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गन्ने के सट्टे एवं आपूर्ति की नीति जारी : किसान की मृत्यु होने पर भी जारी रहेगा गन्ने का सट्टा

Fri, 10 Sep 2021 11:22 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 10 Sep 2021 11:22 AM IST
सार

गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना विकास विभाग द्वारा जारी इस वर्ष की सट्टा एवं आपूर्ति नीति में किसान हितों को देखते हुए कई बदलाव किए हैं। मसलन, जमीन के क्रय विक्रय केबाद बेसिक कोटे के हस्तांतरण में किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और इसका सीधा हस्तांतरण कर दिया जाएगा।

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Sugarcane betting and supply policy continues: Sugarcane betting will continue even after the death of the farmer
गन्ना किसान

विस्तार

प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी ने बृहस्पतिवार को पेराई सत्र 2021-22 के लिए गन्ने के सट्टे एवं आपूर्ति की नीति जारी कर दी। अहम यह है कि गन्ना किसान की मृत्यु होने पर भी उसका सट्टा जारी रहेगा और उसके वारिस मिलों को गन्ने की आपूर्ति जारी रख सकेंगे।

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गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना विकास विभाग द्वारा जारी इस वर्ष की सट्टा एवं आपूर्ति नीति में किसान हितों को देखते हुए कई बदलाव किए हैं। मसलन, जमीन के क्रय विक्रय केबाद बेसिक कोटे के हस्तांतरण में किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और इसका सीधा हस्तांतरण कर दिया जाएगा। इसके अलावा किसान की मृत्यु की दशा में पहले उसका सट्टा तत्काल बंद कर दिया जाता था। अब ऐसा नहीं होगा। उसके परिजन गन्ने की आपूर्ति बदस्तूर जारी रख सकेंगे। 
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यह अवश्य होगा कि उनके वारिसों को गन्ना मूल्य का भुगतान तभी किया जाएगा जब नियमानुसार सभी वारिस तय हो जाएंगे। कृषकों को उपज बढ़ोत्तरी के लिए प्रार्थनापत्र देने पर शुल्क देना पड़ता है। उत्तम गन्ना किसानों को अब शुल्क नहीं देना होगा। सैनिकों, अर्द्घसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके उत्तराधिकारियों को सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर गन्ना आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी।
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यह है सट्टे की सीमा
इस वर्ष की आपूर्ति नीति में प्रति कृषक गन्ना सट्टे की सीमा सीमांत कृषक (1 हेक्टेयर तक) के लिए अधिकतम 850 क्विंटल, लघु कृषक (2 हेक्टेयर तक) के लिये 1,700 क्विंटल तथा सामान्य कृषक (5 हेक्टेयर तक) के लिये 4250 क्विंटल तय की गई है। उपज बढ़ोत्तरी की दशा में सट्टे की अधिकतम सीमा सीमान्त, लघु एवं सामान्य कृषक हेतु क्रमश: 1350 क्विंटल, 2,700 क्विंटल. तथा 6,750 क्विंटल निर्धारित की गयी है। 


ड्रिप सिंचाई से अतिरिक्त सट्टा
कृषक ड्रिप सिंचाई पद्घति से जो किसान सिंचाई करते हैं उनको अतिरिक्त सट्टे में प्राथमिकता दी जाएगी। अतिरिक्त सट्टे में अस्वीकृत गन्ना प्रजातियों को सम्मिलित नहीं किया जाएगा।

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