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माली, मिस्त्री, मैकेनिक, चालक जैसे पदों की नई भर्ती पर रोक की तैयारी में योगी सरकार
Tue, 08 Oct 2019 12:46 AM IST
Amulya Rastogi
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 08 Oct 2019 12:46 AM IST
सार
- रिक्त होने वाले पदों पर नियमित कर्मी की भर्ती की जगह आउटसोर्सिंग से काम लेने की योजना
- पुलिस व चिकित्सा विभाग को छोड़ अन्य विभागों में नए पद सृजन पर भी रोक लगाने की तैयारी
- खर्चों में कटौती व मितव्ययिता के लिए हर स्तर पर समीक्षा कर रही सरकार, नए निर्देश जल्द
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विस्तार
प्रदेश सरकार चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के साथ-साथ विशिष्ट तकनीकी कार्य के लिए सृजित माली, मिस्त्री, मैकेनिक, प्लंबर जैसे कई पदों पर नई नियुक्तियां रोकने पर विचार कर रही है। साथ ही चिकित्सा एवं पुलिस को छोड़कर अन्य विभागों में नए पदों के सृजन पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा खर्चों में कटौती के लिए सरकार अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने की तैयारी है।
सूत्रों ने बताया कि सरकार संसाधनों का अधिकतम उपयोग विकास कार्यों में करने, सरकारी खर्चों में फिजूलखर्ची रोकने और कंप्यूटरीकरण की वजह से सरकारी सिस्टम में जहां भी मानव संपदा की कमी संभव है, उसे चिह्नित कर कम करने पर विचार कर रही है।
पूर्व में इस तरह के निर्णय कई बार हुए, पर ठीक से अमल नहीं हुआ। सूत्र के मुताबिक चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियमित भर्ती पर रोक पहले से है। मौजूदा सरकार विशिष्ट तकनीकी कार्यों के लिए सृजित वाहन चालक, माली, वायरमैन, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मिस्त्री, लिफ्टमैन, एसी मैकेनिक की सभी सेवाएं आउटसोर्सिंग से कराने की छूट देने की योजना है।
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अपरिहार्य होने पर कार्यों को वाह्य एजेंसी या सेवा प्रदाता आदि से इस शर्त पर कांट्रैक्ट कर भर्तियां करने का विकल्प दिया जा सकता है कि आउटसोर्सिंग के लिए विभाग वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट की सीमा से अधिक खर्च नहीं करेंगे। इसके लिए पुनर्विनियोग जैसे कदम भी नहीं उठाए जा सकेंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव जल्द ही निर्देश जारी कर सकते हैं।
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सूत्रों ने बताया कि सरकार संसाधनों का अधिकतम उपयोग विकास कार्यों में करने, सरकारी खर्चों में फिजूलखर्ची रोकने और कंप्यूटरीकरण की वजह से सरकारी सिस्टम में जहां भी मानव संपदा की कमी संभव है, उसे चिह्नित कर कम करने पर विचार कर रही है।
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पूर्व में इस तरह के निर्णय कई बार हुए, पर ठीक से अमल नहीं हुआ। सूत्र के मुताबिक चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियमित भर्ती पर रोक पहले से है। मौजूदा सरकार विशिष्ट तकनीकी कार्यों के लिए सृजित वाहन चालक, माली, वायरमैन, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मिस्त्री, लिफ्टमैन, एसी मैकेनिक की सभी सेवाएं आउटसोर्सिंग से कराने की छूट देने की योजना है।
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अपरिहार्य होने पर कार्यों को वाह्य एजेंसी या सेवा प्रदाता आदि से इस शर्त पर कांट्रैक्ट कर भर्तियां करने का विकल्प दिया जा सकता है कि आउटसोर्सिंग के लिए विभाग वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट की सीमा से अधिक खर्च नहीं करेंगे। इसके लिए पुनर्विनियोग जैसे कदम भी नहीं उठाए जा सकेंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव जल्द ही निर्देश जारी कर सकते हैं।
सलाहकार व अध्यक्ष के साथ नियमित की जगह लगाएंगे सरप्लस स्टाफ
विभिन्न विभागों में सलाहकार, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सदस्य आदि अस्थायी पदों पर नियुक्तियां की जाती हैं। इन पदों के लिए सहयोगी स्टाफ की व्यवस्था के लिए पद सृजन पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव है। इन महानुभावों के सहयोगी स्टाफ की व्यवस्था सरप्लस स्टाफ या आउटसोर्सिंग से करने की अनुमति देने का विचार है।
फर्नीचर, साज-सज्जा पर फिजूलखर्ची भी रोकेंगे
शासन से विभागाध्यक्ष कार्यालयों तक एकअफसर के जाने के बाद दूसरे के आते ही फर्नीचर से लेकर सोफा, कुर्सी व अन्य साज-सज्जा नए सिरे से किए जाने की रवायत है। केवल इस कारण कि अधिकारी बदल गया है, नया फर्नीचर व साज-सज्जा की व्यवस्था पर रोक लगाने की तैयारी है।वाहन व ईंधन के दुरुपयोग पर भी नजर
वाहन के रखरखाव व पेट्रोल-डीजल पर होने वाली फिजूलखर्ची रोकी जाएगी। निजी वाहन व सरकारी वाहन के ईंधन खपत में अंतर की बात जब-तब चर्चा का विषय बनती रही है। वाहन अनुरक्षण व ईंधन पर स्वीकृत खर्च किसी भी दशा में न बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसी तरह यदि सरकारी काम के लिए टैक्सी अनुबंध पर लेने का प्रस्ताव है तो तय प्रक्रिया अपनाकर ही ली जाएगी। किसी भी परिस्थिति में निजी वाहन को अनुबंध पर नहीं लिया जा सकेगा। पंजीकृत टैक्सी वाहन ही लिए जाएंगे।