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संकटा देवी मंदिर में मनौती पूरी होने पर निभाई जाती है ये अनोखी परंपरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 15 Oct 2018 03:58 PM IST
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संकटादेवी मंदिर
- फोटो : amar ujala
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चौपटियां के रानी कटरा में विराजीं संकटा देवी मां का यह मंदिर लखनऊ में सबसे अनूठा है। यह कश्मीर में विराजमान माता खीर भवानी की प्रतिमा का स्वरूप है, जो कई कश्मीरियों की कुलदेवी भी हैं। मंदिर में सैकड़ों साल पुराना बरगद का पेड़ और बड़ा शिवाला भी है।
इस पर 108 शिवलिंग भी बने हुए हैं। मंदिर में हनुमानजी, राधा-कृष्ण, भैरों बाबा, साईं बाबा भी विराजे हैं। बताते हैं कि मंदिर की स्थापना नवाब आसिफुद्दौला के खजांची जो कश्मीर से थे, उनके प्रयासों से हुई। माता का स्वरूप वही होने से नगर के तमाम कश्मीरी परिवारों का यहां से लगाव है।
यहां मनौती पूरी होने पर खोवे का प्रसाद महिलाओं को खिलाने की परंपरा है। भक्त बताते हैं कि मंदिर की प्रतिमा के चेहरे के भाव दिन में 3 बार बदलते हैं। मंदिर में कुंड यज्ञशाला भी है, जो काशी की तर्ज पर बनी है।
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इस पर 108 शिवलिंग भी बने हुए हैं। मंदिर में हनुमानजी, राधा-कृष्ण, भैरों बाबा, साईं बाबा भी विराजे हैं। बताते हैं कि मंदिर की स्थापना नवाब आसिफुद्दौला के खजांची जो कश्मीर से थे, उनके प्रयासों से हुई। माता का स्वरूप वही होने से नगर के तमाम कश्मीरी परिवारों का यहां से लगाव है।
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यहां मनौती पूरी होने पर खोवे का प्रसाद महिलाओं को खिलाने की परंपरा है। भक्त बताते हैं कि मंदिर की प्रतिमा के चेहरे के भाव दिन में 3 बार बदलते हैं। मंदिर में कुंड यज्ञशाला भी है, जो काशी की तर्ज पर बनी है।
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