नीट पीजी सेकंड काउंसलिंग पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, 27 अप्रैल के बाद आएगी नई तिथि
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नीट पीजी सेकंड काउंसलिंग पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। केंद्रीय कोटे की खाली सीटें राज्यों को देने के विवाद के कारण यह स्थिति बनी है। अब 27 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद सेकंड काउंसलिंग की नई तिथि जारी की जाएगी।
बता दें, राजकीय मेडिकल कॉलेजों व चिकित्सा संस्थानों की पोस्ट ग्रेजुएशन की 50 फीसदी सीटों पर केंद्रीय कोटे से प्रवेश होता है। पहली काउंसलिंग के बाद केंद्रीय कोटे में दी गई सीटों में कुछ सीटें खाली रह गई थी।
इन सीटों को अभी तक राज्यों को वापस कर दिया जाता था। इस पर सेकंड काउंसलिंग के जरिए प्रवेश होता था। इस बार केंद्रीय कोटे की सीटों को राज्यों को वापस दिए जाने को लेकर विवाद हो गया। बाद में इस मामले में दाखिल याचिका के कारण सुप्रीम कोर्ट ने सेकंड काउंसलिंग पर रोक लगा दी है।
नीट पीजी में निजी मेडिकल कॉलेजों की 615 सीटें पर प्रवेश होना था। इनमें से पहली काउंसलिंग में 384 सीटों का आवंटन किया गया था। इनमें से महज 231 सीटों पर ही अभ्यर्थियों ने प्रवेश लिया। इस तरह एमडी-एमएस की कुल 384 सीटें खाली रह गई हैं।
डेंटल में पीजी की 633 सीटें काउंसलिंग में थीं शामिल
इसी तरह डेंटल में पीजी की 633 सीटें काउंसलिंग में शामिल की गई थी। इनमें से 462 का पहली काउंसलिंग में आवंटन किया गया था। इनमें से 438 पर अभ्यर्थियों ने प्रवेश लिया है। इस तरह 195 सीटें खाली रह गई हैं। इन पर प्रवेश प्रक्रिया सेकंड काउंसलिंग से होगा।
बता दें, चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने नीट पीजी-2018 की सेकंड काउंसलिंग के लिए पंजीकरण कराने की तिथि 13 अप्रैल घोषित की थी।
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में पीजी की सीटें
राजकीय मेडिकल कॉलेजों की एमडी, एमएस डिग्री व पीजी डिप्लोमा की कुल 900 सीटें हैं। इनमें से 435 ऑल इंडिया कोटे की हैं। इन पर दाखिला केंद्र के कोटे से होता है। जबकि स्टेट कोटे की 465 सीटें हैं। इसके अलावा डेंटल फैकल्टी में एमडीएस की 15 सीटें हैं। इनमें से 14 केजीएमयू और एक रिम्स सैफई में है।