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बदलावः फिर लौटेंगे इंजीनियरिंग के दिन, सीटें भरने की उम्मीद
Mon, 28 Sep 2020 01:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ
अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2020 01:45 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
कोरोना संक्रमण ने जहां शिक्षा समेत हर क्षेत्र को प्रभावित किया है, वहीं प्रदेश के इंजीनियरिंग संस्थानों में सीटें भरने की उम्मीद जगी है। पिछले कई सालों से प्रदेश के तमाम इंजीनियरिंग कॉलेजों में काफी सीटें खाली रह जाती हैं। माना जा रहा था कि इंजीनियरिंग से छात्रों का मोह भंग हो गया है, मगर कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार छात्रों ने पढ़ाई के लिए बाहर जाने के बजाय लोकल को वरीयता दी है।
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ऐसे में एक बार फिर इंजीनियरिंग कॉलेजों की सीटेंफुल होने की उम्मीद जगी है। जेईई के माध्यम से भी प्रदेश के उच्च इंजीनियरिंग संस्थान में न सिर्फ सीटें भरेंगी, बल्कि दाखिले के लिए कड़ा मुकाबला होगा। वहीं अन्य निजी शिक्षण संस्थानों की भी उम्मीद बढ़ गई है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) के आंकड़े भी इसकी तरफ इशारा कर रहे हैं।
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एकेटीयू से जुड़े प्रदेश में 756 संस्थान हैं, जिसमें 220 संस्थान इंजीनियरिंग के हैं। सत्र 2019-20 में यहां बीटेक की 79693 सीटें थीं, जिसमें से 41155 सीटों पर ही प्रवेश हुए थे। इस बार राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) में पिछले तीन साल में सर्वाधिक (1.62 लाख) आवेदन आए हैं, जो बदलाव के संकेत दे रहे हैं।
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इस साल अभी बीटेक की सीटें तो नहीं फाइनल हुई, लेकिन पिछले साल के लगभग ही रहने की उम्मीद है, लेकिन सिर्फ बीटेक में प्रवेश के लिए लगभग 1.30 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें से 95 हजार से अधिक स्टूडेंट्स परीक्षा में भी शामिल हुए हैं, जो ये संकेत दे रहे हैं की इस बार प्रवेश लेने वालों की संख्या बढ़ेगी।
एमएमटीयू में भी प्रवेश को कड़ा मुकाबला
मदन मोहन मालवीय टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एमएमटीयू) गोरखपुर में भी प्रवेश के लिए इस बार काफी अच्छे आवेदन हुए हैं। यहां 900 सीटों पर प्रवेश के लिए काउंसलिंग भी शुरू हो गई है। पहले चरण की काउंसलिंग में ही काफी युवाओं ने अपनी सीटें सुरक्षित की हैं। निदेशक प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि इस बार स्टूडेंट्स ने बाहर के संस्थानों को कम वरीयता दी है। इसलिए इस बार प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में अपेक्षाकृत प्रवेश बढ़ेंगे। हम 10 फीसदी सीटें जेईई से भी भरेंगे।
एचबीटीयू की 600 सीटें जेईई से ही भरेंगी
हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) कानपुर में बीटेक की 600 सीटों में प्रवेश के लिए जल्द रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे। कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने बताया कि उनके यहां जेईई से ही प्रवेश होते हैं। पिछले साल भी कंप्यूटर साइंस की सीटें 5000 से 10 हजार की रैंक के स्टूडेंट्स से भर गई थीं। इस बार सभी लोकल शिक्षण संस्थानों को वरीयता दे रहे हैं। ऐसे में और अच्छी मेरिट के स्टूडेंट्स मिलने की उम्मीद है।
इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए अच्छे संकेत
इंजीनियरिंग संस्थान पिछले कुछ साल से विद्यार्थियों की कमी से जूझ रहे हैं। इस बार के आवेदन और अन्य चीजें उनके लिए अच्छे संकेत हैं। कोरोना की वजह से स्टूडेंट्स और अभिभावकों ने लोकल को वरीयता दी है। वहीं पठन-पाठन में भी काफी बदलाव हुआ है। नैक, एनबीए एक्रीडिटेशन वाले कोर्स बढ़े हैं। रोजगार परक पाठ्यक्रम शुरू हुए हैं। इसका असर इस बार दिखेगा। -प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति, एकेटीयू
एचबीटीयू की 600 सीटें जेईई से ही भरेंगी
हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) कानपुर में बीटेक की 600 सीटों में प्रवेश के लिए जल्द रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे। कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने बताया कि उनके यहां जेईई से ही प्रवेश होते हैं। पिछले साल भी कंप्यूटर साइंस की सीटें 5000 से 10 हजार की रैंक के स्टूडेंट्स से भर गई थीं। इस बार सभी लोकल शिक्षण संस्थानों को वरीयता दे रहे हैं। ऐसे में और अच्छी मेरिट के स्टूडेंट्स मिलने की उम्मीद है।
इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए अच्छे संकेत
इंजीनियरिंग संस्थान पिछले कुछ साल से विद्यार्थियों की कमी से जूझ रहे हैं। इस बार के आवेदन और अन्य चीजें उनके लिए अच्छे संकेत हैं। कोरोना की वजह से स्टूडेंट्स और अभिभावकों ने लोकल को वरीयता दी है। वहीं पठन-पाठन में भी काफी बदलाव हुआ है। नैक, एनबीए एक्रीडिटेशन वाले कोर्स बढ़े हैं। रोजगार परक पाठ्यक्रम शुरू हुए हैं। इसका असर इस बार दिखेगा। -प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति, एकेटीयू