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UPPCS: नई आरक्षण नीति निरस्त, रिहा होंगे छात्र
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 27 Jul 2013 09:59 AM IST
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उत्तर प्रदेश में लोक सेवा आयोग ने आखिरकार आरक्षण प्रक्रिया में हुए विवादित बदलाव वापस ले लिए हैं।
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इस बदलाव के साथ पीसीएस मेंस 2011 का परिणाम भी निरस्त कर दिया गया है। परिणाम नए सिरे से घोषित किया जाएगा। आरक्षण प्रक्रिया में बदलाव के खिलाफ आंदोलन के बाद तोड़फोड़ के आरोप में जेल में बंद 22 छात्रों को रिहा करने का फरमान भी शासन की तरफ से जारी कर दिया गया।
हमने बताया था: UPPCS: कहीं रद्द न हो जाए भर्ती प्रक्रिया!
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इस मसले पर लंबे विवाद के बाद सपा मुखिया मुलायम सिंह ने खुद हस्तक्षेप किया। उन्होंने लोक सेवा आयोग अध्यक्ष, सचिव और सदस्यों से बातचीत के बाद शुक्रवार को छात्र प्रतिनिधियों से बात की।
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सभी पक्षों से राय के बाद छात्रों पर से गंभीर धाराएं हटाने का आदेश दिया। छात्र इसी की खुशी मना रहे थे कि देर शाम उन्हें दोहरी जीत का तोहफा मिला।
लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष ने शाम को हाईकोर्ट बार अध्यक्ष और इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष की मौजूदगी में विशेषज्ञों के साथ बैठक की और 27 मई को आरक्षण प्रावधानों में बदलाव को वापस लेने पर सहमत हो गया।
विशेषज्ञों की सलाह पर आरक्षण प्रक्रिया में बदलाव के मद्देनजर जारी आदेश को निरस्त कर दिया। आयोग ने साफ किया कि 27 मई की बैठक में आरक्षण प्रक्रिया में बदलाव के मद्देनजर पीसीएस मुख्य परीक्षा का जो परिणाम जारी किया गया, उसे निरस्त किया जाता है। परिणाम फिर से तैयार किया जाएगा।
पीसीएस मुख्य परीक्षा का परिणाम निरस्त करने की घोषणा मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप पर हुई। सीएम अखिलेश यादव ने आयोग के अध्यक्ष अनिल यादव को बृहस्पतिवार को ही बुलाया था। अध्यक्ष के साथ कुछ सदस्य और सांसद भी थे।
पार्टी के जुड़े कुछ जनप्रतिनिधियों ने पहले ही यह बात पहुंचाई थी कि इस मसले पर सरकार और पार्टी के खिलाफ माहौल बन रहा था। सीएम से मिलकर लौटे लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार यादव ने देर शाम आयोग की आकस्मिक बैठक बुलाई।
बैठक में मौजूद हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष कंदर्प नारायण मिश्र और इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष प्रो. गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि आयोग के अध्यक्ष इस बात पर सहमत दिखाई पड़े कि आरक्षण प्रावधानों में बदलाव करने में कही चूक हुई है।
बैठक के बाद आयोग के सचिव की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि 27 मई को आयोग की ओर से लिया गया निर्णय वापस लेने के साथ चार जुलाई को जारी पीसीएस मुख्य परीक्षा का परिणाम भी निरस्त कर दिया गया है। संशोधित परिणाम बाद में जारी किया जाएगा।