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केजीएमयू में हड़ताल से लड़खड़ाई चिकित्सा व्यवस्था
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केजीएमयू-लोहिया संस्थान में हड़ताल, 7000 मरीज लौटे, 50 ऑपरेशन टले
पीजीआई कर्मचारियों के समान सातवें वेतनमान को लेकर चार घंटे कार्य बहिष्कार से अव्यवस्था
पीजीआई कर्मचारियों के समान सातवें वेतनमान व भत्ते की मांग को लेकर केजीएमयू-लोहिया संस्थान में मंगलवार को डॉक्टर-कर्मचारियों की चार घंटे चली हड़ताल ने मरीजों की जान सांसत में डाल दी। इस दौरान दोनों संस्थानों से सात हजार मरीजों को ओपीडी से मायूस लौटना पड़ा। वहीं, 50 से अधिक ऑपरेशन टाल दिए गए।
केजीएमयू में सुबह 8.00 से दोपहर 11.30 बजे और लोहिया संस्थान में सुबह 8.00 से दोपहर 12 बजे तक हड़ताल चली। इसके बाद डॉक्टर-कर्मचारी काम पर लौटे और फिर मरीज देखे गए। गौरतलब है कि लोहिया संस्थान के कर्मचारी सोमवार दोपहर डेढ़ बजे से हड़ताल पर थे। वहीं, दोपहर चार बजे से डॉक्टरों ने भी काम ठप कर दिया। उधर, केजीएमयू के डॉक्टरों ने भी मंगलवार को ओपीडी व भर्ती मरीज देखने से इनकार कर दिया था।
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पीजीआई कर्मचारियों के समान सातवें वेतनमान को लेकर चार घंटे कार्य बहिष्कार से अव्यवस्था
पीजीआई कर्मचारियों के समान सातवें वेतनमान व भत्ते की मांग को लेकर केजीएमयू-लोहिया संस्थान में मंगलवार को डॉक्टर-कर्मचारियों की चार घंटे चली हड़ताल ने मरीजों की जान सांसत में डाल दी। इस दौरान दोनों संस्थानों से सात हजार मरीजों को ओपीडी से मायूस लौटना पड़ा। वहीं, 50 से अधिक ऑपरेशन टाल दिए गए।
केजीएमयू में सुबह 8.00 से दोपहर 11.30 बजे और लोहिया संस्थान में सुबह 8.00 से दोपहर 12 बजे तक हड़ताल चली। इसके बाद डॉक्टर-कर्मचारी काम पर लौटे और फिर मरीज देखे गए। गौरतलब है कि लोहिया संस्थान के कर्मचारी सोमवार दोपहर डेढ़ बजे से हड़ताल पर थे। वहीं, दोपहर चार बजे से डॉक्टरों ने भी काम ठप कर दिया। उधर, केजीएमयू के डॉक्टरों ने भी मंगलवार को ओपीडी व भर्ती मरीज देखने से इनकार कर दिया था।
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