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Lucknow News: गर्मी से बेहाल छात्र विद्यालय में हुआ बेहोश
Tue, 23 Apr 2024 02:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 23 Apr 2024 02:33 AM IST
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श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज पूरी तरह से गर्म है। सुबह से ही आग उगल रही सूरज की किरणों व गर्म पछुआ हवाओं के कारण धरती भी तपने लगी है। इसके बावजूद जिले में कक्षा आठ तक विद्यालयों का समय नहीं बदला। ऐसे में गर्मी से बेहाल होकर उच्च प्राथमिक विद्यालय गब्बापुर में एक छात्र बेहोश हो गया। शिक्षिकाओं ने प्राथमिक उपचार के बाद छात्र को घर भेज दिया।
जिले में मौसम का पारा 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। इसके साथ ही लगातार चल रही धूल भरी गर्म पछुआ हवाओं के कारण तपन काफी बढ़ गई है। ऐसे में चैत्र माह के अंतिम सप्ताह में ही लोगों को जेठ की तपन का अहसास हो रहा है। वहीं इन सबसे बेपरवाह बेसिक शिक्षा विभाग शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक विद्यालय का संचालन कराया जा रहा है। जबकि शिक्षक लगातार विद्यालय समय परिवर्तित करने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसा ही कुछ सोमवार को सिरसिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय गब्बापुर में देखने को मिला। वहां कक्षा छह का छात्र ओमकार अचानक गर्मी के कारण बेहोश हो गया। आनन-फानन शिक्षिका अनुपमा शर्मा ने पानी मंगाकर उसके चेहरे पर छिड़काव किया और उसका चेहरा धुला। इसके बाद होश में आए छात्र को परिवारजनों को बुलाकर घर भेज दिया गया। बीएसए अमिता सिंह ने बताया कि विद्यालय में बच्चे को चक्कर आने की जानकारी है। अध्यापकों ने बताया कि बच्चे की तबीयत पहले से खराब थी। इस कारण बच्चा चक्कर खाकर गिर गया। प्राथमिक चिकित्सा दिए जाने के बाद बच्चा स्वस्थ हो गया है।
यह भी है दुश्वारी
जिला प्रशासन की ओर से लोकसभा चुनाव के लिए पोलिंग बूथों का कराए गए सर्वे में जिले में 16 विद्यालयों के शौचालय मरम्मत योग्य मिले। जबकि 26 विद्यालयों में पानी की व्यवस्था नहीं मिली। यहां लगे हैंडपंप मरम्मत योग्य पाए गए। वहीं 22 विद्यालय ऐसे भी मिले, जहां बिजली का कनेक्शन ही नहीं है। इसके साथ ही जिले में सुबह 10 बजे से चलने वाली तेज पछुआ हवाओं के कारण शॉर्ट सर्किट से फसलों में आग न लगे। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित कर दी जाती है। ऐसे में विद्यालय समय में शिक्षक व छात्र बगैर पंखे के पठन पाठन को विवश रहते हैं। गब्बापुर की यह घटना अन्य विद्यालयों में भी घटित हो सकती है। इस पर ध्यान न दिए जन से शिक्षकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
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जिले में मौसम का पारा 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। इसके साथ ही लगातार चल रही धूल भरी गर्म पछुआ हवाओं के कारण तपन काफी बढ़ गई है। ऐसे में चैत्र माह के अंतिम सप्ताह में ही लोगों को जेठ की तपन का अहसास हो रहा है। वहीं इन सबसे बेपरवाह बेसिक शिक्षा विभाग शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक विद्यालय का संचालन कराया जा रहा है। जबकि शिक्षक लगातार विद्यालय समय परिवर्तित करने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसा ही कुछ सोमवार को सिरसिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय गब्बापुर में देखने को मिला। वहां कक्षा छह का छात्र ओमकार अचानक गर्मी के कारण बेहोश हो गया। आनन-फानन शिक्षिका अनुपमा शर्मा ने पानी मंगाकर उसके चेहरे पर छिड़काव किया और उसका चेहरा धुला। इसके बाद होश में आए छात्र को परिवारजनों को बुलाकर घर भेज दिया गया। बीएसए अमिता सिंह ने बताया कि विद्यालय में बच्चे को चक्कर आने की जानकारी है। अध्यापकों ने बताया कि बच्चे की तबीयत पहले से खराब थी। इस कारण बच्चा चक्कर खाकर गिर गया। प्राथमिक चिकित्सा दिए जाने के बाद बच्चा स्वस्थ हो गया है।
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जिला प्रशासन की ओर से लोकसभा चुनाव के लिए पोलिंग बूथों का कराए गए सर्वे में जिले में 16 विद्यालयों के शौचालय मरम्मत योग्य मिले। जबकि 26 विद्यालयों में पानी की व्यवस्था नहीं मिली। यहां लगे हैंडपंप मरम्मत योग्य पाए गए। वहीं 22 विद्यालय ऐसे भी मिले, जहां बिजली का कनेक्शन ही नहीं है। इसके साथ ही जिले में सुबह 10 बजे से चलने वाली तेज पछुआ हवाओं के कारण शॉर्ट सर्किट से फसलों में आग न लगे। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित कर दी जाती है। ऐसे में विद्यालय समय में शिक्षक व छात्र बगैर पंखे के पठन पाठन को विवश रहते हैं। गब्बापुर की यह घटना अन्य विद्यालयों में भी घटित हो सकती है। इस पर ध्यान न दिए जन से शिक्षकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
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