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स्कूल प्रशासन की लापरवाही से स्वीमिंग पूल में डूबा छात्र, हालत गंभीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 24 May 2018 11:36 AM IST
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गोमतीनगर के विभूतिखंड स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल एंड कॉलेजेस में स्कूल प्रशासन की लापरवाही से एक छात्र की जान पर बन आई। समर कैंप में आया कक्षा 11 का छात्र आयुष स्विमिंग पूल में डूब गया। गंभीर हालत में बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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वहीं स्कूल प्रशासन का दावा है कि बच्चे का पैर फिसल गया था। मौके पर मौजूद ट्रेनर ने उसे बाहर निकाला। गोमती नगर के निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।स्कूल में इसी सप्ताह से समर कैंप की शुरुआत हुई है।अन्य गतिविधियों के साथ ही इसमें तैराकी भी शामिल है।
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बुधवार को कक्षा 11 का छात्र आयुष तैराकी के लिए उतरा था। अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह डूबने लगा। बच्चों ने शोर मचाया तो स्टाफ ने जाकर बच्चे को बाहर निकाला। तब तक बच्चे की हालत काफी खराब हो चुकी थी। स्कूल प्रशासन ने उसे गोमतीनगर के ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था। देर शाम तक उसकी हालत खराब थी।
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मामला छिपाने की कोशिश क्यों?
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स्विमिंग पूल में बच्चे के डूबने के मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बच्चा तैराकी कर रहा था तो उसके पास कोई ट्रेनर क्यों नहीं था। दूसरा सवाल यह है कि स्कूल प्रशासन मामले को आखिर तक दबाए क्यों रहा। बच्चे को पहले नजदीक के ही निजी अस्पताल में दिखाया गया।
डॉक्टरों द्वारा हाथ खड़े करने के बाद उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान कई घंटे बीत गए लेकिन स्कूल प्रशासन ने पुलिस को खबर नहीं दी। डूबने वाला बच्चा आयुष मूल रूप से बिहार का बताया जा रहा है। यहां पर वह अपने रिश्तेदार के यहां रहता है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि तैराकी के समय उसके रिश्ते के भाई-बहन भी आसपास थे। आयुष के पिता का नाम कृष्णकुमार है।
समर कैंप में ट्रेनर की देख-रेख में तैराकी सिखाई जाती है। आयुष का पैर फिसल गया था। मौके पर मौजूद ट्रेनर ने ही उसे बाहर निकाला। बच्चे को उपचार देना हमारी प्राथमिकता थी, इसलिए घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई। बच्चा खतरे से बाहर है। उसके घरवालों को सूचना दे दी गई थी। वे मौके पर आ भी गए थे। - एसपी सिंह संस्थापक अध्यक्ष, एलपीएस
डॉक्टरों द्वारा हाथ खड़े करने के बाद उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान कई घंटे बीत गए लेकिन स्कूल प्रशासन ने पुलिस को खबर नहीं दी। डूबने वाला बच्चा आयुष मूल रूप से बिहार का बताया जा रहा है। यहां पर वह अपने रिश्तेदार के यहां रहता है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि तैराकी के समय उसके रिश्ते के भाई-बहन भी आसपास थे। आयुष के पिता का नाम कृष्णकुमार है।
समर कैंप में ट्रेनर की देख-रेख में तैराकी सिखाई जाती है। आयुष का पैर फिसल गया था। मौके पर मौजूद ट्रेनर ने ही उसे बाहर निकाला। बच्चे को उपचार देना हमारी प्राथमिकता थी, इसलिए घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई। बच्चा खतरे से बाहर है। उसके घरवालों को सूचना दे दी गई थी। वे मौके पर आ भी गए थे। - एसपी सिंह संस्थापक अध्यक्ष, एलपीएस