'नेत्र-टू' आया तो और मजबूत हुई एसटीएफ
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स्पेशल टास्क फोर्स भी अब ड्रोन (अनमैंड एरियल ह्वीकल) उपकरण से लैस हो गई है।
इसके अत्याधुनिक वर्जन नेत्र-2 को हासिल करने के बाद एसटीएफ ने आला अधिकारियों के सामने शुक्रवार को इसका लखनऊ पुलिसलाइंस में प्रदर्शन किया।
नेत्र-2 का इस्तेमाल कानून-व्यवस्था तथा आपराधिक गतिविधियों की निगरानी के लिए किया जा सकेगा।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की होगी निगरानी
एसटीएफ द्वारा किए गए नेत्र-2 के प्रदर्शन के दौरान डीजीपी एएल बनर्जी समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर एसटीएफ कर्मियों ने नेत्र-2 को रिमोट से ऊंचा उड़ाकर उससे वीडियोग्राफी कर दिखाई।
नेत्र-2 से खींची जाने वाली फोटो को मैदान में रिकॉर्ड कर दिखाया भी गया। बताया गया कि प्रदेश की एसटीएफ पहली एजेंसी है जिसने नेत्र का इस्तेमाल पहले से ही शुरू कर दिया था।
एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि नेत्र-2 के माध्यम से दूरस्थ व्यक्तियों के समूह, बिल्डिंग, धार्मिक स्थलों पर भीड़भाड़ वाले दिनों में निगरानी की जा सकती है।
सहारनपुर में भी हुआ इस्तेमाल
उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में सहारनपुर तनाव के दौरान इसका प्रभावी इस्तेमाल करते हुए उपद्रवियों की निगरानी की गई।
नेत्र-2 उपकरण 400 मीटर की ऊंचाई और 4 किलोमीटर दूरी तक जा सकता है। इस कैमरे को टिल्ट और जूम करके दूरस्थ स्थान का चित्र लिया जा सकता है।
इस उपकरण के साथ थर्मल इमेजर कैमरा लगाकर रात में भी वीडियो बनाया जा सकता है।