{"_id":"5fa243048ebc3e9c055bd112","slug":"statutory-committees-will-be-formed-to-control-the-price-of-essential-commodities","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवश्यक वस्तुओं के दाम पर नियंत्रण के लिए जिलास्तर पर बनेंगी वैधानिक समितियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आवश्यक वस्तुओं के दाम पर नियंत्रण के लिए जिलास्तर पर बनेंगी वैधानिक समितियां
Wed, 04 Nov 2020 11:28 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 04 Nov 2020 11:28 AM IST
विज्ञापन
सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार ने आवश्यक वस्तुओं के दाम पर नियंत्रण के लिए जिलास्तर पर वैधानिक समितियां बनाने का निर्णय लिया है। ये समितियां अनाज, दालों और सब्जियों सरीखी जिंसों की मांग और आपूर्ति पर नजर रखेंगी। जिंसों की कमी होने या मूल्य बढ़ने पर आपदा प्रबंधन सिस्टम की तर्ज पर ही सक्रिय हो जाएंगी और शासन को रिपोर्ट भी भेजेंगी।
अपर मुख्य सचिव, उद्यान मनोज सिंह ने इसकी पुष्टि की है। वर्तमान में आलूू, प्याज और टमाटर की आसमान छूती कीमतें आम लोगों के साथ ही सरकार के लिए भी चिंता का सबब बनी हुई हैं। शासन के सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2019 में आलू का उत्पादन कम हुआ था। नतीजतन भंडारण भी और वर्षों के मुकाबले काफी कम था।
अगर समय रहते रणनीति बना ली जाती तो आलू की कीमत को लेकर हो रही दिक्कतों से बचा जा सकता था। इसलिए शासन ने भविष्य में ऐसी समस्याओं से पार पाने के लिए ठोस रणनीति बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिलों में वैधानिक समितियां बनाकर मांग और आपूर्ति में संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। मूल्य नियंत्रण के लिए समय रहते उपाय होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अपर मुख्य सचिव, उद्यान मनोज सिंह ने इसकी पुष्टि की है। वर्तमान में आलूू, प्याज और टमाटर की आसमान छूती कीमतें आम लोगों के साथ ही सरकार के लिए भी चिंता का सबब बनी हुई हैं। शासन के सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2019 में आलू का उत्पादन कम हुआ था। नतीजतन भंडारण भी और वर्षों के मुकाबले काफी कम था।
विज्ञापन
अगर समय रहते रणनीति बना ली जाती तो आलू की कीमत को लेकर हो रही दिक्कतों से बचा जा सकता था। इसलिए शासन ने भविष्य में ऐसी समस्याओं से पार पाने के लिए ठोस रणनीति बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिलों में वैधानिक समितियां बनाकर मांग और आपूर्ति में संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। मूल्य नियंत्रण के लिए समय रहते उपाय होंगे।
विज्ञापन