वाट्सएप अपडेट पर कहीं आपने भी तो नहीं कर दिया बिना पढ़े OK?
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वॉट्सएप ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट कर दी है। अगर आपने इस अपडेट को बिना पढ़े ओके कर लिया है तो संभलिए।
वॉट्सएप ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट कर दी है। अगर आपने इस अपडेट को बिना पढ़े ओके कर लिया है तो संभलिए। आपका फोन नंबर, आपके फोन में मौजूद फोन नंबर और उनसे जुड़ी सूचनाएं जैसे आपने किससे बात की, कितनी बार बात की जैसी जानकारियां फेसबुक को पहुंचा दी जाएंगी।
भले ही आप किसी सुरक्षा कारण से फेसबुक यूजर न हों लेकिन, आपकी सूचनाएं सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक इनकॉरपोरेट के पास सेव हो जाएंगी। ये सूचनाएं विज्ञापनदाताओं को बेची जाएंगी, पैसा फेसबुक कमाएगा और आपको विज्ञापनों से लेकर अनजान लोगों तक को अपनी निजी जानकारी न चाहते हुए भी शेयर करनी पड़ेगी।
1. अपडेट करते समय : अगर आपने वॉट्सएप अपडेट किया है तो उसे इंस्टॉल करने से पहले ‘टर्म्स ऑफ सर्विस एंड प्राइवेसी पॉलिसी’ पर एग्री करने के लिए क्लिक करना होगा।
इस क्लिक को करने से पहले इन शर्तों को पढ़ें। स्क्रीन के नीचे फेसबुक से अपनी अकाउंट इन्फॉर्मेशन शेयर करने के बारे में पूछ रहा बॉक्स मिलेगा। इस पर पहले से ही सही का निशान लगा होगा।
यानी अगर आप नियम व शर्तों पर एग्री करते हैं तो यहां भी आपकी रजामंदी मानी जाएगी। लेकिन आप इस बॉक्स पर सही का निशान हटाने के लिए इस पर क्लिक कर सकते हैं और बाकी नियम व शर्तों पर एग्री करते हुए अपडेट्स इंस्टॉल कर सकते हैं।
2. आसान विकल्प - वॉट्सएप : अगर आपने बिना बॉक्स पर क्लिक किए अपडेट इंस्टॉल कर भी लिया है तो दूसरा मौका आपको मिलेगा जिसे 30 दिन के भीतर ही चुनना होगा। इसे इस तरह कीजिए -
स्टेप 1 : अपने वॉट्सएप की ‘सेटिंग्स’ में जाइए
स्टेप 2 : यहां से ‘अकाउंट’ में जाइए
स्टेप 3 : यहां सबसे नीचे पांचवीं लाइन में ‘शेयर माय अकाउंट इंफो’ लिखा मिलेगा जिसके सामने एक बॉक्स होगा। इस बॉक्स पर पर भी सही का निशान पहले से लगा हुआ मिलेगा। इस बॉक्स से सही के निशान को हटाने के लिए इस पर क्लिक कीजिए।
स्टैप 4 : वॉट्सएप आपसे पूछेगा कि क्या आप सच में फेसबुक को अपने वॉट्सएप पर मौजूद सूचनाओं का उपयोग नहीं करने देना चाहते। दो विकल्प देगा ‘कैंसिल’ और ‘डोंट शेयर’। ‘डोंट शेयर’ पर क्लिक कीजिए और निजी सूचनाएं शेयर करने से बचिए।
क्यों हो रहा है ऐसा
वॉट्सएप को 2014 में फेसबुक खरीद चुका है। लेकिन अधिकतर लोग फेसबुक को असुरक्षित मानते हुए उसका उपयोग नहीं करते। कई लोग अगर फेसबुक यूज करते हैं तो अपना वॉट्सएप अकाउंट उसी फोन पर नहीं चलाते, जिस पर फेसबुक यूज कर रहे हैं।
जानकारों के मुताबिक फेसबुक चाहता है कि आपकी निजी जानकारियों का उपयोग करते हुए वह अपने विज्ञापनदाताओं को आपके बारे में बेहतर समझ दे सके।
अगर आपके वॉट्सएप पर मौजूद जानकारी फेसबुक उपयोग कर रहा है तो मान लीजिए आप उसी फोन पर एलईडी टीवी खरीदने के लिए किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर संपर्ककरते हैं, तो यह जानकारी फेसबुक को भी मिलेगी।
वह अपने एलईडी टीवी बेचने वाले विज्ञापनदाताओं को सूचना देगा और आपके प्रोफाइल पर एलईडी टीवी के विज्ञापन नजर आएंगे। वहीं अगर आपकी बुक की हुई फ्लाइट से संबंधित नोटिफिकेशन आपको दिए जाएंगे तो उसके साथ ट्रैवेल कंपनियों के विज्ञापन भी आएंगे।