केजीएमयू में अब खुलेगा स्टेम सेल बैंक
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केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के ब्लड बैंक में प्रदेश में सबसे ज्यादा खून का स्टॉक है। यहीं नहीं एक साल में सबसे ज्यादा 50 हजार यूनिट रक्तदान कराने का रिकार्ड भी इस ब्लड बैंक ने बनाया है।
केजीएमयू में पढ़ने वाले एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं को रक्त चढ़ाने की तकनीक की जानकारी, प्रदेश के 27 सरकारी अस्पतालों में खुले कंपोनेंट सेंटर के स्टाफ को प्रशिक्षण देने जैसे कार्य भी ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग लगातार कर रहा है।
अब विभाग स्टेम सेल बैंक खोलने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश में पहला सरकारी स्टेम सेल बैंक होगा। ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की हेड प्रो. तूलिका चंद्रा ने ये बात बुधवार को पांचवे स्थापना दिवस समारोह में कही।
साइंटिफिक कंवेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में प्रो. तूलिका चंद्रा ने बताया कि आने वाला समय स्टेम सेल से बीमारियों का निदान का है। इसलिए स्टेम सेल बैंक बनाना विभाग की प्राथमिकता है। इससे शोध और इलाज दोनों में मदद मिलेगी।
आलोक रंजन ने सराहा केजीएमयू को
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि केजीएमयू अपने उत्कृष्ट कार्यों से हर क्षेत्र में नाम कमा रहा है। समाज सेवी संस्थाओं की भागीदारी से ब्लड डोनेशन कैम्प लगाना और रक्तदान जैया पुण्य का कार्य भी पूरी क्षमता से किया जा रहा है।
गंभीर बीमारी में रक्त की कमी को दूर करने वाले रक्तदाता को ईश्वर के बाद दिल में स्थान मिलता है। पीड़ित परिवार रक्तदाता को अपनी आत्मा से आशीर्वाद देता है। रक्तदान से बड़ा कोई कार्य नहीं है जिसमें हम सभी को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि रक्तदान के विषय में लोगों में अनेक भ्रांतियां है, जिनका निवारण होना जरूरी है। आकांक्षा समिति की प्रदेश अध्यक्षा सुरभि रंजन ने कहा कि आकांक्षा समिति प्रदेश के सभी जनपदों में सक्त्रिस्य होकर सामाजिक सेवा में अपनी भागीदारी कर रही है।
ग्राम्य स्तर पर नि:शुल्क हेल्थ कैम्प, झुग्गी, झोपड़ी में रहने वाले गरीब परिवार के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा भी दी जा रही है। फाउंडेशन डे स्मारिका-2014 का भी विमोचन भी किया गया।
इस मौके पर कुलपति प्रो. रविकांत ने कहा कि प्रदेश सरकार से केजीएमयू को बहुत उम्मीदें हैं। केजीएमयू को उसका पुराना नाम वापस मिला है। सीएम अखिलेश यादव ने फैकल्टी को पीजीआई के बराबर वेतनमान देने की घोषणा की है। उम्मीद है कि आगे भी उन्हें सहयोग मिलता रहेगा।