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गोमती की बीच धारा में मिले बजरंग बली, देखें, पूरी घटना

Sun, 19 Apr 2015 02:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 19 Apr 2015 02:15 AM IST
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Statue of lord Hanuman in flowing stream of Gomati.

जैसे-जैसे गोमती नदी का जलस्तर घट रहा है, नदी के गर्भ में छिपी ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व की वस्तुएं सामने आती जा रही हैं। ताजा मामला भैंसाकुण्ड के पीछे नदी के बीचोबीच निकली बजरंगबली की प्रतिमा का है। पानी कम होते ही संगमरमर से बनी मूर्ति सामने आई तो उसे देखने के लिए श्रद्घालुओं का हुजूम भी मौकेपर पहुंचने लगा।

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उल्लेखनीय है कि गोमती नदी की सफाई व तटबंधों के निर्माण का कार्य बहुत तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसके लिए नदी को कुड़ियाघाट के पास बांध बनाकर रोका गया है, जिससे नदी में जलस्तर लगातार कम हो रहा है।
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पानी कम होने से नदी में छिपी प्राचीन चीजें सामने आने लगी हैं। कुछ महीने पहले ही अंग्रेजों का बनाया ऐतिहासिक बंधा भी जलस्तर कम होने से दिखाई देने लगा था। जो काफी समय तक लोगों के आकर्षण का विषय बना रहा।
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इसके बाद शनिवार को भैंसाकुण्ड के पीछे बीच धारा में हनुमान जी की संगमरमर की बनी प्राचीन मूर्ति के दिखने से लोगों में जिज्ञासाएं पैदा होने लगी हैं।

इतिहासकार बताते हैं कि नदी के बीचोबीच बजरंगबली की कमर तक की प्रतिमा नजर आ रही है। जिससे यह साफ हो रहा है कि मूर्ति खण्डित नहीं है, बल्कि उसे वहां स्थापित किया गया है।

बेहद पुरानी होने का अनुमान

Statue of lord Hanuman in flowing stream of Gomati.

अब यह मूर्ति कितनी पुरानी है और इसका ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व है कि नहीं, इस बारे में पुरातत्व विभाग के अधिकारी ही बता सकेंगे। वहीं पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मूर्ति देखकर ऐसा लगता है कि इसे उस दौरान स्थापित किया गया होगा, जब गोमती नदी का कोर्स (बहने की दिशा) अलग था। चूंकि, मूर्ति की ही तरह शहीद स्मारक के पास नदी के बीचोबीच मंदिर भी उसी काल में स्थापित किया गया था।

शुरू हुआ चालीसा का पाठ

नदी की धारा में प्राचीन प्रतिमा निकलने के बाद श्रद्घालुओं का तांता भैंसाकुण्ड व नदी के दूसरी ओर जुटने लगा। भक्तों ने न केवल हाथ जोड़कर प्रार्थनाएं की, बल्कि विधिवत पूजा-पाठ व हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। कुछ श्रद्घालुओं ने नदी में उतरने का प्रयास भी किया, लेकिन किनारों पर लगी सुरक्षा ने उन्हें रोक लिया।

पुराना नाता है लक्ष्मणनगरी से
बजरंग बली का लक्ष्मणनगरी यानी लखनऊ से बहुत पुराना नाता है। लखनऊ में हनुमान जी हिन्दु व मुसलमानों के बीच साम्प्रदायिक सौहार्द बढ़ाने की वजह भी रहे हैं।

मसलन, जेठ के बड़े मंगलों पर हिन्दुओं के साथ मुस्लिमों में आस्था का सैलाब का उमड़ना। नवाबी शासनकाल में अलीगंज का हनुमान मंदिर बनवाया गया। इतना ही नहीं नदी के दोनों ओर प्राचीन हनुमान मंदिरों की एक लम्बी फेहरिस्त है, जिनसे र्र्र्र्कई रोचक व दिलचस्प कहानियां जुड़ी हुई हैं।

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