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500 करोड़ की रियायत, अब चलेंगी मिलें
राजेंद्र सिंह/लखनऊ
Updated Mon, 02 Dec 2013 12:49 PM IST
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चीनी मिलों में गन्ना पेराई को लेकर तकरीबन महीने भर से चला आ रहा गतिरोध रविवार को समाप्त हो गया।
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सरकार ने चालू पेराई सत्र में मिलों को सहकारी गन्ना समितियों के कमीशन से छूट दे दी। कमीशन के करीब 500 करोड़ रुपये की भरपाई प्रदेश सरकार करेगी।
मिलें गन्ना के तौर पर 280 रुपये प्रति क्विंटल अदा करने पर राजी हैं लेकिन इसका भुगतान दो किस्तों में किया जाएगा।
यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन ने तत्काल सभी निजी मिलें चलाने की घोषणा कर दी। शासन ने नौ मिलों के खिलाफ शनिवार को जारी आरसी की कार्रवाई पर भी रोक लगा दी है।
निजी शुगर मिलों ने चीनी के रेट में गिरावट से घाटे का तर्क देते हुए मिलें चलाने से इन्कार कर दिया था।
किसानों के आंदोलन और हाईकोर्ट में तीन दिसंबर को प्रस्तावित सुनवाई को देखते हुए शनिवार को बड़े समूहों की नौ मिलों के खिलाफ आरसी जारी कर दी गई।
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इस पर शुगर लॉबी तत्काल हरकत में आई। चीनी मिल मालिक रविवार सुबह ही मुख्य सचिव जावेद उस्मानी से मिलने पहुंच गए।
दोपहर में तय हुआ कि चीनी मिलों को गन्ना समिति के कमीशन से छूट दे दी जाएगी। चालू सीजन के लिए कमीशन 6.20 रुपये प्रति क्विंटल बैठता है।
इसके बाद निजी मिलें तत्काल पेराई को राजी हो गईं। मुख्य सचिव ने दोपहर बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके गन्ना पेराई को लेकर चल रहा गतिरोध खत्म होने की जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि चीनी मिलें 225 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य तय किए जाने पर अड़ी थीं।
सरकार ने इस मांग को खारिज करते हुए चीनी मिलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया था।
यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन ने रविवार बताया कि वे तत्काल प्रभाव से गन्ना पेराई शुरू करने को तैयार हैं। एसोसिएशन ने सभी मिलों को इसके लिए निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
दो किस्तों में ऐसे होगा भुगतान
एसोसिएशन ने कहा है कि उसे राज्य सरकार की ओर से घोषित 280 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य स्वीकार है।
गन्ना पर्ची पर यही रेट अंकित किया जाएगा लेकिन भुगतान दो किस्तों में होगा। 260 रुपये गन्ना आपूर्ति करने के 14 दिन के भीतर तो 20 रुपये पेराई सत्र के अंत में दिया जाएगा।
1046 करोड़ रुपये की रियायत
चीनी मिल एसोसिएशन ने सरकार से चीनी पर प्रवेश कर, गन्ना क्रय कर और गन्ना समितियों का कमीशन माफ करने का भी अनुरोध किया।
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रवेश कर और गन्ना क्रय की छूट पहले ही दी जा चुकी है। चालू सत्र में गन्ना समितियों के कमीशन की भरपाई प्रदेश सरकार करेगी।
इससे चीनी मिलों को करीब 500 करोड़ रुपये का और लाभ मिलेगा। प्रवेश कर में छूट से 219 करोड़ की राहत तो गन्ना क्रय कर में 160 करोड़ रुपये की रियायत दी गई है।
शीरा बिक्री पर नियंत्रण हटाने से चीनी उद्योग को 167 करोड़ का लाभ होगा। यानी 1046 करोड़ रुपये की रियायतें चालू सीजन में शुगर इंडस्ट्री को दी गई हैं।
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