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गरीब और बेसहारा बच्चों के लिए सहारा बने अंकित पांडेय, कर रहे हैं इस तरह मदद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 12 Oct 2018 04:34 PM IST
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अंकित पांडेय
- फोटो : amar ujala
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पत्रकारिता लोगों को जोड़ती है। उनके अधिकारों को लेकर आवाज उठाती है और उनके मुद्दों को उचित मंच तक पहुंचाती है। पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले अंकित पांडेय अभी से कुछ इसी तरह के सरोकारों को पूर्ति कर रहे हैं।
उन्होंने अपना स्वयंसेवी संगठन स्थापित किया है जो गरीब और बेसहारा बच्चों को शिक्षा देने और उन्हें स्वावलंबी बनाने का कार्य कर रहा है। वे दो वर्षों से कई राज्यों के अनाथ व गरीब बच्चों के लिए कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे हैं। अंकित ने दो साल पहले मध्यांतिका फाउंडेशन नाम से स्वयंसेवी संगठन की स्थापना की।
वे बतौर एमडी संगठन से जुड़े हैं। संगठन गरीब और बेसहारा बच्चों को स्वावलंबी बनाने का कार्य करता है। अंकित बताते हैं कि हम अपने संगठन के माध्यम से ऐसी संस्था को ढूंढते हैं जो ऐसे बच्चों का पालन-पोषण का काम करते हैं या फिर उनके लिए काम करते हैं।
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हमारा संगठन ऐसे बच्चों के लिए कार्यशाला आयोजित करता है जिसमें उन्हें समय-समय पर शिक्षा दी जाती है। इसके अलावा पेंटिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम समेत कई गतिविधियां आयोजित की जाती है। यही नहीं विशेषज्ञों को बुलाकर बच्चों को मोटिवेट किया जाता है।
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उन्होंने अपना स्वयंसेवी संगठन स्थापित किया है जो गरीब और बेसहारा बच्चों को शिक्षा देने और उन्हें स्वावलंबी बनाने का कार्य कर रहा है। वे दो वर्षों से कई राज्यों के अनाथ व गरीब बच्चों के लिए कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे हैं। अंकित ने दो साल पहले मध्यांतिका फाउंडेशन नाम से स्वयंसेवी संगठन की स्थापना की।
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वे बतौर एमडी संगठन से जुड़े हैं। संगठन गरीब और बेसहारा बच्चों को स्वावलंबी बनाने का कार्य करता है। अंकित बताते हैं कि हम अपने संगठन के माध्यम से ऐसी संस्था को ढूंढते हैं जो ऐसे बच्चों का पालन-पोषण का काम करते हैं या फिर उनके लिए काम करते हैं।
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हमारा संगठन ऐसे बच्चों के लिए कार्यशाला आयोजित करता है जिसमें उन्हें समय-समय पर शिक्षा दी जाती है। इसके अलावा पेंटिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम समेत कई गतिविधियां आयोजित की जाती है। यही नहीं विशेषज्ञों को बुलाकर बच्चों को मोटिवेट किया जाता है।
लिट्रेसी फेस्ट भी करते हैं आयोजित
अंकित पांडेय
- फोटो : amar ujala
बच्चों की शिक्षा के लिए हर संभव मदद की जाती है उन्हें कॉपी-किताब व बैग दिया जाता है। अभी हाल में नई गतिविधि की शुरुआत की गई है जिसके माध्यम से बच्चों को कम उम्र में ही कार्याशाला आयोजित कर तकनीकी शिक्षा दी जा रही है।
हमारे संगठन से जुड़े इंजीनियर, बच्चों को नए इनोवेशन के बारे में बताते हैं और साथ में उनको भी विज्ञान में नित-नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस नए प्रयोग से बच्चों में विज्ञान के प्रति दिलचस्पी काफी बढ़ी है वे इसमें बड़े चाव से प्रतिभाग करते हैं और कुछ नया सीखने व उसे अपने जीवन में प्रयोग करने का प्रयास कर रहे हैं।
इसके अलावा हम उनके लिए लिट्रेसी फेस्ट भी आयोजित करते हैं। जिसके माध्यम से उनके लिए विभिन्न शैक्षणिक प्रतियोगिताएं आयोजित करते हैं। इस तरह की गतिविधियों के माध्यम से हम बच्चों को प्लेटफॉर्म मुहैया कराते जहां वे अपनी क्षमता को प्रदर्शित कर सकें।
हमारे संगठन से जुड़े इंजीनियर, बच्चों को नए इनोवेशन के बारे में बताते हैं और साथ में उनको भी विज्ञान में नित-नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस नए प्रयोग से बच्चों में विज्ञान के प्रति दिलचस्पी काफी बढ़ी है वे इसमें बड़े चाव से प्रतिभाग करते हैं और कुछ नया सीखने व उसे अपने जीवन में प्रयोग करने का प्रयास कर रहे हैं।
इसके अलावा हम उनके लिए लिट्रेसी फेस्ट भी आयोजित करते हैं। जिसके माध्यम से उनके लिए विभिन्न शैक्षणिक प्रतियोगिताएं आयोजित करते हैं। इस तरह की गतिविधियों के माध्यम से हम बच्चों को प्लेटफॉर्म मुहैया कराते जहां वे अपनी क्षमता को प्रदर्शित कर सकें।
साथ ही हमारे विशेषज्ञों द्वारा कुछ नया सीख सकें। लखनऊ, चंडीगढ़, दिल्ली समेत कई शहरों में इस तरह की गतिविधियां आयोजित करते आ रहे हैं। मेरा प्रयास है कि भविष्य में इसको पूरे देश में संचालित करूं और अपने संगठन के माध्यम से देश के सभी राज्यों में गरीब व अनाथ बच्चों के लिए इस तरह कार्य करूं। हम इस ओर कदम बढ़ा भी रहे हैं।