एसटीएफ इंस्पेक्टर की वरिष्ठ पत्रकार से गुंडागर्दी, असलहे लेकर गुर्गों संग पहुंचा धमकाने, निलंबित
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पुलिस की धौंस, एसटीएफ की हनक और साथ में गुंडों जैसा बर्ताव। राजधानी में एसटीएफ के इंस्पेक्टर रणजीत राय की इस करतूत ने पूरे पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने भी पहले मामला हल्के में निपटाने की कोशिश की लेकिन बाद में आला अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद इंस्पेक्टर को निलंबित करना पड़ा।
हुआ यह कि गोमतीनगर में रहने वाले एक हिंदी अखबार के संपादक सुभाष राय के घर के बाहर पड़ोस के ही राकेश तिवारी ने भारी मात्रा में मोरंग गिरवा दिया जिससे राय के घर का रास्ता बंद हो गया। उन्होंने राकेश से मोरंग हटाने के लिए कई बार कहा। जब मोरंग नहीं हटी तो सुभाष खुद ही जेसीबी मंगाकर मोरंग को एक साइड कराने लगे ताकि उनके घर का रास्ता साफ हो जाए और गाड़ी निकल सके।
यह सब राकेश की सहमति से हो रहा था। तभी एसटीएफ के एक इंस्पेक्टर की शह पर राकेश तिवारी के तेवर बदल गए और वह सुभाष राय को अपशब्द कहने लगे। राकेश ने फोन कर एसटीएफ में तैनात इंस्पेक्टर रणजीत को बुलाया। कुछ ही देर में एक गाड़ी में असलहों से लैस इंस्पेक्टर व उसके कुछ साथी आ धमके और सुभाष व उनकी पत्नी को धमकाने लगे।
सुभाष राय के मुताबिक जब उन्होंने रणजीत का परिचय पूछा तो उसने कहा- ‘मैं एसटीएफ से रणजीत राय हूं, अब तुम किसी पुलिस वाले को, दारोगा को, एसपी को, जिसको चाहो बुला लो, देखता हूं तुम्हारी औकात क्या है? रणजीत ने कहा, अब एक इंच मोरंग यहां से नहीं हटेगा। देखता हूं, किसमें हिम्मत है हटाने की। यह सब रविवार को दोपहर बाद 3 से 4 बजे के बीच सुभाष राय के घर में हो रहा था। उन्होंने पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन नहीं हुआ।
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने बना दबाव
जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और पुलिस अधिकारियों पर दबाव बना तो कानपुर जोन के लिए स्थानांतरित किए गए रणजीत राय को आनन फानन रिलीव करके इसे ही पुलिस की ‘सख्त’ कार्रवाई बता दी।
पहले पुलिस की ओर से कहा गया कि इस पूरे मामले की जांच एडीजी जोन कानपुर के स्तर से कराई जाएगी। लेकिन कुछ पत्रकार इस मुद्दे पर प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार से मिले। उन्होंने आईजी एसटीएफ को उक्त इंस्पेक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
थोड़ी देर बाद डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई हो रही है। इस मामले में सुभाष राय ने स्थानीय थाने में तहरीर दी लेकिन खबर लिखने तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।