यूपी में 'बड़े मंत्रियों' से त्रस्त 18 छोटे मंत्री
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अखिलेश सरकार के संक्षिप्त कैबिनेट विस्तार के तुरंत बाद के 18 राज्यमंत्रियों ने समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव से मिलकर काम दिलाने की मांग की।
उन्होंने कहा, वे ऐसे मिनिस्टर हैं, जिनके पास न तो फाइलें आती हैं और न ही कोई काम या अधिकार हैं। खबर यह भी है कि उन्होंने सपा सुप्रीमो से कैबिनेट मंत्रियों के खराब रवैये की भी शिकायत की है।
उन्होंने मुलायम से कहा है कि कैबिनेट मंत्री उन्हें काम नहीं देते और इस रवैये की वजह से राज्य के अफसर भी उन्हें तवज्जो नहीं देते। यहां तक कि कर्मचारी भी उन्हें भाव नहीं देते।
वे शुक्रवार को ही काम का बंटवारा चाहते थे लेकिन मुलायम सिंह यादव ने उन्हें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने की सलाह दी।
सभी राज्यमंत्री मुख्यमंत्री से मिलने उनके कालीदास मार्ग स्थित निवास पहुंचे लेकिन उनकी व्यवस्तता के चलते बैरंग लौटना पड़ा।
कुछ राज्यमंत्री बृहस्पतिवार को काम दिलाने के सिलसिले में पार्टी मुख्यालय में सपा मुखिया से मिले थे। मुलायम ने बातचीत के लिए उन्हें शुक्रवार को बुलाया था।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद साढ़े ग्यारह बजे तक 18 राज्यमंत्री सपा मुख्यालय पहुंच गए थे। राज्यमंत्री महबूब अली ने बात शुरू की। कहा कि उनसे बुधवार को भी मिले थे। राज्यमंत्रियों के पास काम नहीं है। उन्हें काम दिलाइए।
इसके बाद एक-एक कर अधिकांश मंत्रियों ने अपनी बात रखी। कहा, कैबिनेट मंत्रियों ने कोई काम नहीं दे रखा है। न फाइलें आती हैं और न ही नीतिगत मामलों में उनकी राय ली जाती है। अधिकार भी नहीं हैं।
एक ने तो यहां तक कहा कि राज्यमंत्री से बेहतर तो वे विधायक ही थे। तब अफसरों के पास काम के लिए जाने में प्रोटोकॉल आड़े नहीं आता था। क्षेत्र के लोगों की अपेक्षाएं बहुत हैं लेकिन मौजूदा हालात में वे उन्हें पूरा करने की स्थिति में नहीं हैं।
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करीब 40 मिनट की मीटिंग में राज्यमंत्रियों का इस बात पर पूरा जोर था कि मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों को बुलाकर आज ही काम का बंटवारा कर दिया जाए। मुलायम सिंह यादव ने पहले तो मामले को टालने की कोशिश की।
कहा, कल बात हो तो गई थी, अब क्या कहना है। राज्यमंत्रियों के दबाव डालने पर उन्होंने कहा कि काम का बंटवारा इस तरह नहीं होगा। कैबिनेट मंत्रियों को विश्वास में लेना पड़ेगा।
उन्होंने बैठक के बीच से ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को फोन किया। कहा कि दो-दो, चार-चार राज्यमंत्रियों से मिलकर उन्हें कुछ काम दिलवाएं।
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मुलायम सिंह से मिलकर सभी इस उम्मीद से मुख्यमंत्री से मिलने उनके 5, कालीदास मार्ग स्थित आवास पर पहुंचे कि नेताजी ने उनसे टेलीफोन पर बात कर ली है, कुछ तो समाधान निकलेगा।
उन्होंने सीएम से मिलने के लिए करीब 20-25 मिनट इंतजार किया। वह किसकी मीटिंग में व्यवस्त थे। बाद में सभी मुख्यमंत्री से मिले बगैर चले गए।
राज्यमंत्रियों ने निजी बातचीत में माना कि मुलायम सिंह से बातचीत में काम का बंटवारा एकमात्र मुद्दा था लेकिन सार्वजनिक तौर पर कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।
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