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जल्द ही यूपी में भी बनेंगे अत्याधुनिक हथियार, तोप, मिसाइल और लड़ाकू विमान : अवस्थी
Sun, 24 Nov 2019 09:47 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 24 Nov 2019 09:47 PM IST
सार
- नोडल अधिकारी ने कहा, उत्तर भारत को रक्षा उद्योग का हब बनाने में कारगर साबित होगा डिफेंस एक्सपो
- पहले साल 1000 करोड़ रुपये का मिलेगा निवेश, प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर के विकास को मिलेगी गति
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अभी डिफेंस इंडस्ट्री महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक सहित दक्षिण भारतीय राज्यों में ही ज्यादा हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश भी रक्षा उद्योग का बड़ा हब बने। वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश में अत्याधुनिक हथियार, तोप, मिसाइल और लड़ाकू विमान भी बनेंगे।
प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं डिफेंस एक्सपो के नोडल अधिकारी अवनीश अवस्थी ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में यह ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगामी 5 से 8 फरवरी तक होने वाले 11वें डिफेंस एक्सपो की मेजबानी की जिम्मेदारी यूपी को दी है।
राजधानी लखनऊ में होने वाला डिफेंस एक्सपो रक्षा उद्योग को दक्षिण से उत्तर भारत की ओर शिफ्ट करने की दिशा में कारगर साबित होगा। इससे उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर के विकास को गति मिलेगी।
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डिफेंस एक्सपो में देश और दुनिया के सैकड़ों निवेशक चार दिन लखनऊ में रहेंगे। प्रदेश सरकार उन्हें निवेश के लिए आमंत्रित करेगी। पहले वर्ष एक हजार करोड़ रुपये का निवेश मिलने की उम्मीद है। वहीं इसके अगले वर्ष तक दो हजार करोड़ रुपये का निवेश मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2018 में यूपी में डिफेंस कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी। मोदी ने इसका शिलान्यास भी कर दिया है। झांसी, आगरा, कानपुर, अलीगढ़ में कॉरिडोर बनाया जा रहा है। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रक्षा उत्पाद और उपकरण बनाने वाली राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों को डिफेंस कॉरिडोर में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है। कॉरिडोर में आ रहे जिलों के स्थानीय लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन पर भी फोकस रहेगा।
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प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं डिफेंस एक्सपो के नोडल अधिकारी अवनीश अवस्थी ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में यह ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगामी 5 से 8 फरवरी तक होने वाले 11वें डिफेंस एक्सपो की मेजबानी की जिम्मेदारी यूपी को दी है।
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राजधानी लखनऊ में होने वाला डिफेंस एक्सपो रक्षा उद्योग को दक्षिण से उत्तर भारत की ओर शिफ्ट करने की दिशा में कारगर साबित होगा। इससे उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर के विकास को गति मिलेगी।
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डिफेंस एक्सपो में देश और दुनिया के सैकड़ों निवेशक चार दिन लखनऊ में रहेंगे। प्रदेश सरकार उन्हें निवेश के लिए आमंत्रित करेगी। पहले वर्ष एक हजार करोड़ रुपये का निवेश मिलने की उम्मीद है। वहीं इसके अगले वर्ष तक दो हजार करोड़ रुपये का निवेश मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2018 में यूपी में डिफेंस कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी। मोदी ने इसका शिलान्यास भी कर दिया है। झांसी, आगरा, कानपुर, अलीगढ़ में कॉरिडोर बनाया जा रहा है। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रक्षा उत्पाद और उपकरण बनाने वाली राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों को डिफेंस कॉरिडोर में निवेश के लिए आमंत्रित कर रही है। कॉरिडोर में आ रहे जिलों के स्थानीय लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन पर भी फोकस रहेगा।
एक छत के नीचे होंगी अत्याधुनिक तकनीकें
डिफेंस एक्सपो में रक्षा क्षेत्र की सभी अत्याधुनिक तकनीकें एक छत के नीचे देखने को मिलेंगी। इससे प्रदेश सरकार, निजी कंपनियों और स्टार्टअप को तकनीक समझने का पूरा मौका मिलेगा। एक्सपो के लिए 302 से ज्यादा प्रदर्शनी दीर्घा बुक हो चुकी हैं। इसमें 43 विदेशी कंपनियों ने स्टॉल बुक कराए हैं।
नई रक्षा उत्पाद नीति जल्द
प्रदेश सरकार अपनी नई रक्षा उत्पाद नीति जल्द लाने जा रही है। इसका प्रारूप तैयार हो गया है। कैबिनेट में जल्द प्रस्ताव रखा जाएगा। नीति के तहत डिफेंस कॉरिडोर में निवेश करने वाली कंपनियों को कई तरह की रियायतें दी जाएंगी। सरकार निजी डिफेंस पार्क विकसित करने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित करेगी। उन्हें परिवहन और जमीन की रजिस्ट्री में भी रियायत दी जाएगी।
रक्षा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव
डिफेंस एक्सपो की थीम डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ डिफेंस रखी गई है। आधुनिक सैन्य तकनीक में डिजिटल माध्यमों का प्रयोग करने में भारत सक्षम है। डिफेंस एक्सपो के माध्यम से डिजिटल क्षेत्र में सक्रिय साझेदारों के एक साथ आने से तकनीक के विकास के द्वार खुलेंगे। सरकार ने अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को महत्व दिया है।
इसलिए बढ़ेगा निवेश
अवस्थी का कहना है कि केंद्र सरकार भारतीय सेना को अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराने के लिए आगामी 5-7 वर्षों में 130 बिलियन डॉलर का निवेश कर करेगी। फील्ड आर्टिलरी रेशनलाइजेशन प्लान, मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट एक्वीजिशन, फ्यूचर रेडी कॉमबेट व्हीकल प्रोग्राम, इन्फैंट्री मॉडर्नाइजेशन, फ्यूचर इन्फ्रैंट्री कोमबैट व्हीकल प्रोग्राम और लाइफ साइकिल एंड प्रबंधन के सेक्टर में निवेश की संभावना बढ़ेगी।
नई रक्षा उत्पाद नीति जल्द
प्रदेश सरकार अपनी नई रक्षा उत्पाद नीति जल्द लाने जा रही है। इसका प्रारूप तैयार हो गया है। कैबिनेट में जल्द प्रस्ताव रखा जाएगा। नीति के तहत डिफेंस कॉरिडोर में निवेश करने वाली कंपनियों को कई तरह की रियायतें दी जाएंगी। सरकार निजी डिफेंस पार्क विकसित करने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित करेगी। उन्हें परिवहन और जमीन की रजिस्ट्री में भी रियायत दी जाएगी।
रक्षा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव
डिफेंस एक्सपो की थीम डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ डिफेंस रखी गई है। आधुनिक सैन्य तकनीक में डिजिटल माध्यमों का प्रयोग करने में भारत सक्षम है। डिफेंस एक्सपो के माध्यम से डिजिटल क्षेत्र में सक्रिय साझेदारों के एक साथ आने से तकनीक के विकास के द्वार खुलेंगे। सरकार ने अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को महत्व दिया है।
इसलिए बढ़ेगा निवेश
अवस्थी का कहना है कि केंद्र सरकार भारतीय सेना को अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराने के लिए आगामी 5-7 वर्षों में 130 बिलियन डॉलर का निवेश कर करेगी। फील्ड आर्टिलरी रेशनलाइजेशन प्लान, मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट एक्वीजिशन, फ्यूचर रेडी कॉमबेट व्हीकल प्रोग्राम, इन्फैंट्री मॉडर्नाइजेशन, फ्यूचर इन्फ्रैंट्री कोमबैट व्हीकल प्रोग्राम और लाइफ साइकिल एंड प्रबंधन के सेक्टर में निवेश की संभावना बढ़ेगी।