फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   STF arrested dismissed constable Alok Singh in cough syrup case

कफ सिरप कांड: STF की एक और बड़ी कार्रवाई, बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह भी धरा गया; पूर्व सांसद धनंजय का है करीबी

Tue, 02 Dec 2025 09:06 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 02 Dec 2025 09:06 PM IST
सार

कफ सिरप कांड में एसटीएफ ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। अमित सिंह टाटा, भोला जायसवाल के बाद यह तीसरी बड़ी गिरफ्तारी है। 

विज्ञापन
STF arrested dismissed constable Alok Singh in cough syrup case
कफ सिरप कांड: बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला/सोशल मीडिया

विस्तार

नशीले कफ सिरप सिंडीकेट के अहम सदस्य बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह को यूपी एसटीएफ ने मंगलवार सुबह गोमतीनगर विस्तार स्थित प्लासियो मॉल के पास से गिरफ्तार कर लिया। आलोक सिंह, पूर्व सांसद व पूर्वांचल के बाहुबली धनंजय सिंह का करीबी है। एसटीएफ की टीम उससे पूछताछ कर रही है।

विज्ञापन


एसटीएफ ने मूल रूप से चंदौली व लखनऊ स्थित सुल्तानपुर रोड के पास रहने वाले आलोक सिंह के खिलाफ सोमवार को लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। हालांकि आलोक ने अदालत में आत्मसमर्पण की अर्जी दी थी। इस पर अदालत ने पुलिस से आख्या मांगी थी। इस मामले के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के साथ अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह सिंडीकेट का संचालन कर रहे थे। तीनों ही धनंजय सिंह के खास बताए जाते हैं। धनंजय सिंह के साथ उनकी तमाम फोटो और वीडियो एजेंसियों के लिए जांच का सबब बनती जा रही हैं। अब एसटीएफ इस सिंडीकेट के बाकी सदस्यों को तलाश रही है।
विज्ञापन


टाटा का दोहराया बयान
एसटीएफ की पूछताछ में आलोक सिंह ने अमित सिंह टाटा के दिए बयान को ही दोहराया है। उसने बताया कि आजमगढ़ निवासी विकास सिंह के जरिये वह शुभम जायसवाल से मिला था। शुभम का एबॉट कंपनी की फेंसेड्रिल कफ सिरप का शैली ट्रेडर्स के नाम से बड़ा कारोबार रांची में है। यह सिरप नशे में इस्तेमाल होता है, जिसकी पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में काफी मांग है। इसकी तस्करी में बहुत फायदा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लालच में आकर मैं और अमित सिंह टाटा तैयार हो गए। उन लोगों ने धनबाद में श्रेयसी मेडिकल एजेंसी के नाम से जनवरी 2024 में मेरी फर्म बनवा दी। इसका सारा काम शुभम, उसके पार्टनर और उनका चार्टर्ड अकाउंटेंट तुषार देखता था। धनबाद के बिजनेस में मैंने और अमित ने 5-5 लाख रुपये लगाए थे। बदले में हमें करीब 20-22 लाख रुपये मिले थे। बाद में हम दोनों के नाम से बनारस में भी ड्रग लाइसेंस लेकर फर्म खुलवाई गई। मेरे नाम मां शारदा मेडिकल के नाम से फर्म खुली थी। इसका भी करीब 8 लाख रुपये का मुनाफा मुझे शुभम के पार्टनर विकास सिंह व विशाल मल्होत्रा ने दिया था।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed