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परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता रखने के लिए प्रदेश सरकार ने गठित की उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति
Sat, 14 Dec 2019 05:49 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 14 Dec 2019 05:49 PM IST
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डॉ. दिनेश शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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परीक्षा प्रणाली की शुचिता पर प्रश्नचिन्ह लगाने वाली घटनाओं को उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।
आईआईटी कानपुर के उप निदेशक मणीन्द्र अग्रवाल, लखनऊ अ0क0प्रा0वि0 के कुलपति विनय कुमार पाठक और कपिलवस्तु, सिद्धार्थ नगर विश्वविद्यालय के कुलपति सुरेन्द्र दुबे को रखा गया है।
यह समिति मुख्य रूप से प्रश्न-पत्र बनाने, मॉडरेशन प्रक्रिया और मूल्यांकन कार्य को नवीनतम तकनीक से लैस करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को नगण्य रखने की प्रणाली विकसित करने पर सुझाव देगी।
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समिति की संस्तुतियां एक माह के भीतर प्राप्त हो जाएंगी। बता दें कि पिछले दिनों प्रदेश के एक विश्वविद्यालय में प्रश्न-पत्र लीक होने की घटना को देखते हुए यह कदम उठाए गए हैं।
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आईआईटी कानपुर के उप निदेशक मणीन्द्र अग्रवाल, लखनऊ अ0क0प्रा0वि0 के कुलपति विनय कुमार पाठक और कपिलवस्तु, सिद्धार्थ नगर विश्वविद्यालय के कुलपति सुरेन्द्र दुबे को रखा गया है।
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यह समिति मुख्य रूप से प्रश्न-पत्र बनाने, मॉडरेशन प्रक्रिया और मूल्यांकन कार्य को नवीनतम तकनीक से लैस करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को नगण्य रखने की प्रणाली विकसित करने पर सुझाव देगी।
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समिति की संस्तुतियां एक माह के भीतर प्राप्त हो जाएंगी। बता दें कि पिछले दिनों प्रदेश के एक विश्वविद्यालय में प्रश्न-पत्र लीक होने की घटना को देखते हुए यह कदम उठाए गए हैं।