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Lucknow News: अपार आईडी से छात्रों को मिलेगी विशिष्ट पहचान
Tue, 08 Oct 2024 03:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 08 Oct 2024 03:01 AM IST
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श्रावस्ती। छात्रों को विशेष पहचान देने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत छात्रों का विशेष कोड तैयार किया जाएगा। यू डायस पोर्टल पर छात्रों की शैक्षिक प्रगति व उनके परीक्षाफल को भी आईडी नंबर से देखा जा सकेगा।
शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सभी छात्रों का ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार आईडी) बनाने का निर्देश जारी किया है। इसके तहत बीच में ही पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की पहचान आसानी से हो सकेगी। जिससे उन्हें पुन: शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा। इस व्यवस्था के तहत यू डायस पोर्टल पर विद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों को 12 अंकों का यूनिक नंबर मिलेगा। इससे छात्रों के शैक्षिक प्रगति को समय-समय पर चेक किया जा सकेगा।
छात्रों के अंकपत्र उनके यूनिक आईडी पर स्वत: अपडेट हो जाएंगे। साथ ही डिजिलॉकर के माध्यम से आईडी पर सुरक्षित सभी जानकारी कभी भी और कहीं भी देखा जा सकेगा जबकि यह व्यवस्था केंद्रीय विद्यालय व जवाहर नवोदय विद्यालय में पहले से ही लागू है। जहां पर कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों को अपार आईडी दिया गया है।
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अभिभावकों से भरवाया जाएगा सहमति पत्र
छात्रों का अपार आईडी (एपीएएआर) बनाने से पहले विद्यालयों में अभिभावक गोष्ठी आयोजित की जाएगी। जिसमें अभिभावकों को इसके बारे में जागरूक कर इसके फायदे बताए जाएंगे। साथ ही उनसे सहमति पत्र भरवाया जाएगा। जिसके बाद छात्रों की अपार आईडी बनाई जाएगी।
शीघ्र लागू होगी व्यवस्था
अपार आईडी से छात्रों को विशेष पहचान मिल सकेगी। अब एक साथ दो विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की भी छंटनी हो सकेगी। यह व्यवस्था शीघ्र ही विद्यालयों में लागू किया जाएगा। - मिथिलेश कुमार, डीआईओएस
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शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सभी छात्रों का ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार आईडी) बनाने का निर्देश जारी किया है। इसके तहत बीच में ही पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की पहचान आसानी से हो सकेगी। जिससे उन्हें पुन: शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा। इस व्यवस्था के तहत यू डायस पोर्टल पर विद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों को 12 अंकों का यूनिक नंबर मिलेगा। इससे छात्रों के शैक्षिक प्रगति को समय-समय पर चेक किया जा सकेगा।
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छात्रों के अंकपत्र उनके यूनिक आईडी पर स्वत: अपडेट हो जाएंगे। साथ ही डिजिलॉकर के माध्यम से आईडी पर सुरक्षित सभी जानकारी कभी भी और कहीं भी देखा जा सकेगा जबकि यह व्यवस्था केंद्रीय विद्यालय व जवाहर नवोदय विद्यालय में पहले से ही लागू है। जहां पर कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों को अपार आईडी दिया गया है।
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अभिभावकों से भरवाया जाएगा सहमति पत्र
छात्रों का अपार आईडी (एपीएएआर) बनाने से पहले विद्यालयों में अभिभावक गोष्ठी आयोजित की जाएगी। जिसमें अभिभावकों को इसके बारे में जागरूक कर इसके फायदे बताए जाएंगे। साथ ही उनसे सहमति पत्र भरवाया जाएगा। जिसके बाद छात्रों की अपार आईडी बनाई जाएगी।
शीघ्र लागू होगी व्यवस्था
अपार आईडी से छात्रों को विशेष पहचान मिल सकेगी। अब एक साथ दो विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की भी छंटनी हो सकेगी। यह व्यवस्था शीघ्र ही विद्यालयों में लागू किया जाएगा। - मिथिलेश कुमार, डीआईओएस