फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   story of a khan sahab

...तो साहब अपना स्टाफ भेज दो

Wed, 06 Nov 2013 01:24 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Wed, 06 Nov 2013 01:24 PM IST
विज्ञापन
story of a khan sahab

खां साहब के स्टाफ ने बगावत कर दी है। बगावत की ये आग एक-दो दिनों से नहीं बल्कि महीनों से सुलग रही थी।

विज्ञापन


स्टाफ वाले बगावत न करते तो क्या करते? खां साहब को जिस दिन जाना होता, उस दिन कम से कम पांच ट्रेनों से उनका आरक्षण कराया जाता।

उन्हें यह भी नहीं बताया जाता कि किस ट्रेन से वह जाएंगे। खुदा न खास्ता अगर किसी ट्रेन में वेटिंग हुई तो समझो कि आफत आ गई।

आए दिन की किच-किच से निजी स्टाफ ने काम छोड़ा तो खां साहब के सबसे खास एक ठाकुर साहब ने निजी स्टाफ के एक ठाकुर को समझाने का प्रयास शुरू कर दिया।

उन्होंने समझाने के दौरान कहा कि खां साहब नेक दिल इंसान हैं...गुस्से में अगर कुछ कह दिया तो उसे भूलकर काम पर वापस लौट जाओ।

निजी स्टाफ के ठाकुर साहब ने इस पर कह दिया कि अगर खां साहब अच्छे हैं तो आप अपना स्टाफ वहां भेज दें और हम लोगों को अपने पास रख लें। फिर क्या था, ठाकुर साहब की बोलती बंद हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed