सोशल मीडिया से नफरत फैलाई तो धर लेगी एसटीएफ
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सोशल मीडिया पर नफरत की आग फैलाने वालों पर स्पेशल टास्क फोर्स अब शिकंजा कसेगी। इसके लिए उसने एक सोशल मीडिया लैब शुरू की है। इस लैब ने दादरी कांड के बाद 120 कैचवर्ड तैयार किए हैं।
सोशल मीडिया में इनका कमेंट्स या पोस्ट में इस्तेमाल होने पर उसकी रिपोर्ट एसटीएफ के पास पहुंच जाएगी। जांच में कमेंट्स अगर भड़काऊ मिले तो इसे लिखने या प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ के सूत्रों ने बताया कि हाल में शुरू की गई इस लैब का पहला उपयोग दादरी कांड के बाद किया गया। इसके जरिये किसी भी मुद्दे पर सोशल मीडिया का मूड भी भांपा जा सकेगा।
यानी किसी मुद्दे पर किए जा रहे कमेंट्स के नकारात्मक या सकारात्मक होने के आधार पर भावनाओं का पूर्वानुमान लगाया जाएगा। किसी घटना पर सोशल मीडिया में हो रही चर्चा की निगरानी का स्तर भी बढ़ाया जाएगा।
इस तरह की जाएगी निगरानी
उदाहरण के लिए दादरी की घटना 27 सितंबर को हुई और 29 सितंबर को इसे लेकर सर्वाधिक नकारात्मक कमेंट्स किए गए।
इन्हीं कमेंट्स और पोस्ट का विश्लेषण करते हुए सोशल मीडिया लैब ने 120 ऐसे शब्दों को कैचवर्ड केरूप में पहचाना है, जिनका उपयोग भावनाएं भड़काने में हो रहा है। खासतौर से फेसबुक और ट्विटर निशाने पर हैं।
वॉट्स एप पर भी निगरानी है। इन शब्दों का उपयोग जिन पोस्ट या कमेंट्स में हो रहा है, एसटीएफ उस पर नजर रख रही है।
अब तक हजारों ऐसे कमेंट्स की स्क्रीनिंग की गई है और उन प्रोफाइल की सूची बनाई जा रही है, जिन पर कार्रवाई होनी है। जल्द ही इन यूजर्स को पकड़ा जा सकता है।