फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Strike in Uttar Pradesh.

यूपी में हड़ताल से चक्काजाम, हड़ताली व गैर हड़ताली भिड़े

Fri, 01 May 2015 09:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 01 May 2015 09:04 AM IST
विज्ञापन
Strike in Uttar Pradesh.

केंद्र सरकार के रोड सेफ्टी बिल-2014 के विरोध में आहूत देशव्यापी हड़ताल के कारण गुरुवार को लखनऊ सहित पूरे सूबे में पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठप रहा। रोडवेज की 30 फीसदी यानी 3000 बसें नहीं चल सकीं, जिससे चार लाख से अधिक यात्रियों को डिपो के अड्डे पर बस के लिए 5 से 10 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।

विज्ञापन


प्रदेश के अधिकतर डिपो में दोपहर बाद तीन बजे से बसों का संचालन शुरू हुआ तो यात्रियों ने राहत की सांस ली। हड़ताली एवं गैर हड़ताली गुट के बीच भिड़ंत और मारपीट की घटनाएं भी हुईं। हालांकि रोडवेज ने दावा किया है कि चंद जिलों को छोड़कर शत प्रतिशत बसों का संचालन हुआ।
विज्ञापन


ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के आह्वान पर हड़ताल के तहत हड़ताली सरकारी एवं गैर सरकारी ड्राइवरों एवं कंडक्टरों ने परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। वहीं हड़ताली टेंपो ऑपरेटरों ने सड़कों पर उतरे ऑटो में तोड़फोड़ कर संचालन बाधित कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


लखनऊ में फेडरेशन के प्रदेश संयोजक हकदाद खां एवं केसी बाजपेई के नेतृत्व में कैसरबाग अड्डे पर प्रदर्शन किया गया। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने सभा के बाद राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर बिल के प्रावधानों को संशोधित करने की मांग उठाई।

नहीं हुआ लखनऊ की 600 बसों का संचालन

Strike in Uttar Pradesh.

हड़ताल के कारण लखनऊ रेंज के कैसरबाग व बाराबंकी अड्डे से 600 बसों का संचालन नहीं हुआ। बाराबंकी में सभी अनुबंधित बसों के ड्राइवर हड़ताल पर चले गए थे। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों के अनुसार, हड़ताली लोगों ने सुबह ड्यूटी रूम से कर्मियों को खदेड़ दिया जिससे बसों का संचालन नहीं हो पाया।

मुरादाबाद में अनुबंधित हड़ताली बस ड्राइवरों और गैर हड़तालियों में मारपीट होने से कई घंटे बसों का संचालन बंद रहा। कानपुर, आगरा, हरदोई परिक्षेत्र के जिलों में 30-30 फीसदी बसें हड़ताल के चलते खड़ी रहीं। सीतापुर, लखीमपुर एवं इलाहाबाद में अनुबंधित बस के ड्राइवरों ने निगम की बसों का संचालन बाधित किया।

किमी घटे, पर आमदनी बढ़ी
वहीं, परिवहन निगम की संचालन इकाई का दावा है कि हड़ताल के चलते प्राइवेट एवं अवैध बसों का संचालन बंद होने से रोडवेज बसों को खूब सवारियां मिलीं। इससे रोडवेज की रोजाना होने वाली आमदनी में करीब एक करोड़ रुपये का इजाफा होने की उम्मीद है। हालांकि कुछ बसों के न चलने से निगम की रोजाना चलने वाली बसों के किमी में कमी आएगी।

हड़तालियों को चार्जशीट, नोटिस

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार मेश्राम ने क्षेत्रीय प्रबंधकों को हड़ताली कर्मियों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। प्रबंध निदेशक ने बताया कि हड़ताल के दौरान जिन कर्मचारियों ने बस संचालन में बाधा डाली, उन्हें चार्जशीट और हड़ताली कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है।

1500 अनुबंधित बसें नहीं चलीं

Strike in Uttar Pradesh.

हड़ताल के कारण सूबे में 1500 अनुबंधित बसों का संचालन नहीं हो सका। इससे लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, कानपुर, आगरा, मेरठ, बरेली, गोरखपुर, वाराणसी, इलाहाबाद ,झांसी एवं अलीगढ़ में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उत्तर प्रदेश अनुबंधित बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि लखनऊ में ही 200 बसें खड़ी रहीं।

रोड सेफ्टी बिल में प्रावधान
फेडरेशन के पदाधिकारी आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि सड़क हादसे में ड्राइवर की लापरवाही साबित होने पर सात साल की सजा और तीन लाख रुपये का जुर्माना चुकाना होगा।

वहीं, इस बिल में बसों को बिना कंडक्टर के चलाने का प्रावधान किया गया है। इस बिल से परिवहन निगम एवं परिवहन विभाग का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। ड्राइविंग लाइसेंस एवं परमिट के नवीनीकरण का कार्य निजी एजेंसी को सौंप दिए जाने से मनमानी बढ़ेगी।

...और इन्होंने रोड सेफ्टी बिल को सराहा

उत्तर प्रदेश टूरिस्ट बस एसोसिएशन के महामंत्री मेजर मुजतबा अली खान ने रोड सेफ्टी बिल को सराहा है। उन्होंने कहा कि इस बिल से ड्राइवरों की मनमानी पर अंकुश लगाने की पहल की गई है। इस बिल के जरिये लापरवाह ड्राइवर सजा एवं जुर्माने के दायरे में आएंगे तो सड़क दुर्घटनाएं कम होंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed