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सीधे पंगा नहीं लेने का
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 29 Aug 2013 10:36 AM IST
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अपने राज्य के मंत्री भी खूब हैं। दूसरे विभागों में टांग अड़ाना कुछ मंत्रियों की फितरत है। पहली बार विधायक बने और राज्य मंत्री बनने वाले एक साहब बहुत तेज चल रहे हैं।
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इनके तेजी के पीछे वजह ब्राह्मण समाज के साथ नेता जी का आशीर्वाद प्राप्त होना बताया जा रहा है। सो मंत्री जी किसी भी मामले में टांग अड़ाने से नहीं चूकते हैं।
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पिछले दिनों महोदय ने जबरिया एक घोर दागी अधिकारी को प्रभारी बीएसए बनवा दिया। विभागीय मंत्री बेचारे अचंभित। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि यह कैसे हुआ?
संबंधित जिले के कलक्टर से बात हुई तो पता चला कि मंत्री जी का दबाव था। विभागीय मंत्री को बताया गया तो उन्होंने सीधे डीएम से बात न कर विभागीय अधिकारी से बात कर हटवाने को कहा।
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जबकि वह स्वयं बात कर सकते थे, लेकिन इससे तो सीधे पंगा हो जाता, मतलब साफ है कि पंगा नहीं लेने का।