सर्वाधिक 365 करोड़ ऋण
द्वारिकेश समूह की मिलों को 134.48 करोड़, बलरामपुर समूह की मिलों को 365.08 करोड़, उत्तम समूह को 101.31 करोड़, बिडला समूह को 257.13 करोड़, त्रिवेणी समूह को 364 करोड़, डालमिया समूह को 150.07, धामपुर समूह को 266.22 करोड़, डीएससीएल को 201.73 और दौराला को 54.24 करोड़ का ऋण दिया गया है।
टिकौला समूह की चीनी मिलों को 5.69 करोड़ रुपये ऋण दिया गया है। इसी तरह बिसवां को 31.52, मोतीनगर को 47.76 करोड़ तथा एचएल पीलीभीत को 67.86 करोड़, ऐरा को 118.94 करोड़, नवाबगंज को 53.49 करोड़, सेवरही को 365.08 करोड़, न्योली को 34.36 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
टिकौला समूह की चीनी मिलों को 5.69 करोड़ रुपये ऋण दिया गया है। इसी तरह बिसवां को 31.52, मोतीनगर को 47.76 करोड़ तथा एचएल पीलीभीत को 67.86 करोड़, ऐरा को 118.94 करोड़, नवाबगंज को 53.49 करोड़, सेवरही को 365.08 करोड़, न्योली को 34.36 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
430 करोड़ की वित्तीय मदद किसानों के खाते में जाएगी
सरकार ने चीनी मिलों को खरीद गए गन्ने पर प्रति क्विंटल 4.50 रुपये की दर से वित्तीय सहायता प्रदान की थी। इसमें शर्त थी कि शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान होने पर यह मदद दी जाएगी।
गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि पेराई सत्र 2017-18 में खरीदे गए गन्ने की मात्रा के सापेक्ष 4.50 प्रति क्विंटल की दर से चीनी मिलों को लगभग 430 करोड़ की धनराशि दी जाएगी।
उन्होंने कहा है कि संबंधित उप गन्ना आयुक्त एवं जिला गन्ना अधिकारी यह राशि एस्क्रो एकाउंट के माध्यम से किसानों के खाते में तत्काल हस्तांतरित कराएंगे। इसका उपयोग भी गन्ना मूल्य भुगतान के लिए होगा।
गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि पेराई सत्र 2017-18 में खरीदे गए गन्ने की मात्रा के सापेक्ष 4.50 प्रति क्विंटल की दर से चीनी मिलों को लगभग 430 करोड़ की धनराशि दी जाएगी।
उन्होंने कहा है कि संबंधित उप गन्ना आयुक्त एवं जिला गन्ना अधिकारी यह राशि एस्क्रो एकाउंट के माध्यम से किसानों के खाते में तत्काल हस्तांतरित कराएंगे। इसका उपयोग भी गन्ना मूल्य भुगतान के लिए होगा।