पहली बार देखिए बिजली के बिना चलने वाला फ्रिज!
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पेट्रोल और डीजल की बढ़ती हुई कीमतों से बड़ों के साथ ही बच्चे भी फिक्रमंद हैं। बच्चे ऐसी दुनिया की कल्पना कर रहे हैं जिसमें ऊर्जा के लिए बिजली, पेट्रोल और डीजल जैसे साधनों की जरूरत महसूस नहीं होगी।
इसका नजारा देखने को मिला रमाबाई अंबेडकर रैली स्थल में आयोजित इंस्पायर अवॉर्ड प्रदर्शनी में। यहां बच्चों ने अपने मॉडल्स में ऊर्जा के परंपरागत साधनों को दरकिनार कर वैकल्पिक साधनों के दम पर मॉडल्स का अलग संसार सजा रखा था।
कासगंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़ागांव शहावर में कक्षा सात की छात्रा लक्ष्मी ने लकड़ी के डिब्बे, कोयले, घड़े और रस्सी के सहारे प्राकृतिक फ्रिज का मॉडल बनाया। लकड़ी के डिब्बे के ऊपर उन्होंने घड़े में पानी भरकर रख दिया था। रस्सी के सहारे इसे लकड़ी के डिब्बे के आसपास भरे गए कोयले में डाला गया था। कोयला पानी सोख रहा था, इस वजह से अंदर जाने वाली हवा एकदम ठंडी थी। इस वजह से फ्रिज में रखी गई चीजें सुरक्षित थीं।
क्या कभी देखा है हैंडमेड एयरकंडीशनर
कई बच्चों ने वैकल्पिक ऊर्जा पर आधारित मॉडल बनाए थे तो कई ऊर्जा बचाने पर भी आधारित थे। लखनऊ के गोसाईंगंज विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर अमौलिया में कक्षा आठ के छात्र सुधीर ने सेंसर आधारित स्ट्रीट लाइट का मॉडल बनाया। इसमें अंधेरा होते ही लाइट अपने आप जल जाती है और उजाला होते ही लाइट ऑफ हो जाती है। सुधीर के अनुसार इस तकनीक से काफी लाइट बचाई जा सकती है।
गुरुवार को भयंकर गर्मी के बीच उच्च प्राथमिक विद्यालय मिर्जागंज मलिहाबाद की उजमा बानो का मॉडल लोगों को ठंडी हवा दे रहा था। उजमा ने एक डिब्बा, मोटर और पंखे के सहारे हैंड मेड एसी का प्रदर्शन किया। डिब्बे में बर्फ भरकर उन्होंने उसके किनारे पंखा लगा दिया था। इससे भयंकर गर्मी में भी उनका पंखा ठंडी हवा फेंक रहा था।
बदायूं के मो. अनस ने जब मानवरहित उड़न तश्तरी के मॉडल को प्रदर्शनी में उड़ाया तो हर कोई दंग रह गया। मुस्लिम अरेबिक इंटर कॉलेज में कक्षा आठ के छात्र अनस के अनुसार उड़न तश्तरी के बारे में सुनकर उसे इस मॉडल का खयाल आया।
छेड़खानी की तो लगेगा करंट
शामली के स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल की स्पर्शिता वर्मा को छूने वाले हर शख्स को करंट लग रहा था। स्पर्शिता के अनुसार आजकल छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसलिए इस डिवाइस के जरिए शरीर में करंट दौड़ा दिया जाता है।
ऐसे में अगर किसी ने उसे टच करने की कोशिश की तो उसे झटका लग जाएगा। स्पर्शिता ने पुनीत गर्ग के साथ मिलकर मोबाइल से बाइक और कार की सुरक्षा वाला यंत्र भी बनाया। इस यंत्र से मोबाइल से बाइक और कार स्टार्ट किए जा सकते हैं। वाहन को छूने या स्टार्ट करने की कोशिश पर मैसेज मोबाइल पर आ जाएगा।
हाथरस के सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र रविकांत शर्मा ने मोबाइल चालित डिवाइस का मॉडल बनाया। इस डिवाइस से बाहर होने पर घर की बिजली ऑन या ऑफ की जा सकेगी। डिवाइस में दो मोबाइल, दो सिम, एक ट्रांसफॉर्मर, डीसी करंट, केबल तार, डिवाइस प्लास्टिक बॉक्स और बैटरी का उपयोग किया गया है। रविकांत के अनुसार इस डिवाइस की सहायता से केवल मोबाइल पर कॉल कर बिजली सिस्टम को हैंडल किया जा सकेगा।