फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   student raped by two persons, police did not registerd the case till one month

दरिंदों ने छात्रा को दिए जख्म, केस दर्ज कराने गए पिता को चौकी इंचार्ज ने धमकाया और बोले ...

Fri, 02 Oct 2020 01:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Fri, 02 Oct 2020 01:45 AM IST
विज्ञापन
student raped by two persons, police did not registerd the case till one month
प्रतीकात्मक तस्वीर
हाथरस की घटना से पूरे देश में उबाल है। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। आइए अब आपको बताते हैं  लखनऊ पुलिस की एक ऐसी करतूत के बारे में जिसने दरिंदगी की शिकार एक छात्रा की मदद के बजाए उसके जिस्म और जेहन दोनों पर लगे जख्मों को और गहरा कर दिया।
विज्ञापन


सामूहिक दुष्कर्म की शिकार इस छात्रा को एक माह तक मुकदमा दर्ज कराने के लिए न सिर्फ पुलिस टरकाती रही बल्कि आरोपियों से समझौता करने के लिए दबाव भी डाला। पीड़िता के पिता से सादे कागज पर पुलिस ने जबरन दस्तखत तक करा लिए। पुलिस के उत्पीड़न से तंग आकर छात्रा ने आला अफसरों से लेकर मुख्यमंत्री और महिला आयोग तक गुहार लगाई। तब जाकर एक माह बाद पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज किया।
विज्ञापन


गुडंबा थानाक्षेत्र में रहने वाली 19 वर्षीय एक दलित छात्रा को उसके गांव के ही विपिन सिंह ने 23 अगस्त को नौकरी देने के लिए अपने घर बुलाया था। वह अपने मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र लेकर पहुंच गई। वहां गांव के शकील व तीन-चार अज्ञात युवक पहले से मौजूद थे। आरोपियों ने कई सादे कागज व सादे स्टाम्प पर हस्ताक्षर करवाकर शैक्षिक प्रमाणपत्र ले लिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसके बाद उसे शहर के एक मकान में बंधक बनाकर आठ दिन तक रखा गया। आरोप है कि खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर विपिन व शकील उसके साथ जबरदस्ती करते थे। विरोध करने पर जमकर मारपीट करते थे। पीड़िता ने मुताबिक, कुछ दिन रिश्तेदारों के यहां खोजबीन करने के बाद पिता ने गढ़ी चौकी में शिकायत की। दबाव बढ़ने पर 31 अगस्त को आरोपी उसे सेंट मेरी हॉस्पिटल के पास छोड़कर भाग गए।
Trending Videos

बहनों से भी बदसुलूकी

आंखों में आंसू भरे पीड़िता का किसान पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए पुलिस की चौखट पर बार-बार दस्तक देता रहा लेकिन पुलिस नहीं पसीजी। आरोप है कि 31 अगस्त को उनकी बेटी अपने पिता, मां और मौसी संग गढ़ी चौकी गई और शिकायत की। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने आठ घंटे तक उसे बैठाए रखा।

पुलिस ने कहा कि आरोपियों को बुलाया है। उनके आने के बाद केस दर्ज कर लिया जाएगा। कुछ देर बाद चौकी प्रभारी ने पिता पर दबाव बनाया कि तुम्हारी बेटी लौट आई है, अब लिखकर दे दो कि कोई कार्रवाई नहीं करानी है। इनकार पर धमकाते हुए सादे कागज पर दस्तखत करा लिए।

रात नौ बजे तक चौकी पर पीड़िता आरोपियों का इंतजार करती रही। दूसरे दिन फिर थाने गए। वहां भी सुनवाई नहीं हुई। तीन दिन थाने के चक्कर लगाए। न तो मेडिकल जांच कराई और न ही मुकदमा दर्ज किया। पीड़िता के मुताबिक, पुलिस से शिकायत पर आरोपी विपिन रात को शराब के नशे में उसके घर आ धमका और बहनों से बदसुलूकी की।

 

धमकी दी कि तहरीर वापस ले लो नहीं तो बहनों से भी दुष्कर्म करूंगा। आरोप है कि आरोपियों ने उसके बहनों के कपड़े फाड़ दिए और जातिसूचक गालियां दीं। इसके बाद अनुसूचित जाति आयोग, महिला आयोग, मुख्यमंत्री, डीजीपी को पत्र लिखा। महिला आयोग व अनुसूचित जाति आयोग ने डीसीपी उत्तरी को पत्र भेजकर कार्रवाई करने को कहा।

एसीपी से कराई जांच

पीड़िता ने परिजनों संग डीसीपी उत्तरी व क्राइम अगेंस्ट वूमेन शालिनी से मुलाकात की। वहां से एसीपी गाजीपुर योेगेश को पत्र भेजा गया। जहां एसीपी ने पीड़िता का बयान लेकर चौकी प्रभारी को तलब किया। पुलिस ने 29 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया। प्रभारी निरीक्षक गुडंबा रीतेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आरोपी विपिन व शकील को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है। पीड़िता का आरोप है कि दुष्कर्म का एक आरोपी शकील इलाके में खनन का काम करने वाले का चालक है। उसकी थाने व चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों से साठगांठ है जिसके दबाव में पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया था। 

पीड़िता के पिता ने लापता होने की मौखिक सूचना दी थी। इसके बाद जब लड़की वापस आई तो कार्रवाई न कराने की बात कही। सप्ताहभर बाद डीसीपी उत्तरी कार्यालय में तहरीर दी गई। जांच के बाद पीड़िता का बयान दर्ज कराया गया। फिर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया।  - रीतेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक गुडंबा 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed