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पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का साला व 25 हजार का इनामी गिरफ्तार
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एसटीएफ के हत्थे चढ़ा पूर्व मंत्री का साला।
- फोटो : ??? ?????
एसटीएफ की टीम ने बृहस्पतिवार को पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के सगे साले अश्वनी कुमार उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया। खास बात यह है कि आरोपी अश्वनी को पूर्व मंत्री फार्म हाउस के सामने किसान पथ से पकड़ा गया है।
अश्वनी नौतनवां से विधायक अमन मणि का सगा मामा है। कोर्ट ने आरोपी अश्वनी को सात अक्तूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
एसटीएफ के एसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक, तीन मार्च को शराब फैक्टरी को-ऑपरेटिव कंपनी टपरी सहारनपुर ने स्थानीय आबकारी डिस्ट्रीब्यूटर्स, ट्रांसपोर्टर व फैक्टरी में नियुक्त आबकारी अधिकारी की मिलीभगत से करोड़ों रुपये के शराब के अवैध कारोबार का खुलासा किया था।
एसटीएफ ने मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन सेल्स हेड व पीआरओ अश्वनी कुमार उपाध्याय फरार हो गया था। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मामले में लखनऊ के एसआईटी थाने में मुकदमा दर्ज है।
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एटीएफ के मुताबिक, अश्वनी मूलरूप से गाजीपुर के गहमर का रहने वाला है। वह बरेलरी के सीबीगंज स्थित वेस्ट एंड कॉलोनी में रहता है। पूछताछ में कुबूला कि को-ऑपरेटिव कंपनी में सेल्स हेड था।
वहीं, इस कंपनी के मालिक प्रणव अनेजा की ही फाइनेंस कंपनी स्टैलर कंपनी प्रा. लि. ओखला दिल्ली का लाइजनिंग अधिकारी है। फैक्टरी से सीएल-2 गोदामों में शबनम अंगूरी ब्रांड की देशी शराब भेजने व भुगतान कंपनी के खाते में कराने व कागजी कार्रवाई के लिए उसे रखा गया।
कर्मचारियों की मिलीभगत से अश्वनी ही करीब के डिस्ट्रीब्यूशन प्वॉइंट पर चार दिन के अंदर एक गेट पास पर दो बार ट्रकों के चक्कर लगवाता था। एक ही बिल्टी पर एक्साइज टैक्स की बड़ी चोरी करता था। इस दौरान आरोपी सीसीटीवी कैमरे व ट्रकों के जीपीएस भी बंद होते थे।
एक्साइज विभाग को मिलता था एक ट्रक पर 7.50 लाख
आरोपी ने कुबूला कि कानपुर, उन्नाव के मनोज जायसवाल, बदायूं व संभल का काम देखने वाले राकेश आहूजा, जौनपुर के प्रदीप जायसवाल व मालिक प्रणय अनेजा के साथ गोपनीय मीटिंग के बाद काला कारोबार शुरू किया। एक्साइज विभाग के अधिकारियों को प्रति ट्रक करीब 7.50 लाख रुपये दिया जाता था।
पूर्व मंत्री का है रिश्तेदार
अश्वनी कुमार उपाध्याय प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री व मधुमिता हत्याकांड के आरोपी अमर मणि त्रिपाठी का सगा साला है। पूछताछ में कुबूला कि फरारी के दौरान वह भांजे अमन मणि त्रिपाठी के सरकारी आवास में कुछ दिनों तक रहा। इसके बाद अमरमणि के चिनहट किसान पथ पर स्थित फार्म हाउस में शरण ले ली। एसटीएफ के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी केशर इंटर प्राइजेज सुगर फैक्टरी में कॉमर्शियल अधिकारी, अलाना मीट फैक्टरी उन्नाव में पीआरओ, सुपीरियर इंडस्ट्रीज शराब फैक्टरी बरेली का कॉमर्शियल मैनेजर, गोवा में 2008 से 2011 तक खुद की शराब की दुकान चलाई, इसके बाद 2012 में को-ऑपरेटिव कंपनी टपरी सहारनपुर व स्टैलर कंपनी प्राइवेट लि. में लाइजनिंग अधिकारी बना।
विधायक भांजा अमन मणि भी है अपहरण का मुख्य आरोपी
अश्वनी का विधायक भांजा अमन मणि त्रिपाठी भी लखनऊ के कैंट थाने में हुए अपहरण कांड का मुख्य आरोपी है। उसने पत्नी का इलाज कराने जा रहे ठेकेदार ऋषि कुमार पांडेय को अगवा कर लिया था। वारदात छह अगस्त 2014 की है। अपहरण करने के बाद उसकी पिटाई की फिर गंभीर रूप से घायल ठेकेदार को वीवीआईपी गेस्ट हाउस के पास फेंक कर चला गया। इसका मुकदमा कैंट थाने में दर्ज हुआ था। इसकी अंतिम सुनवाई शुक्रवार को होनी थी। जल्द ही मामले में फैसला भी आ जाएगा। वहीं, अमन मणि पर अपनी पत्नी की हत्या का भी आरोप है।
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अश्वनी नौतनवां से विधायक अमन मणि का सगा मामा है। कोर्ट ने आरोपी अश्वनी को सात अक्तूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
एसटीएफ के एसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक, तीन मार्च को शराब फैक्टरी को-ऑपरेटिव कंपनी टपरी सहारनपुर ने स्थानीय आबकारी डिस्ट्रीब्यूटर्स, ट्रांसपोर्टर व फैक्टरी में नियुक्त आबकारी अधिकारी की मिलीभगत से करोड़ों रुपये के शराब के अवैध कारोबार का खुलासा किया था।
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एसटीएफ ने मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन सेल्स हेड व पीआरओ अश्वनी कुमार उपाध्याय फरार हो गया था। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मामले में लखनऊ के एसआईटी थाने में मुकदमा दर्ज है।
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एटीएफ के मुताबिक, अश्वनी मूलरूप से गाजीपुर के गहमर का रहने वाला है। वह बरेलरी के सीबीगंज स्थित वेस्ट एंड कॉलोनी में रहता है। पूछताछ में कुबूला कि को-ऑपरेटिव कंपनी में सेल्स हेड था।
वहीं, इस कंपनी के मालिक प्रणव अनेजा की ही फाइनेंस कंपनी स्टैलर कंपनी प्रा. लि. ओखला दिल्ली का लाइजनिंग अधिकारी है। फैक्टरी से सीएल-2 गोदामों में शबनम अंगूरी ब्रांड की देशी शराब भेजने व भुगतान कंपनी के खाते में कराने व कागजी कार्रवाई के लिए उसे रखा गया।
कर्मचारियों की मिलीभगत से अश्वनी ही करीब के डिस्ट्रीब्यूशन प्वॉइंट पर चार दिन के अंदर एक गेट पास पर दो बार ट्रकों के चक्कर लगवाता था। एक ही बिल्टी पर एक्साइज टैक्स की बड़ी चोरी करता था। इस दौरान आरोपी सीसीटीवी कैमरे व ट्रकों के जीपीएस भी बंद होते थे।
एक्साइज विभाग को मिलता था एक ट्रक पर 7.50 लाख
आरोपी ने कुबूला कि कानपुर, उन्नाव के मनोज जायसवाल, बदायूं व संभल का काम देखने वाले राकेश आहूजा, जौनपुर के प्रदीप जायसवाल व मालिक प्रणय अनेजा के साथ गोपनीय मीटिंग के बाद काला कारोबार शुरू किया। एक्साइज विभाग के अधिकारियों को प्रति ट्रक करीब 7.50 लाख रुपये दिया जाता था।
पूर्व मंत्री का है रिश्तेदार
अश्वनी कुमार उपाध्याय प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री व मधुमिता हत्याकांड के आरोपी अमर मणि त्रिपाठी का सगा साला है। पूछताछ में कुबूला कि फरारी के दौरान वह भांजे अमन मणि त्रिपाठी के सरकारी आवास में कुछ दिनों तक रहा। इसके बाद अमरमणि के चिनहट किसान पथ पर स्थित फार्म हाउस में शरण ले ली। एसटीएफ के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी केशर इंटर प्राइजेज सुगर फैक्टरी में कॉमर्शियल अधिकारी, अलाना मीट फैक्टरी उन्नाव में पीआरओ, सुपीरियर इंडस्ट्रीज शराब फैक्टरी बरेली का कॉमर्शियल मैनेजर, गोवा में 2008 से 2011 तक खुद की शराब की दुकान चलाई, इसके बाद 2012 में को-ऑपरेटिव कंपनी टपरी सहारनपुर व स्टैलर कंपनी प्राइवेट लि. में लाइजनिंग अधिकारी बना।
विधायक भांजा अमन मणि भी है अपहरण का मुख्य आरोपी
अश्वनी का विधायक भांजा अमन मणि त्रिपाठी भी लखनऊ के कैंट थाने में हुए अपहरण कांड का मुख्य आरोपी है। उसने पत्नी का इलाज कराने जा रहे ठेकेदार ऋषि कुमार पांडेय को अगवा कर लिया था। वारदात छह अगस्त 2014 की है। अपहरण करने के बाद उसकी पिटाई की फिर गंभीर रूप से घायल ठेकेदार को वीवीआईपी गेस्ट हाउस के पास फेंक कर चला गया। इसका मुकदमा कैंट थाने में दर्ज हुआ था। इसकी अंतिम सुनवाई शुक्रवार को होनी थी। जल्द ही मामले में फैसला भी आ जाएगा। वहीं, अमन मणि पर अपनी पत्नी की हत्या का भी आरोप है।