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Lucknow News: सामान्य नहीं है अचानक वजन बढ़ना और चेहरे पर बाल आना
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लखनऊ। यदि मासिक धर्म अनियमित है, वजन तेजी से बढ़ रहा है और चेहरे पर असामान्य रूप से बाल उग रहे हैं, तो इसे सामान्य न समझें। ये लक्षण पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज (पीसीओडी) या पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) के संकेत हो सकते हैं। यह समस्या अब हर आयु वर्ग की महिलाओं में आम होती जा रही है और स्त्री रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना इस तरह के कई मरीज पहुंच रहे हैं।
हर दिन बढ़ रही हैं मरीजों की संख्या
वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुणा सिंह के अनुसार, हर दिन 5 से 10 महिलाएं इस समस्या को लेकर अस्पताल पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि तेज़ रफ्तार जीवनशैली, असंतुलित खानपान और तनाव इसके प्रमुख कारण हैं। इस बीमारी की जड़ में हॉर्मोनल असंतुलन होता है। कई मामलों में युवतियों में मेल हॉर्मोन (एंड्रोजन) का स्तर सामान्य से अधिक पाया गया, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
यह समस्या मुख्यतः 17 से 35 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं में देखी जा रही है। डॉ. अरुणा सिंह का कहना है कि अधिकांश पीड़ित महिलाएं शर्म और संकोच के चलते अपनी समस्या समय पर साझा नहीं करतीं, जिससे सही समय पर निदान नहीं हो पाता। कई बार यह बीमारी आनुवांशिक भी होती है। अब यह समस्या सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि कस्बों और गांवों तक फैल चुकी है।
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क्या है पीसीओडी और पीसीओएस?
स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार, पीसीओएस में अंडाशय (ओवरी) में छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं, जिससे हार्मोनल संतुलन बिगड़ता है। पीसीओडी में न केवल ओवरी में सिस्ट बनते हैं, बल्कि हार्मोनल असंतुलन शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करता है।
इसके मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
अनियमित मासिक धर्म
तेजी से बढ़ता वजन
चेहरे पर अत्यधिक बालों का उगना
कैसे करें रोकथाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि जीवनशैली में सुधार करके इस समस्या से बचाव संभव है। संतुलित और पौष्टिक आहार, रोजाना हल्का-फुल्का व्यायाम व योग, तनाव से दूरी, भरपूर नींद और नियमित रूप से मेडिकल जांच इस समस्या से निजात दिला सकती है।
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हर दिन बढ़ रही हैं मरीजों की संख्या
वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुणा सिंह के अनुसार, हर दिन 5 से 10 महिलाएं इस समस्या को लेकर अस्पताल पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि तेज़ रफ्तार जीवनशैली, असंतुलित खानपान और तनाव इसके प्रमुख कारण हैं। इस बीमारी की जड़ में हॉर्मोनल असंतुलन होता है। कई मामलों में युवतियों में मेल हॉर्मोन (एंड्रोजन) का स्तर सामान्य से अधिक पाया गया, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
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यह समस्या मुख्यतः 17 से 35 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं में देखी जा रही है। डॉ. अरुणा सिंह का कहना है कि अधिकांश पीड़ित महिलाएं शर्म और संकोच के चलते अपनी समस्या समय पर साझा नहीं करतीं, जिससे सही समय पर निदान नहीं हो पाता। कई बार यह बीमारी आनुवांशिक भी होती है। अब यह समस्या सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि कस्बों और गांवों तक फैल चुकी है।
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क्या है पीसीओडी और पीसीओएस?
स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार, पीसीओएस में अंडाशय (ओवरी) में छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं, जिससे हार्मोनल संतुलन बिगड़ता है। पीसीओडी में न केवल ओवरी में सिस्ट बनते हैं, बल्कि हार्मोनल असंतुलन शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करता है।
इसके मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
अनियमित मासिक धर्म
तेजी से बढ़ता वजन
चेहरे पर अत्यधिक बालों का उगना
कैसे करें रोकथाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि जीवनशैली में सुधार करके इस समस्या से बचाव संभव है। संतुलित और पौष्टिक आहार, रोजाना हल्का-फुल्का व्यायाम व योग, तनाव से दूरी, भरपूर नींद और नियमित रूप से मेडिकल जांच इस समस्या से निजात दिला सकती है।